Indian Economy 16-Sep-2026
डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में यूपीआई का इस्तेमाल करने वाले आम लोगों के लिए राहत की खबर है। नए यूपीआई फ्रेमवर्क के तहत पर्सन-टू-पर्सन यानी पी2पी लेन-देन पूरी तरह निःशुल्क रहेगा। यानी किसी व्यक्ति को यूपीआई के जरिए पैसा भेजने या प्राप्त करने पर लेन-देन की राशि कितनी भी हो, ग्राहक से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। दूसरी ओर, ₹2,000 तक के व्यापारी भुगतान और छोटे व्यापारियों के लिए लागू शून्य-एमडीआर व्यवस्था भी जारी रहेगी।
Indian Economy 16-Sep-2026
जो चीज कभी नारियल की सामान्य भूसी मानकर छोड़ दी जाती थी, वह आज भारत के तटीय और ग्रामीण अंचलों में उद्यम, नवाचार और आजीविका का एक मजबूत जरिया बन चुकी है। नारियल का रेशा (कॉयर) एक प्राकृतिक, टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल माध्यम पीढ़ियों से भारतीय ग्रामीण अर्थव्यवस्था का आधार रहा है। आज देश के उद्यमी और कारीगर इसे पारंपरिक रस्सियों और चटाइयों से निकालकर हस्तशिल्प, जैव-उर्वरक, और पर्यावरण-अनुकूल पैकेजिंग समाधानों जैसे उच्च-मूल्य वाले उत्पादों में बदल रहे हैं।
Indian Economy 15-Sep-2026
भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था आज एक ऐसे निर्णायक मोड़ पर है जहाँ गति, सुरक्षा और पैमाना (Scale) ही सफलता के नए मानक तय कर रहे हैं। देश का डिजिटलीकरण अब केवल शहरी सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शासन, बैंकिंग, शिक्षा और स्वास्थ्य के हर कोने को रूपांतरित कर रहा है। इस विशाल डिजिटल आंधी के केंद्र में डेटा सेंटर्स हैं—एक ऐसा अत्याधुनिक और अदृश्य बुनियादी ढांचा, जो भारत के डिजिटल भविष्य को सुरक्षित रूप से संचालित कर रहा है।
Indian Economy 14-Sep-2026
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक भारतीय अर्थव्यवस्था की वित्तीय रीढ़ हैं। वे न केवल बचत और ऋण की सुविधा उपलब्ध कराते हैं, बल्कि वित्तीय समावेशन, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन तथा ग्रामीण एवं अर्ध-शहरी क्षेत्रों तक बैंकिंग सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में बैंक कर्मचारियों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल केवल श्रम संबंधी विवाद नहीं, बल्कि बैंकिंग व्यवस्था की कार्यक्षमता और आम नागरिकों तक वित्तीय सेवाओं की निरंतरता से जुड़ा विषय भी है।
Indian Economy 14-Sep-2026
गुरुग्राम के सरस आजीविका मेले में सजे बांस के उत्पादों के बीच रखा एक साधारण-सा थैला शायद किसी बड़े बदलाव का प्रतीक दिखाई न दे। मगर इस थैले की कहानी असम के एक छोटे से उद्यम से शुरू होकर देश के बदलते बांस परिदृश्य तक पहुंचती है।
Indian Economy 14-Sep-2026
भारत की बढ़ती ऊर्जा आवश्यकता के बीच स्वच्छ, सुरक्षित, किफायती और विश्वसनीय घरेलू ईंधन की उपलब्धता सतत विकास की महत्वपूर्ण शर्त है। इस संदर्भ में पाइप से आपूर्ति की जाने वाली प्राकृतिक गैस का विस्तार केवल ऊर्जा क्षेत्र का विषय नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, पर्यावरण, शहरी अवसंरचना, ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक दक्षता से जुड़ा व्यापक विकासात्मक मुद्दा है। 18 अगस्त 2026 तक देश में लगभग 1.74 करोड़ घरेलू पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध होना इस दिशा में हुई प्रगति को दर्शाता है।
Indian Economy 12-Sep-2026
भारत की अनौपचारिक अर्थव्यवस्था में छोटे व्यापार, घरेलू उत्पादन, विनिर्माण और सेवाओं की बड़ी भूमिका है। लंबे समय तक इसे मुख्यतः राज्य या राष्ट्रीय स्तर के आंकड़ों से समझा जाता रहा। अब सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने पहली बार अनिगमित क्षेत्र के उद्यमों के वार्षिक सर्वेक्षण (ASUSE), 2025 के आधार पर पहली बार जिला-स्तरीय अनुमान जारी किए हैं। गैर-कृषि अनिगमित क्षेत्र से जुड़े ये आंकड़े महिलाओं की कार्यबल में भागीदारी, आय, उद्यम स्वामित्व और आर्थिक गतिविधियों के भौगोलिक वितरण की स्पष्ट तस्वीर देते हैं। इससे स्थानीय जरूरतों के अनुरूप अधिक प्रभावी और साक्ष्य-आधारित नीतियां बनाने में मदद मिल सकती है।
Indian Economy 11-Sep-2026
भारत में समुद्र केवल प्राकृतिक संपदा का स्रोत नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आजीविका और देश की खाद्य एवं आर्थिक सुरक्षा का आधार भी है। लगभग तीन करोड़ लोगों, विशेषकर हाशिए पर रहने वाले और तटीय समुदायों की आजीविका मत्स्य क्षेत्र पर निर्भर है। पिछले कुछ वर्षों में यह क्षेत्र पारंपरिक मछली पकड़ने की गतिविधि से आगे बढ़कर आधुनिक जलीय कृषि, निर्यात, तकनीक और नीली अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बन रहा है। इसी परिवर्तन को गति देने के लिए वर्ष 2020 में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) शुरू की गई थी। 10 सितंबर 2026 को योजना के छह वर्ष पूरे होना भारत के मत्स्य क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।
Indian Economy 07-Sep-2026
वैश्विक स्तर पर बदलते भू-राजनीतिक घटनाक्रमों का असर आपूर्ति श्रृंखलाओं, लॉजिस्टिक्स लागत और कारोबार की तरलता पर पड़ रहा है। ऐसे समय में भारत सरकार ने घरेलू उत्पादन, रोजगार और कारोबारी गतिविधियों को गति देने के लिए आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना (ECLGS) 5.0 को मंजूरी दी है। सरकार ने 5 मई 2026 को इस योजना को मंजूरी देते हुए व्यवसायों के लिए अतिरिक्त कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया।
Indian Economy 05-Sep-2026
भूतापीय ऊर्जा पृथ्वी के आंतरिक भाग की तीव्र गर्मी से प्राप्त होने वाला एक निरंतर, कम कार्बन वाला और मौसम-स्वतंत्र ऊर्जा स्रोत है। सौर और पवन ऊर्जा के विपरीत, यह नवीकरणीय ऊर्जा चौबीसों घंटे उपलब्ध रहती है। भारत जैसे देश के लिए, जो अपने स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन को गति दे रहा है और 2070 तक 'नेट जीरो' (Net Zero) के लक्ष्य की ओर अग्रसर है, भूतापीय ऊर्जा ऊर्जा सुरक्षा का एक भरोसेमंद और स्वदेशी विकल्प बनकर उभर रही है।
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