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बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित प्रारंभिक परीक्षा का पाठ्यक्रम

  • प्रारंभिक परीक्षा में ‘सामान्य अध्ययन’ का एक प्रश्नपत्र शामिल होता हैं। 
  • इस प्रश्नपत्र की प्रकृति वस्तुनिष्ठ (बहुविकल्पीय) होती है।
  • यदि अभ्यर्थी किसी प्रश्न का एक से अधिक उत्तर देता है, तो उस उत्तर को गलत माना जाता है।
  • प्रारम्भिक परीक्षा में प्राप्त अंकों को मुख्य परीक्षा या साक्षात्कार के अंकों में शामिल नहीं किया जाता है।

प्रारंभिक परीक्षा पैटर्न 

प्रश्नपत्र -1 (सामान्य अध्ययन)

प्रश्नों की संख्या 

150

अधिकतम अंक 

150

समय 

2 घंटे 

प्रश्नों की भाषा 

हिंदी/अंग्रेजी 

निगेटिव मार्किंग 

प्रश्न के लिए निर्धारित अधिकतम अंक का 1/4

कट-ऑफ अंक 

प्राप्त अंकों के आधार पर मेरिट का निर्धारण

प्रश्नपत्र -1 (सामान्य अध्ययन)

  1. राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महत्त्व की सामयिक घटनाएँ 
  2. भारत का इतिहास 
  3. भारत का राष्ट्रीय आन्दोलन तथा इसमें बिहार का योगदान 
  4. बिहार के इतिहास की प्रमुख विशेषताएं  
  5. सामान्य विज्ञान
  6. सामान्य भूगोल 
  7. बिहार के प्रमुख भौगोलिक प्रभाग तथा यहाँ की महत्वपूर्ण नदियाँ 
  8. भारत की राजव्यवस्था तथा आर्थिक व्यवस्था 
  9. आजादी के पश्चात बिहार की अर्थव्यवस्था के प्रमुख परिवर्तन 
  10. सामान्य मानसिक योग्यता 
  • सामान्य विज्ञान के अन्तर्गत दैनिक अनुभव तथा प्रेक्षण से संबंधित विषयों सहित विज्ञान की सामान्य जानकारी तथा परिबोध पर ऐसे प्रश्न पूछे जायेंगे, जिसकी किसी भी सुशिक्षित व्यक्ति से अपेक्षा की जा सकती है, जिसने वैज्ञानिक विषयों का विशेष अध्ययन नहीं किया है । 
  • इतिहास के अन्तर्गत विषय के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में विषय की सामान्य जानकारी पर विशेष ध्यान दिया जायेगा, परीक्षार्थियों से आशा की जाती है कि वे बिहार के इतिहास की मुख्य घटनाओं से परिचित होंगे।
  • भूगोल विषय में "भारत तथा बिहार" के भूगोल पर विशेष ध्यान दिया जायेगा। "भारत तथा बिहार का भूगोल" के अन्तर्गत देश के सामाजिक तथा आर्थिक भूगोल से संबंधित प्रश्न होंगे, जिनमें भारतीय कृषि तथा प्राकृतिक साधनों की प्रमुख विशेषताएँ सम्मिलित होंगी। 
  • भारत की राज्य व्यवस्था और आर्थिक व्यवस्था के अन्तर्गत देश की राजनीतिक प्रणाली, पंचायती राज, सामुदायिक विकास तथा भारतीय योजना (बिहार के संदर्भ में भी) सम्बन्धी जानकारी का परीक्षण किया जायेगा । 
  • "भारत के राष्ट्रीय आंदोलन” के अन्तर्गत उन्नीसवीं शताब्दी के पुनरूत्थान के स्वरूप और स्वभाव, राष्ट्रीयता का विकास तथा स्वतंत्रता प्राप्ति से संबंधित प्रश्न पूछे जायेंगे। परीक्षार्थियों से आशा की जाती है कि वे भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में बिहार की भूमिका पर पूछे गए प्रश्नों के भी उत्तर दें।
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