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हमारा उद्देश्य

‘संस्कृति IAS’ की स्थापना का मूल उद्देश्य ‘सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के लिये एक बेहतर परिवेश उपलब्ध कराना’ है। सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से देश की प्रतिष्ठित प्रशासनिक सेवाओं, जैसे कि आई.ए.एस. और आई.पी.एस. के लिये योग्य प्रशासकों का चयन किया जाता है। ‘संस्कृति IAS’ का उद्देश्य इन सेवाओं की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों को अपने कक्षा कार्यक्रम, अध्ययन-सामग्री और जाँच परीक्षाओं के माध्यम से परीक्षा के लिये सर्वश्रेष्ठ रूप से तैयार करना है ताकि समर्पित भाव से तैयारी करने वाला कोई भी उम्मीदवार सिविल सेवक बनने के अपने सपने को साकार कर सके।

हमारा नज़रिया

सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के लिये एक बेहतर माहौल निर्मित करने के लिये ‘संस्कृति IAS’ ने तीन मूलभूत पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया है: बेहतर कक्षा कार्यक्रम, उत्कृष्ट अध्ययन-सामग्री और श्रेष्ठ प्रबंधन।

कक्षा कार्यक्रम : कक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत अध्यापक और क्लासरूम व्यवस्था शामिल हैं। ‘संस्कृति IAS’ के सभी अध्यापक अपने-अपने विषय के विशेषज्ञ एवं प्रतिष्ठित शिक्षक हैं। सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर चुके या तैयारी में संलग्न अभ्यर्थियों के बीच सभी अध्यापकों को अध्यापन एवं विश्वसनीयता के पर्याय के रूप में पहचाना जाता है। संस्थान के सभी शिक्षक विगत एक-डेढ़ दशक से सिविल सेवा अभ्यर्थियों का मार्गदर्शन कर रहे हैं, और आज अपने-अपने विषय में अध्यापन के लिये अभ्यर्थियों के बीच सर्वाधिक लोकप्रिय एवं भरोसेमंद हैं।

अध्यापन शैली : एक सामान्य शिक्षक और उत्कृष्ट अध्यापक के बीच मूल अंतर अध्यापन शैली का होता है। संस्कृति IAS के सभी अध्यापक अगर आज विद्यार्थियों के बीच सर्वाधिक भरोसेमंद और लोकप्रिय हैं, तो उसकी मुख्य वजह है, इन अध्यापकों की अपने-अपने विषय को पढ़ाने की अध्यापन शैली। किसी भी विषय की कक्षा की शुरुआत में, सर्वप्रथम सामान्य बोल-चाल के लहज़े में विद्यार्थियों को उस विषय का सामान्य परिचय कराया जाता है। फिर, एक बार जब विद्यार्थी उस विषय के साथ अपना मानसिक सामंजस्य स्थापित कर लेते हैं तब उस विषय का अध्यायवार ढंग से अध्यापन शुरू होता है। किसी भी अध्याय की कक्षा से एक दिन पहले उससे संबंधित अध्ययन-सामग्री/नोट्स विद्यार्थियों में वितरित कर दिया जाता है, ताकि कक्षा शुरू होने से पहले विद्यार्थी अपने स्तर पर उसकी सामान्य समझ विकसित कर सकें। प्रत्येक कक्षा की शुरुआत में सवर्प्रथम अध्यापक सम्बंधित टॉपिक के बारे में विद्यार्थियों को विस्तार से समझाते हुए विभिन्न आयामों का विश्लेषण करते हैं। विद्यार्थियों को कोई भी टॉपिक सर्वश्रेष्ठ तरीके से समझ आ सके इसके लिये प्रोजेक्टर का उपयोग किया जाता है ताकि प्रोजेक्टर के माध्यम से किसी भी टॉपिक से सम्बंधित वीडियो, स्लाइड्स तथा फिल्मों को दिखाकर विद्यार्थियों को सम्बंधित विषय की घटनाओं, अवधारणाओं और सिद्धांतों को व्यावहारिक रूप से समझाया जा सके।

क्लासरूम व्यवस्था : चूँकि क्लासरूम के अंदर विद्यार्थी को लगभग 3 घण्टे तक एकाग्रचित होकर कक्षा लेनी होती है, अतः क्लासरूम में विद्यार्थी के लिये हर आवश्यक सुविधा की उपलब्धता अनिवार्य है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए क्लासरूम में और उसके आस-पास विद्यार्थियों के लिये आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। नियमित रूप से अध्ययन-सामग्री के वितरण और उत्तर-लेखन की जाँच के लिये नोट्स काउंटर की व्यवस्था है। यहाँ से विद्यार्थी अपनी अध्ययन सामग्री प्राप्त करते हैं और उत्तर-लेखन अभ्यास के लिये अपने प्रश्नोत्तर को जमा करते हैं और बताए गए समय पर यहीं से वापस प्राप्त करते हैं।

अध्ययन सामग्री : एक बेहतर कक्षा कार्यक्रम के साथ परीक्षा के दृष्टिकोण से पूर्णतः उपयोगी और गुणवत्तापूर्ण अध्ययन-सामग्री की उपलब्धता विद्यार्थी की तैयारी को समग्रता प्रदान करते हैं। ‘संस्कृति IAS’ में, कक्षा में अध्यापक के पढ़ाने के साथ-साथ विद्यार्थियों को प्रत्येक विषय के लिये नियमित समय पर अध्यायवार ढंग से अध्ययन-सामग्री उपलब्ध कराई जाती है। अध्ययन-सामग्री तैयार करने के लिये संस्थान के पास एक योग्य कंटेन्ट टीम है। इस टीम में सिविल सेवा मुख्य परीक्षा एवं साक्षात्कार का अनुभव रखने वाले योग्य एवं दक्ष कंटेन्ट लेखक शामिल हैं। अध्ययन-सामग्री को पूर्णतः सिविल सेवा परीक्षा के पाठ्यक्रम और विगत 10 वर्षों के प्रश्नपत्रों के अनुरूप तैयार किया गया है। प्रत्येक विषय की अध्ययन-सामग्री को परम्परागत (Traditional) खंडों के साथ-साथ समसामयिक (Current affairs) पहलुओं/आयामों के समुचित समायोजन से तैयार किया गया है। अतः विषयवस्तु के दृष्टिकोण से प्रत्येक विषय की अध्ययन-सामग्री गुणवत्तापूर्ण एवं अद्यतन (Updated) है।

किसी भी अध्ययन-सामग्री को एक निश्चित समयावधि के पश्चात अद्यतन करने की आवश्यकता होती है, अतः कंटेन्ट टीम प्रत्येक अध्याय (Topic) की कक्षा से पूर्व उसे पूरी तरह से अद्यतन कर देती है। अध्ययन-सामग्री के गुणवत्तापूर्ण होने के बावजूद उसका अधिकतम उपयोग विद्यार्थियों के लिये हमेशा एक चुनौतीपूर्ण कार्य होता है, क्योंकि उसे नियमित रूप से रिवाइज़ करने की ज़रूरत होती है; परन्तु एक समय के बाद जब तीन-चार या अधिक विषयों की क्लास पूरी हो जाएगी तो उसे एक-साथ रिवाइज़ करना एक दुष्कर कार्य होगा। विद्यार्थियों की इसी व्यावहारिक चुनौती को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक विषय की अध्ययन-सामग्री में आवश्यकतानुसार सिनॉप्सिस (Synopsis) शामिल किये गए हैं, ताकि एक बार किसी भी अध्याय को दो-तीन बार रिवाइज़ करके पुनः पढ़ाई करने पर उसे पूरा न पढ़ना पड़े, बल्कि सिनॉप्सिस की मदद से अल्प-अवधि में भारी-भरकम विषय को भी रिवाइज़ किया जा सके।

क्लास टेस्ट : कक्षा कार्यक्रम के साथ-साथ, प्रत्येक विषय की क्लास में लगभग 20 दिनों की निर्धारित समयावधि के पश्चात क्लास टेस्ट भी आयोजित किये जाते हैं। सभी क्लास टेस्ट (प्रारंभिक एवं मुख्य परीक्षा से सम्बंधित) पूर्णतः सिवल सेवा परीक्षा के पैटर्न के अनुरूप ही आयोजित किये जाते हैं तथा उनका मूल्यांकन संघ लोक सेवा आयोग (यू.पी.एस.सी.) के मापदंडों के अनुरूप ही होता है।

श्रेष्ठ एवं कुशल प्रबंधन : कोई भी संगठन बिना बेहतर प्रबंधन के लम्बे समय तक सफलतापूर्वक संचालित नहीं हो सकता। प्रबंधन के इस महत्त्व को समझते हुए संस्कृति IAS की पूरी टीम ने विद्यार्थियों की हर स्तर की आवश्यकता के अनुरूप एक प्रशिक्षित एवं दक्ष प्रबंधन स्थापित किया है। प्रबंधन की कार्यशैली को देखकर कोई भी अभिभावक या विद्यार्थी इस बात को भलीभाँति समझ सकता है कि संस्कृति IAS विद्यार्थियों के लिये पूर्णतः समर्पित किस तरह है।  संस्कृति IAS का मूल ध्येय ही है- “सिविल सेवा परीक्षा में चयनित होने का सपना लिये हमारे यहाँ आने वाले प्रत्येक विद्यार्थी के सपने को साकार करने के लिये हरसम्भव प्रयास करना”।

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