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UPSC Prelims 2024 Answer Key with Detailed Solution

शॉर्ट न्यूज़ : 10 जून , 2024

शॉर्ट न्यूज़ : 10 जून , 2024


वैश्विक शहर सूचकांक2024

जलवायु परिवर्तन के कारण पनामा में विस्थापन

थिसमिया मलयाना


वैश्विक शहर सूचकांक2024

स्वतंत्र आर्थिक सलाहकार फर्म ‘आक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स’ ने ‘वैश्विक शहर सूचकांक, 2024’ जारी किया।

सूचकांक के प्रमुख निष्कर्ष 

  • इस सूचकांक में दुनिया के 163 देशों के 1,000 सबसे बड़े शहरों को शामिल किया गया है। 
  • इन शहरों में से उत्तरी अमेरिका, पश्चिमी यूरोप एवं ओशिनिया के शहरों ने प्राय: सभी श्रेणियों में उच्च स्कोर के साथ सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। हालाँकि, प्रदर्शन में क्षेत्रीय भिन्नता है। 
  • यह सूचकांक 5 श्रेणियों के अधार पर रैंकिंग प्रदान करता है : 
  1. अर्थव्यवस्था
  2. मानव पूंजी 
  3. जीवन की गुणवत्ता 
  4. पर्यावरण 
  5. शासन 

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  • ये 1,000 सबसे बड़े शहर वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का 60% और वैश्विक जनसंख्या का 30% हिस्सा हैं।
  • वैश्विक शहरों के सूचकांक के अनुसार शीर्ष 10 शहर इस प्रकार हैं : न्यूयॉर्क (अमेरिका), लंदन (यूनाइटेड किंगडम), सैन जोस (अमेरिका), टोक्यो (जापान), पेरिस (फ्रांस), सिएटल (अमेरिका), लॉस एंजिल्स (अमेरिका), सैन फ्रांसिस्को (अमेरिका), मेलबर्न (ऑस्ट्रेलिया), ज्यूरिख (स्विट्जरलैंड)।

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  • इनमें से करीब तीन-चौथाई शहर शीर्ष 22 देशों में शामिल हैं, जिनमें कम-से-कम 10 बड़े शहर हैं। एक-तिहाई शहर शीर्ष तीन देशों से हैं : चीन (159 शहर), संयुक्त राज्य अमेरिका (92 शहर) और भारत (91 शहर)।

    सूचकांक में भारतीय शहरों की स्थिति

    • वैश्विक शहर सूचकांक के शीर्ष 1000 शहरों में भारत के कुल 91 शहर शामिल हैं। हालाँकि, भारतीय शहरों की औसत रैंकिंग बहुत कम है।
    • भारतीय शहरों की कम औसत रैंकिंग मानव पूंजी में अत्यधिक कमी, जीवन की खराब गुणवत्ता एवं पर्यावरण संकेतकों के कारण है।
    • भारतीय शहरों में शीर्ष 10 रैंक वाले शहर : 
      • दिल्ली (350)
      •  बेंगलुरु (411)
      •  मुंबई (427) 
      • चेन्नई (472)
      • कोच्चि (521)
      •  कोलकाता (528)
      •  पुणे (534)
      •  त्रिशूर (550)
      •  हैदराबाद (564)
      • कोझीकोड (580)

    जलवायु परिवर्तन के कारण पनामा में विस्थापन

    प्रमुख बिंदु 

    • जलवायु परिवर्तन के कारण कैरिबियन सागर में स्थित पनामा के द्वीप ‘गार्डी सुगडब (Gardi Sugdub)’ के लगभग 300 गुना (Guna) परिवार जलवायु परिवर्तन के कारण विस्थापन का सामना कर रहे हैं। 
    • गार्डी सुगडब, गुना याला (Guna Yala) क्षेत्र के द्वीपसमूह में स्थित लगभग 50 द्वीपों में से एक है। 
    • आने वाले दशकों में पनामा के प्रशांत एवं कैरिबियन तटों पर लगभग 63 समुदायों को इसी तरह की स्थिति का सामना करना पड़ेगा।

    Gardi-Sugdub 

    गार्डी सुगडब द्वीप की चुनौतियां  

    • लगातार बढ़ता जल स्तर
    • खारे पानी के प्रवेश से मीठे पानी के भंडार में समस्या
    • बार-बार आने वाली बाढ़  

    थिसमिया मलयाना

    वन अनुसंधान संस्थान-मलेशिया (FRIM) के शोधकर्ताओं ने भूमिगत कवक से पोषक तत्व निष्कर्षित करने (चुराने) वाले एक विशिष्ट पौधे की एक नई प्रजाति की खोज की है।

    थिसमिया मलयाना (Thismia Malayana) के बारे में 

    • प्रायद्वीपीय मलेशिया के उष्णकटिबंधीय वर्षावनों में खोजा गया थिसमिया मलयाना ‘माइकोहेट्रोट्रोप्स (Mycoheterotrophs)’ नामक पौधों के समूह से संबंधित है। 
    • अधिकांश पौधों के विपरीत माइकोहेटेरोट्रोफ्स प्रकाश संश्लेषण क्रिया नहीं करते हैं। इसके बजाए ये परजीवी के रूप में कार्य करते हैं और अपनी जड़ों पर कवक से कार्बन संसाधनों को निष्कर्षण करते हैं।
    • इनका अनुकूलन माइकोराइजल सहजीवन से संबंधित है जो आमतौर पर कवक एवं पौधे की जड़ प्रणाली के बीच एक पारस्परिक रूप से लाभकारी संबंध होता है।
    • यह नई खोजी गई प्रजाति घने जंगल की निम्न प्रकाश वाली परिस्थितियों में पनपती है, जहां इसके अत्यधिक विशिष्ट फूलों का परागण कवक एवं अन्य छोटे कीटों द्वारा होता है।
    • यह असामान्य पौधा लगभग 2 सेमी. लंबा होता है और प्राय: पत्तों के ढेर में छिपा हुआ रहता है और वृक्षों की जड़ों या पुराने सड़े हुए जैव-सामग्रियों के पास उगता है। 
    • अपने छोटे आकार के बावजूद थिसमिया मलायाना पर्यावरणीय परिवर्तनों के प्रति अत्यधिक संवेदनशील है। 
    • इसे IUCN रेड लिस्ट मानदंडों के अनुसार सुभेद्य (Vulnerable) के रूप में वर्गीकृत किया गया है।  
    • इसका सीमित वितरण एवं पैदल यात्राओं के दौरान रौंदे जाने का संभावित खतरा रहता है।

    Vulnerable


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