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Final Result - UPSC CSE Result, 2025 GS Foundation (P+M) - Delhi : 23rd March 2026, 11:30 AM Navratri offer UPTO 75% + 10% Off | Valid till 26th March GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 17th March 2026 Final Result - UPSC CSE Result, 2025 GS Foundation (P+M) - Delhi : 23rd March 2026, 11:30 AM Navratri offer UPTO 75% + 10% Off | Valid till 26th March GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 17th March 2026

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित मुख्य परीक्षा का पाठ्यक्रम

  • प्रारम्भिक परीक्षा में सफल हुए अभ्यर्थियों के लिये मुख्य परीक्षा का आयोजन आयोग द्वारा निर्धारित विभिन्न केन्द्रों पर किया जाता है। 
  • मुख्य परीक्षा के अंतर्गत कुल-8 प्रश्नपत्र होते हैं।
    • सामान्य अध्ययन के 6 प्रश्नपत्र तथा सामान्य हिंदी एवं निबंध के एक – एक प्रश्नपत्र। 
    • प्रत्येक प्रश्नपत्र को हल करने के लिए अधिकतम 3 घंटे का समय निर्धारित होता है। 
  • मुख्य परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को आयोग के समक्ष साक्षात्कार के लिये उपस्थित होना होता है।
  • मुख्य परीक्षा एवं साक्षात्कार में प्राप्त किये गए अंकों के योग के आधार पर अंतिम रूप से मेरिट लिस्ट बनती है।

मुख्य परीक्षा की वर्तमान प्रणाली इस प्रकार है-

प्रश्नपत्र-1

सामान्य हिंदी

150 अंक

प्रश्नपत्र-2 

निबंध (निबंध हिंदी, अंग्रेजी अथवा उर्दू में लिखा जा सकता है।)

150 अंक

प्रश्नपत्र-3

सामान्य अध्ययन-1(भारतीय विरासत और संस्कृति, विश्व का इतिहास एवं भूगोल तथा समाज)

200 अंक

प्रश्नपत्र-4

सामान्य अध्ययन-2(शासन व्यवस्था, संविधान, राजव्यवस्था, सामाजिक न्याय तथा अंतर्राष्ट्रीय संबंध)

200 अंक

प्रश्नपत्र-5

सामान्य अध्ययन-3(प्रौद्योगिकी, आर्थिक विकास, जैव-विविधता, पर्यावरण, सुरक्षा तथा आपदा- प्रबंधन)

200 अंक

प्रश्नपत्र-6

सामान्य अध्ययन-4 (नीतिशास्त्र, सत्यनिष्ठा और अभिवृत्ति)

200 अंक

प्रश्नपत्र-7

सामान्य अध्ययन-5 (उत्तर प्रदेश स्पेशल)

200 अंक

प्रश्नपत्र-8 

सामान्य अध्ययन-6 (उत्तर प्रदेश स्पेशल)

200 अंक

उप-योग (लिखित परीक्षा)

1500 अंक

व्यक्तित्व परीक्षण

100 अंक

कुल योग

1600 अंक

निबंध

  • निबंध के प्रश्न पत्र में तीन खंड होते हैं। उम्मीदवारों को प्रत्येक खंड से एक विषय का चयन करना होता है और उन्हें प्रत्येक विषय की शब्द सीमा 700 शब्द होती है। तीन खंडों में, निबंध के विषय निम्नलिखित क्षेत्रों पर आधारित होते हैं -
    • खंड A - (1) साहित्य और संस्कृति (2) सामाजिक क्षेत्र (3) राजनीतिक क्षेत्र
    • खंड B - (1) विज्ञान, पर्यावरण और प्रौद्योगिकी (2) आर्थिक क्षेत्र (3) कृषि, उद्योग और व्यापार
    • खंड C - (1) राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय घटनाएँ (2) प्राकृतिक आपदाएँ, भूस्खलन, भूकंप, सुनामी, सूखा आदि। (3) राष्ट्रीय विकास कार्यक्रम और परियोजनाएँ

सामान्य हिंदी

  1. दिये गए गद्य खण्ड का अवबोध एवं प्रश्नोत्तर।
  2. संक्षेपण।
  3. सरकारी एवं अर्धसरकारी पत्र लेखन, तार लेखन, कार्यालय आदेश, अधिसूचना, परिपत्र।
  4. शब्द ज्ञान एवं प्रयोग।
    • उपसर्ग एवं प्रत्यय प्रयोग
    • शब्द समूह के लिये एक शब्द
    • वर्तनी एवं वाक्य शुद्धि
    • विलोम शब्द
  5. लोकोक्ति एवं मुहावरे।

सामान्य अध्ययन-I

  1. भारतीय संस्कृति में प्राचीन काल से आधुनिक काल तक के कला के रूप, साहित्य और वास्तुकला के मुख्य पहलू।
  2. आधुनिक भारतीय इतिहास 1757 ई से लेकर 1947 ई तक  - महत्त्वपूर्ण घटनाएँ, व्यक्तित्व, मुद्दे आदि।
  3. स्वतंत्रता संग्राम- इसके विभिन्न चरण और देश के विभिन्न भागों से इसमें अपना योगदान देने वाले महत्त्वपूर्ण व्यक्ति व उनका योगदान।
  4. स्वतंत्रता के पश्चात् देश के अंदर एकीकरण और पुनर्गठन।
  5. विश्व के इतिहास में 18वीं सदी तथा बाद की घटनाएँ यथा औद्योगिक क्रांति, विश्व युद्ध, राष्ट्रीय सीमाओं का पुनःसीमांकन, उपनिवेशवाद, उपनिवेशवाद की समाप्ति, राजनीतिक दर्शन जैसे साम्यवाद, पूंजीवाद, समाजवाद आदि शामिल होंगे, उनके रूप और समाज पर उनका प्रभाव।
  6. उत्तर प्रदेश के सन्दर्भ में विशिष्ट ज्ञान- इतिहास, संस्कृति, कला, वास्तुकला, त्योहार, लोक नृत्य, साहित्य, क्षेत्रीय भाषाएँ, विरासत, सामाजिक रीति-रिवाज और पर्यटन।
  7. भारतीय समाज की मुख्य विशेषताएँ, भारत की विविधता।
  8. महिलाओं की भूमिका और महिला संगठन, जनसंख्या एवं संबद्ध मुद्दे, गरीबी और विकासात्मक विषय, शहरीकरण, उनकी समस्याएँ और उनके समाधान।
  9. भारतीय समाज पर भूमंडलीकरण, उदारीकरण, निजीकरण  का प्रभाव।
  10. सामाजिक सशक्तीकरण, संप्रदायवाद, क्षेत्रवाद और धर्मनिरपेक्षता।
  11. विश्व के भौतिक भूगोल की मुख्य विशेषताएँ।
  12. भूकंप, सुनामी, ज्वालामुखीय हलचल, चक्रवात आदि जैसी महत्त्वपूर्ण भू-भौतिकीय घटनाएँ, भौगोलिक विशेषताएँ और उनके स्थान- अति महत्त्वपूर्ण भौगोलिक विशेषताओं (जल-स्रोत और हिमावरण सहित) और वनस्पति एवं प्राणिजगत में परिवर्तन और इस प्रकार के परिवर्तनों के प्रभाव।
  13. विश्व भर के मुख्य प्राकृतिक संसाधनों का वितरण (दक्षिण एशिया और भारतीय उपमहाद्वीप को शामिल करते हुए), विश्व (भारत सहित) के विभिन्न भागों में प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक क्षेत्र के उद्योगों को स्थापित करने के लिये ज़िम्मेदार कारक।
  14. भारत के महासागरीय संसाधन और उनकी क्षमता।
  15. भारतीय उपमहाद्वीप के संदर्भ में सीमा और सीमांत।
  16. मानव प्रवास- भारत सहित विश्व की शरणार्थी समस्या।
  17. जनसंख्या और बस्तियाँ- प्रकार और पैटर्न, शहरीकरण, स्मार्ट शहर और स्मार्ट गांव।
  18. उत्तर प्रदेश भूगोल का विशिष्ट ज्ञान- मानव और प्राकृतिक संसाधन, जलवायु, मिट्टी, वन, वन्यजीव, खान और खनिज, सिंचाई के विभिन्न स्रोत।

सामान्य अध्ययन-II

  1. भारतीय संविधान- ऐतिहासिक आधार, विकास, विशेषताएँ, संशोधन, महत्त्वपूर्ण प्रावधान और बुनियादी संरचना।
  2. संघ एवं राज्यों के कार्य तथा उत्तरदायित्व, संघीय ढाँचे से संबंधित विषय एवं चुनौतियाँ, स्थानीय स्तर पर शक्तियों और वित्त का हस्तांतरण और चुनौतियाँ।
  3. विभिन्न घटकों के बीच शक्तियों का पृथक्करण, विवाद निवारण तंत्र तथा संस्थान।
  4. भारतीय संवैधानिक योजना का अन्य देशों के साथ तुलनात्मक अध्धयन ।
  5. संसद और राज्य विधायिका- संरचना, कार्य, कार्य-संचालन, शक्तियाँ एवं विशेषाधिकार और संबंधित विषय।
  6. कार्यपालिका और न्यायपालिका की संरचना, संगठन और कार्य- सरकार के मंत्रालय एवं विभाग, दबाव समूह और औपचारिक व अनौपचारिक संघ तथा शासन प्रणाली में उनकी भूमिका।
  7. जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की मुख्य विशेषताएँ।
  8. विभिन्न संवैधानिक पदों पर नियुक्ति और विभिन्न संवैधानिक निकायों की शक्तियाँ, कार्य और उत्तरदायित्व।
  9. उत्तर प्रदेश के विशेष सन्दर्भ में राजनीतिक, प्रशासनिक, राजस्व और न्यायिक व्यवस्था का विशिष्ट ज्ञान।
  10. करेंट अफेयर्स और क्षेत्रीय, राज्य, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महत्व की घटनाएँ।
  11. सांविधिक, विनियामक और विभिन्न अर्द्ध-न्यायिक निकाय उनकी विशेषतायें और कार्य।
  12. शासन व्यवस्था, पारदर्शिता और जवाबदेही के महत्त्वपूर्ण पक्ष, ई-गवर्नेंस- अनुप्रयोग, मॉडल, सफलताएँ, सीमाएँ और संभावनाएँ; नागरिक चार्टर, पारदर्शिता एवं जवाबदेही और संस्थागत तथा अन्य उपाय।
  13. लोकतंत्र में सिविल सेवाओं की भूमिका।
  14. विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिये सरकारी नीतियां और हस्तक्षेप और उनके अभिकल्पन तथा कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न विषय।
  15. विकास प्रक्रिया - गैर-सरकारी संगठनों, स्वयं सहायता समूहों, विभिन्न समूहों और संघों, दानकर्त्ताओं, लोकोपकारी संस्थाओं, संस्थागत एवं अन्य हितधारकों की भूमिका।
  16. केंद्र एवं राज्यों द्वारा जनसंख्या के अति संवेदनशील वर्गों के लिये कल्याणकारी योजनाएँ और इन योजनाओं का कार्य-निष्पादन; इन संवेदनशील वर्गों की रक्षा एवं कल्याण के लिये गठित तंत्र, विधि, संस्थान एवं निकायों आदि का कार्य निष्पादन।
  17. स्वास्थ्य, शिक्षा, मानव संसाधनों से संबंधित सामाजिक क्षेत्र व सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित विषय।
  18. गरीबी एवं भूख से संबंधित विषय।
  19. भारत एवं इसके पड़ोसी देशों के साथ संबंध।
  20. द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह और भारत से संबंधित और/अथवा भारत के हितों को प्रभावित करने वाले करार।
  21. भारत के हितों पर विकसित तथा विकासशील देशों की नीतियों तथा राजनीति का प्रभाव; प्रवासी भारतीय।
  22. महत्त्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय संस्थान, संस्थाएँ और मंच- उनकी संरचना, अधिदेश।

सामान्य अध्ययन-III

  1. भारत में आर्थिक योजना, उद्देश्य और उपलब्धियाँ, नीति आयोग की भूमिका, सतत विकास लक्ष्य। 
  2. गरीबी, बेरोजगारी, सामाजिक न्याय और समावेशी विकास के मुद्दे।
  3. सरकारी बजट और वित्तीय प्रणाली के घटक।
  4. मुख्य फसलें और फसल प्रतिरूप - सिंचाई प्रणाली एवं सिंचाई के विभिन्न प्रकार - कृषि उत्पाद का भंडारण, परिवहन तथा विपणन, संबंधित मुद्दे और बाधाएँ; किसानों की सहायता के लिये ई-प्रौद्योगिकी।
  5. प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष कृषि सहायता तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य से संबंधित विषय।
  6. जन वितरण प्रणाली- उद्देश्य, कार्य, सीमाएँ, सुधार; बफर स्टॉक तथा खाद्य सुरक्षा संबंधी विषय; प्रौद्योगिकी मिशन।
  7. पशु पालन संबंधी अर्थशास्त्र।
  8. भारत में खाद्य प्रसंस्करण एवं संबंधित उद्योग एवं महत्त्व, स्थान, अपस्ट्रीम व डाउनस्ट्रीम आवश्यकताएं, आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन। 
  9. स्वतंत्रता के बाद भारत में भूमि सुधार।
  10. उदारीकरण का अर्थव्यवस्था पर प्रभाव, औद्योगिक नीति में परिवर्तन तथा औद्योगिक विकास पर इनका प्रभाव।
  11. बुनियादी ढाँचाः ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, विमानपत्तन, रेलवे आदि।
  12. उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था का विशिष्ट ज्ञान-राज्य बजट, कृषि का महत्व, उद्योग, आधारभूत संरचना और भौतिक संसाधन, मानव संसाधन और कौशल विकास, सरकारी कार्यक्रम और कल्याणकारी योजनाएँ।
  13. उत्तर प्रदेश के कृषि, बागवानी, वानिकी और पशुपालन संबंधी मुद्दे।
  14. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी- विकास एवं अनुप्रयोग और दैनिक जीवन पर इसका प्रभाव।
  15. सूचना प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, कंप्यूटर, रोबोटिक्स, नैनो-टैक्नोलॉजी, बायो-टैक्नोलॉजी। 
  16. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में भारतीयों की उपलब्धियाँ; देशज रूप से प्रौद्योगिकी का विकास और नई प्रौद्योगिकी का विकास।
  17. बौद्धिक संपदा अधिकारों से संबंधित विषयों के संबंध में जागरुकता और डिजिटल अधिकारों से संबंधित मुद्दे। 
  18. पर्यावरण सुरक्षा और पारिस्थितिकी तंत्र, वन्यजीव का संरक्षण, जैव विविधता, पर्यावरण प्रदूषण व क्षरण , पर्यावरणीय प्रभाव मूल्यांकन।
  19. गैर-पारंपरिक सुरक्षा और सुरक्षा चुनौती के रूप में आपदा, आपदा न्यूनीकरण और प्रबंधन।
  20. अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा की चुनौतियां- उग्रवाद के कारण और प्रसार, संचार नेटवर्क, मीडिया और सोशल नेटवर्किंग की भूमिका, परमाणु प्रसार।
  21. साइबर सुरक्षा, मनी लॉन्ड्रिंग और मानव तस्करी।
  22. भारत की आंतरिक सुरक्षा चुनौतियां- आतंकवाद, भ्रष्टाचार, उग्रवाद और संगठित अपराध।
  23. भारत में सुरक्षा बलों की भूमिका, प्रकार और जनादेश।
  24. उत्तर प्रदेश के विशेष संदर्भ में कानून और व्यवस्था और नागरिक सुरक्षा सम्बन्धी मुद्दे। 

सामान्य अध्ययन-IV

  1. नीतिशास्त्र तथा मानवीय सह-संबंधः मानवीय क्रियाकलापों में नीतिशास्त्र का सार तत्त्व, इसके निर्धारक और परिणाम; नीतिशास्त्र के आयाम; निजी और सार्वजनिक संबंधों में नीतिशास्त्र, मानव मूल्य।
  2. महान नेताओं, सुधारकों और प्रशासकों के जीवन तथा उनके उपदेशों से शिक्षा; मूल्य विकसित करने में परिवार, समाज और शैक्षणिक संस्थाओं की भूमिका।
  3. अभिवृत्तिः सारांश, संरचना, वृत्ति; विचार तथा आचरण के परिप्रेक्ष्य में इसका प्रभाव एवं संबंध; नैतिक और राजनीतिक अभिरुचि; सामाजिक प्रभाव और धारण।
  4. सिविल सेवा के लिये अभिरुचि तथा बुनियादी मूल्य- सत्यनिष्ठा, भेदभाव रहित तथा गैर-तरफदारी, निष्पक्षता, सार्वजनिक सेवा के प्रति समर्पण भाव, कमज़ोर वर्गों के प्रति सहानुभूति, सहिष्णुता तथा संवेदना।
  5. भावनात्मक समझः अवधारणाएँ तथा प्रशासन और शासन व्यवस्था में इसका उपयोग और प्रयोग।
  6. भारत तथा विश्व के नैतिक विचारकों तथा दार्शनिकों के योगदान।
  7. लोक प्रशासन में लोक/सिविल सेवा मूल्य तथा नीतिशास्त्रः स्थिति तथा समस्याएँ; सरकारी तथा निजी संस्थानों में नैतिक चिंताएँ तथा दुविधाएँ; नैतिक मार्गदर्शन के स्रोतों के रूप में विधि, नियम, विनियम तथा अंतरात्मा; उत्तरदायित्व तथा नैतिक शासन, शासन व्यवस्था में नीतिपरक तथा नैतिक मूल्यों का सुदृढ़ीकरण।
  8. अंतर्राष्ट्रीय संबंधों तथा निधि व्यवस्था (फंडिंग) में नैतिक मुद्दे; कॉरपोरेट शासन व्यवस्था।
  9. शासन व्यवस्था में ईमानदारीः लोक सेवा की अवधारणा; शासन व्यवस्था और ईमानदारी का दार्शनिक आधार, सरकार में सूचना का आदान-प्रदान और पारदर्शिता, सूचना का अधिकार, नीतिपरक आचार संहिता, आचरण संहिता, नागरिक घोषणा पत्र, कार्य संस्कृति, सेवा प्रदान करने की गुणवत्ता, लोक निधि का उपयोग, भ्रष्टाचार की चुनौतियाँ।
  10. उपर्युक्त विषयों पर मामला संबंधी अध्ययन (केस स्टडीज़)।

सामान्य अध्ययन-V

  1. उत्तर प्रदेश का इतिहास, सभ्यता, संस्कृति एवं प्राचीन नगर।
  2. उत्तर प्रदेश की वास्तुकला, उसकी महत्ता एवं रख-रखाव, संग्रहालय, अभिलेखागार एवं पुरातत्व।
  3. भारत के स्वतन्त्रता संग्राम में 1857 से पहले एवं बाद में उत्तर प्रदेश का योगदान।
  4. उत्तर प्रदेश के सुविख्यात स्वतन्त्रता सेनानी एवं व्यक्तित्व।
  5. उत्तर प्रदेश में ग्रामीण, शहरी एवं जनजातीय मुद्दे: सामाजिक संरचना, त्योहार, मेले, संगीत, लोकनृत्य, भाषा एवं साहित्य / बोली, सामाजिक प्रथाएं एवं पर्यटन।
  6. उत्तर प्रदेश की राजव्यवस्था – शासन प्रणाली, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मंत्रिपरिषद, विधान सभा एवं विधान परिषद, केन्द्र-राज्य सम्बन्ध 
  7. उत्तर प्रदेश में लोक सेवाएँ, लोक सेवा आयोग, लेखा परीक्षा, महान्यायवादी, उच्च न्यायालय एवं उसका अधिकार क्षेत्र।
  8. उत्तर प्रदेश – विशेष राज्य चयन मानदण्ड, राजभाषा, संचित निधि एवं आकस्मिक निधि, राजनीतिक दल एवं राज्य निर्वाचन आयोग 
  9. उत्तर प्रदेश में स्थानीय स्वशासनः शहरी एवं पंचायती राज, लोकनीति, अधिकार सम्बन्धी मुद्दे।
  10. उत्तर प्रदेश – सुशासन, भ्रष्टाचार निवारण, लोकायुक्त, सिटीजन चार्टर, ई-गवर्नेस, सूचना का अधिकार, समाधान योजना।
  11. उत्तर प्रदेश में भूमि सुधार एवं इसका प्रभाव।
  12. उत्तर प्रदेश में सुरक्षा से जुड़े मुद्दे:-

(i) उग्रवाद के प्रसार एवं विकास के बीच सम्बन्ध।

(ii) बाह्य, राज्य एवं अन्तर राज्यीय सक्रियकों से आन्तरिक सुरक्षा के लिये चुनौतियाँ पैदा करने में संचार नेटवर्कों, मीडिया एवं सोशल नेटवर्किंग  साइट्स की भूमिका।

(iii) साइबर सुरक्षा के बुनियादी नियम, कालेधन को वैध बनाना एवं इसकी रोकथाम।

(iv) विभिन्न सुरक्षा बल एवं एजेंसियाँ और उनके शासनादेश / अधिकार-पत्र।

(v) सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा चुनौतियाँ एवं उनका प्रबन्धन, संगठित अपराधों का आंतकवाद से संबंध।

  1. उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था एवं नागरिक अधिकार सुरक्षा।
  2. उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य एवं चिकित्सीय मुद्दे।
  3. उत्तर प्रदेश में शिक्षा प्रणाली।
  4. भारत के विकास में उत्तर प्रदेश की भूमिका।
  5. उत्तर प्रदेश की समसामयिक घटनाएं।
  6. जल शक्ति मिशन एवं अन्य केन्द्रीय योजनायें एवं उनका क्रियान्वयन।
  7. उत्तर प्रदेश में गैर सरकारी संगठन (एन.जी.ओ.) : मुद्दे, योगदान एवं प्रभाव।
  8. उत्तर प्रदेश में पर्यटनः मुद्दे एवं सम्भावनायें।
  9. उत्तर प्रदेश में विभिन्न क्षेत्रों में नवाचारः इसके मुद्दे एवं इसका समाज में रोजगार एवं सामाजिक-आर्थिक विकास पर प्रभाव।

सामान्य अध्ययन-VI

  1. उत्तर प्रदेश का आर्थिक परिदृश्य : अर्थव्यवस्था एवं राज्य बजट की मुख्य विशेषताएं, बुनियादी ढाँचा एवं भौतिक संसाधनों का महत्त्व |
  2. उत्तर प्रदेश का व्यापार, वाणिज्य एवं उद्योग। 
  3. उत्तर प्रदेश सरकार की लोक कल्याणकारी योजनाएँ, परियोजनाएँ एवं नियोजित विकास, मानव संसाधन एवं कौशल विकास।
  4. उत्तर प्रदेश में निवेश: मुददे एवं प्रभाव।
  5. उत्तर प्रदेश की लोक वित्त एवं राजकोषीय नीति, कर एवं आर्थिक सुधार, एक जिला एक उत्पाद नीति।
  6. उत्तर प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा एवं गैर-नवीकरणीय ऊर्जा संसाधनों की योजना एवं प्रबन्धन।
  7. उत्तर प्रदेश की जनांकिकी, जनसंख्या एवं जनगणना।
  8. उत्तर प्रदेश में कृषि का व्यावसायीकरण एवं कृषि फसलों का उत्पादन।
  9. उ०प्र० की नवीन वानिकी नीति।
  10. उत्तर प्रदेश की कृषि एवं सामाजिक वानिकी।
  11. उत्तर प्रदेश में कृषि विविधता, कृषि की समस्याएँ एवं उनका समाधान।
  12. उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में विकासीय सूचकांक।
  13. उत्तर प्रदेश का भूगोल- भौगोलिक स्थिति, उच्चावच एवं संरचना, जलवायु सिंचाई, खनिज, अपवाह प्रणाली एवं वनस्पति।
  14. उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय उद्यान एवं वन्यजीव अभ्यारण्य |
  15. उत्तर प्रदेश में परिवहन तंत्र।
  16. उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास, शक्ति संसाधन एवं अधोसंरचना।
  17. उत्तर प्रदेश में प्रदूषण एवं पर्यावरण के मुद्दे, प्रदूषण नियंत्रण परिषद एवं इनके कार्य।
  18. उत्तर प्रदेश के प्राकृतिक संसाधन मृदा, जल, वायु, वन, घास- मैदान, आद्रभूमि।
  19. उत्तर प्रदेश के जलवायु परिवर्तन एवं मौसम पूर्वानुमान से सम्बन्धित मुद्दे।
  20. उत्तर प्रदेश के सन्दर्भ में अधिवास पारिस्थितिकी तंत्र संरचना एवं कार्य, समायोजन, जीव-जन्तु एवं वनस्पतियां।
  21. उत्तर प्रदेश में विज्ञान एवं तकनीक के मुद्दे, प्रसार एवं प्रयत्न।
  22. उत्तर प्रदेश में मत्स्य, अंगूर, रेशम, फूल, बागवानी एवं पौध उत्पादन तथा उत्तर प्रदेश के विकास में इनका प्रभाव।
  23. उत्तर प्रदेश के विकास में सार्वजनिक एवं निजी साझेदारी को प्रोत्साहित करना।
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