CURRENT AFFAIRS

व्यवहार्यता अंतर वित्त पोषण (वीजीएफ) योजना

Indian Economy 05-Nov-2026

हाल ही में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वित्त वर्ष 2026-27 से वित्त वर्ष 2030-31 की अवधि के लिए 14,500 करोड़ रुपये की कुल वित्तीय सहायता के साथ ग्रिड-स्केल ऊर्जा भंडारण प्रणालियों के विकास के लिए व्यवहार्यता अंतर वित्त पोषण (वीजीएफ) योजना को मंजूरी दे दी है। 

फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालयों (एफटीएससी) के लिए केंद्र प्रायोजित योजना (सीएसएस)

Indian Polity 05-Nov-2026

हाल ही में प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने विशेष पॉक्सो न्यायालयों सहित फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालयों (एफटीएससी) के लिए केंद्र प्रायोजित योजना (सीएसएस) को पांच वर्ष की अवधि यानी 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक जारी रखने की मंजूरी दे दी है। 

नेटवर्क अनुभव प्लेटफॉर्म

Governance 05-Nov-2026

हाल ही में भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (टीआरएआई) ने 'नेटवर्क अनुभव प्लेटफॉर्म' का शुभारंभ किया है। 

पंचायती राज संस्थाओं (PRIs) के माध्यम से स्थिरता

Indian Polity 05-Nov-2026

पंचायती राज संस्थाएं (पीआरआई) स्थानीय योजना और सामुदायिक स्वामित्व के माध्यम से चक्रीय आजीविका को बढ़ावा देती हैं। गांधीवादी ग्राम स्वराज आत्मनिर्भरता को संसाधन पुनर्प्राप्ति से जोड़ता है, जिसे स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) और ग्राम संस्थाओं द्वारा समर्थन दिया जाता है। 

पोषण: एक स्वस्थ भारत के लिए सामूहिक प्रयास

Health 05-Nov-2026

2018 में शुरू की गई समग्र पोषण के लिए प्रधान मंत्री की व्यापक योजना (पोषण) अभियान, पोषण को स्वास्थ्य, देखभाल और भागीदारी के साथ एकीकृत करता है। 9 सितंबर 2026 को वाराणसी में शुरू किया गया 9वां राष्ट्रीय पोषण माह "हमारी आंगनवाड़ी, हमारी ज़िम्मेदारी" के तहत 8 अक्टूबर तक चलेगा। 

विस्तार योजना 2026: भारत की सांख्यिकीय प्रणाली के आधुनिकीकरण हेतु केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ₹4,371 करोड़ की मंजूरी दी

Indian Economy 05-Nov-2026

4 नवंबर, 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने विकसित भारत सांख्यिकीय परिवर्तन, विश्लेषण एवं अनुसंधान पहल (Viksit Bharat Initiative for Statistical Transformation, Analytics & Research – VISTAR) योजना को मंजूरी दी।

स्मार्ट गांवों के लिए चक्रीय जल अर्थव्यवस्था

Indian Economy 04-Nov-2026

घरेलू गतिविधियों जैसे स्नान, कपड़े धोने, खाना बनाने और साफ-सफाई के दौरान निकलने वाले अपशिष्ट जल को उचित तरीके से उपचारित कर ग्रामीण आजीविका के विभिन्न कार्यों में प्रयोग किया जा सकता है। इस दृष्टिकोण के अंतर्गत चक्रीय जल प्रबंधन का उद्देश्य पानी की बर्बादी को कम करना, उपचारित जल के सुरक्षित पुनः उपयोग को प्रोत्साहित करना तथा भूजल पुनर्भरण और संरक्षण सुनिश्चित करना है।  

भारत को व्यापक राष्ट्रीय शहरीकरण नीति (NUP) की आवश्यकता

Indian Economy 04-Nov-2026

भारत में शहरीकरण की रफ्तार तेजी से बढ़ रही है। महानगरों के साथ-साथ छोटे शहरों और उनके आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी आबादी, उद्योग, व्यापार और रोजगार के नए केंद्र विकसित हो रहे हैं। लेकिन देश की शहरी व्यवस्था अभी भी काफी हद तक पुराने ग्रामीण-शहरी वर्गीकरण और प्रशासनिक सीमाओं पर आधारित है। इसका परिणाम यह है कि आर्थिक और सामाजिक रूप से शहरी बन चुके अनेक क्षेत्र आज भी ग्रामीण प्रशासन के अधीन हैं। ऐसे में भारत के लिए एक व्यापक राष्ट्रीय शहरीकरण नीति (National Urbanisation Policy-NUP) की आवश्यकता महसूस की जा रही है। 

प्रलय मिसाइल

Science and Technology 04-Nov-2026

हाल ही में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने ओडिशा के तट पर स्थित चांदीपुर के एकीकृत परीक्षण रेंज (Integrated Test Range) से स्वदेशी रूप से विकसित प्रलय (Pralay) क्वासी-बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया। 

चक्रीय अर्थव्यवस्था के माध्यम से ग्रामीण समृद्धि

Indian Economy 04-Nov-2026

चक्रीय अर्थव्यवस्था, कमी, पुन: उपयोग, मरम्मत, पुनर्चक्रण और पुनर्जनन के माध्यम से ग्रामीण आजीविका को मजबूत बनाती है। राष्ट्रीय भारत परिवर्तनकारी संस्थान (नीति आयोग) में 2022 में स्थापित चक्रीय अर्थव्यवस्था प्रकोष्ठ, इस परिवर्तन में सहयोग प्रदान करता है। 

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