चर्चा में क्यों?
हाल ही में लक्षद्वीप को 100 प्रतिशत साक्षर केंद्रशासित प्रदेश घोषित किया गया। एक आधिकारिक सूचना के अनुसार, प्रशासक प्रफुल्ल पटेल ने यह घोषणा की। इसके साथ ही लक्षद्वीप ने ‘उल्लास - नव भारत साक्षरता कार्यक्रम’ के अंतर्गत पूर्ण साक्षरता का दर्जा हासिल कर लिया है।
प्रमुख बिंदु
- शिक्षा विभाग के अनुसार, प्रारंभिक सर्वेक्षण में द्वीपसमूह में 1,113 वयस्क निरक्षरों की पहचान की गई थी। इसके बाद चिह्नित शिक्षार्थियों को बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक कौशल प्रदान करने के लिए गहन शिक्षण और मूल्यांकन अभियान चलाए गए। विभाग ने बताया कि सभी पात्र शिक्षार्थियों ने बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मकता मूल्यांकन परीक्षा (FLNAT) सफलतापूर्वक उत्तीर्ण कर ली। इसके परिणामस्वरूप, केंद्र प्रायोजित योजना ‘उल्लास’ के तहत लक्षद्वीप को पूर्ण साक्षरता का दर्जा प्राप्त हुआ।
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नव भारत साक्षरता कार्यक्रम (उल्लास) के बारे में
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की सिफारिशों के अनुसार, भारत सरकार ने "नवभारत साक्षरता कार्यक्रम" नामक एक केंद्र प्रायोजित योजना शुरू की, जिसे आमतौर पर ‘ उल्लास’ के नाम से जाना जाता है।
- यह योजना वर्ष 2022 से 2027 तक की पाँच वर्षों की अवधि के लिए चलाई जा रही है।
- इस योजना का मुख्य उद्देश्य 15 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी वयस्कों को, जिन्हें अब तक शिक्षा प्राप्त करने का अवसर नहीं मिला है उन्हें सशक्त बनाना है, ताकि वे देश के विकास में योगदान दे सकें।
- यह योजना न केवल शिक्षार्थियों को पढ़ने, लिखने और गणना कौशल प्राप्त करने का अवसर देती है, बल्कि उन्हें महत्वपूर्ण जीवन कौशलों की समझ से भी समृद्ध बनाती है और उन्हें आजीवन सीखने के लिए प्रोत्साहित भी करती है।
- इसके अतिरिक्त, शिक्षार्थियों को प्रोत्साहित किया जाता है कि वे DIKSHA पोर्टल पर "Education for All" वर्टिकल तथा ULLAS मोबाइल ऐप के माध्यम से क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध सामग्री तक अपनी पहुँच बनाएं।
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- वस्तुतः जो शिक्षार्थी निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर जाने में असमर्थ थे या वहाँ जाने में संकोच कर रहे थे, उनके लिए शिक्षकों और पर्यवेक्षकों ने स्वेच्छा से घर-घर जाकर मूल्यांकन किया। इसके अतिरिक्त, सभी पात्र शिक्षार्थियों की मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी सुनिश्चित करने के लिए अनुवर्ती मूल्यांकन और पुनः परीक्षाओं का भी आयोजन किया गया।
लक्षद्वीप के बारे में
भौगोलिक स्थिति:
- लक्षद्वीप भारत का सबसे छोटा केंद्रशासित प्रदेश है।
- यह 36 द्वीपों का एक द्वीपसमूह है, जो अपने हरे-भरे प्राकृतिक परिदृश्य, समुद्र तटों और प्रवाल भित्तियों के लिए प्रसिद्ध है।
- ‘लक्षद्वीप’ शब्द का अर्थ मलयालम और संस्कृत में ‘एक लाख द्वीप’ है।
- इसकी राजधानी कवरत्ती है।

जलवायु:
- लक्षद्वीप की जलवायु उष्णकटिबंधीय है।
- यहाँ औसत तापमान लगभग 27°C से 32°C के बीच रहता है।
- अप्रैल और मई सबसे गर्म महीने होते हैं।
- जून से अक्टूबर तक दक्षिण-पश्चिम मानसून सक्रिय रहता है।
- यहाँ औसत सापेक्ष आर्द्रता लगभग 70–75% रहती है।
- वर्ष में औसतन 80–90 दिन वर्षा होती है।
- अक्टूबर से मार्च तक का समय सामान्यतः द्वीपों की यात्रा के लिए अनुकूल माना जाता है।
जनसांख्यिकी:
- जनगणना 2011 के अनुसार, लक्षद्वीप की कुल जनसंख्या 64,473 थी।
- वर्ष 2001 में यहाँ की जनसंख्या लगभग 60 हजार थी।
- वर्ष 2011 में पुरुषों की संख्या 33,123 तथा महिलाओं की संख्या 31,350 थी।
वनस्पति:
- लक्षद्वीप में केले, कोलोकैसिया, सहजन, कटहल, जंगली बादाम और ब्रेडफ्रूट जैसे पौधे पाए जाते हैं।
- यहाँ की अन्य प्रमुख वनस्पतियों में कन्नी, पुन्ना, चावोक और चेरानी शामिल हैं।
- नारियल लक्षद्वीप की प्रमुख आर्थिक फसल है।
- यहाँ नारियल की विभिन्न किस्में पाई जाती हैं, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था और आजीविका में महत्त्वपूर्ण योगदान देती हैं।
संस्कृति एवं विरासत:
- कोलकली और परिचकली लक्षद्वीप के प्रमुख पारंपरिक लोक कला रूप हैं।
- मिनिकॉय द्वीप पर लावा नृत्य विशेष रूप से लोकप्रिय है।
- यहाँ स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस के साथ-साथ ईद-उल-फितर, ईद-उल-अजहा (बकरीद), मिलाद-उन-नबी और मुहर्रम जैसे त्योहार मनाए जाते हैं।
- लक्षद्वीप की संस्कृति में पारंपरिक लोक कलाओं, सामुदायिक उत्सवों और धार्मिक परंपराओं का विशेष स्थान है।