Indian Economy 02-Sep-2026
भू-राजनीतिक तनाव, वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता और बदलते आर्थिक समीकरणों के बीच भारत ने वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत मजबूत आर्थिक प्रदर्शन के साथ की है। घरेलू मांग की मजबूती, निवेश में तेजी, विनिर्माण और सेवा क्षेत्र के विस्तार तथा निर्यात में वृद्धि ने अर्थव्यवस्था को व्यापक आधार प्रदान किया है। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो 2023-24 से 2026-27 के बीच पहली तिमाही में दर्ज सबसे अधिक वृद्धि है। यह प्रदर्शन भारतीय अर्थव्यवस्था की अंतर्निहित मजबूती और बाहरी चुनौतियों से निपटने की क्षमता को दर्शाता है।
Indian Economy 02-Sep-2026
भारत में वित्तीय समावेशन को मजबूत करने की दिशा में इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) ने अपने 9वें स्थापना दिवस पर न केवल अपनी उपलब्धियों को रेखांकित किया, बल्कि आने वाले वर्षों की प्राथमिकताओं का भी संकेत दिया। देश के हर नागरिक तक सुलभ, समावेशी और प्रौद्योगिकी-सक्षम वित्तीय सेवाएँ पहुँचाने के उद्देश्य से स्थापित आईपीपीबी आज बैंकिंग, डिजिटल भुगतान, सरकारी लाभों और अन्य वित्तीय सेवाओं को आम नागरिक तक पहुँचाने वाले एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में उभरा है।
Indian Economy 31-Aug-2026
भारत ‘विकसित भारत’ (2047) की अपनी यात्रा को समर्थन देने हेतु एक सुरक्षित, टिकाऊ और आत्मनिर्भर ऊर्जा भविष्य के निर्माण के लिए दृढ़ संकल्पित है। देश में स्वच्छ, विश्वसनीय और स्थिर बेसलोड बिजली की लगातार बढ़ती मांग को देखते हुए, भारत सरकार ने परमाणु ऊर्जा को अपनी दीर्घकालिक ऊर्जा रणनीति के केंद्र में रखा है। परमाणु ऊर्जा न केवल ग्रिड स्थिरता सुनिश्चित करती है और नवीकरणीय ऊर्जा के एक आदर्श पूरक के रूप में चौबीसों घंटे कम कार्बन वाली बिजली प्रदान करती है, बल्कि यह आयातित जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता को कम कर भारत की जलवायु प्रतिबद्धताओं को भी बल देती है।
Indian Economy 31-Aug-2026
हाल ही में प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) ने भारत में परमाणु ऊर्जा प्रौद्योगिकी (Nuclear Energy Technology in India) पर एक विस्तृत जानकारी जारी की है। इसमें भारत की परमाणु तकनीक, तीन चरणों वाले परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम और देश की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े प्रयासों के बारे में बताया गया है।
Indian Economy 27-Aug-2026
भारत में वाणिज्यिक बागवानी को बढ़ावा देने और किसानों को आधुनिक बागवानी परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने वाले राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड (एनएचबी) ने अपनी योजना के दिशा-निर्देशों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। संशोधित व्यवस्था में पात्रता के नियमों को अधिक कड़ा किया गया है, परिवार की परिभाषा का विस्तार किया गया है तथा सब्सिडी की दरों में कमी की गई है। इन बदलावों का उद्देश्य सरकारी सहायता का अधिक न्यायसंगत वितरण, दोहरे लाभ की रोकथाम और सब्सिडी व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाना है।
Indian Economy 27-Aug-2026
भारत में अगस्त 2026 के दौरान चीनी की खुदरा कीमतों में तेज वृद्धि देखने को मिली है। 20 जुलाई को जहां खुदरा चीनी की कीमत लगभग ₹48.18 प्रति किलोग्राम थी, वहीं 20 अगस्त तक यह बढ़कर ₹55.70 प्रति किलोग्राम हो गई। अगस्त के अंत तक कुछ बाजारों में अखिल भारतीय मोडल कीमत लगभग ₹65 प्रति किलोग्राम तक पहुंचने की खबर है। यह वृद्धि केवल उपभोक्ताओं के घरेलू बजट को प्रभावित नहीं करती, बल्कि खाद्य मुद्रास्फीति, गन्ना किसानों, चीनी मिलों और भारत की एथेनॉल नीति के बीच संतुलन की चुनौती को भी सामने लाती है।
Indian Economy 25-Aug-2026
भारतीय श्रम कानून के इतिहास में 20 अगस्त 2026 का दिन महत्वपूर्ण पड़ाव माना गया। सर्वोच्च न्यायालय की नौ-सदस्यीय संविधान पीठ ने करीब 48 वर्ष पुराने ‘बैंगलोर वाटर सप्लाई एंड सीवरेज बोर्ड बनाम आर. राजप्पा’ फैसले में तय ‘उद्योग’ की व्यापक अवधारणा पर पुनर्विचार करते हुए पुराने और नए श्रम कानूनों के बीच स्पष्ट अंतर कर दिया। अदालत ने कहा कि औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 के तहत लंबित मामलों में 1978 का सिद्धांत लागू रहेगा, लेकिन औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 के तहत नए मामलों में यह फैसला स्वतः आधार नहीं बनेगा।
Indian Economy 25-Aug-2026
हाल ही में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) ने एमईआईटीवाई स्टार्टअप हब (एमएसएच) के माध्यम से जेनेसिस एंटरप्रेन्योर-इन-रेजिडेंस (ईआईआर) कोहोर्ट 3 का शुभारंभ किया है।
Indian Economy 22-Aug-2026
हाल ही में भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने ऑनलाइन बॉन्ड प्लेटफॉर्म प्रोवाइडर्स (OBPPs) के लिए एक विज्ञापन संहिता का प्रस्ताव रखा है। इसका उद्देश्य इन प्लेटफॉर्म्स की पहुंच बढ़ाने के साथ-साथ निवेशकों के बीच बॉन्ड जैसे निवेश साधनों के प्रति जागरूकता को मजबूत करना है।
Indian Economy 21-Aug-2026
समुद्र केवल जल का विशाल विस्तार नहीं, बल्कि खाद्य सुरक्षा, रोजगार, जैव-विविधता और जलवायु संतुलन का महत्वपूर्ण आधार है। वैश्विक स्तर पर समुद्री संसाधनों और ‘ब्लू इकोनॉमी’ की बढ़ती भूमिका के बीच भारत ने अपनी समुद्री संपदा को वैज्ञानिक रूप से समझने और उसके सतत उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने सेंटर फॉर मरीन लिविंग रिसोर्सेज एंड इकोलॉजी (सीएमएलआरई) की रजत जयंती के अवसर पर ‘भारतीय ईईजेड के गहरे समुद्र और दूर-समुद्र के मछली संसाधनों पर राष्ट्रीय रिपोर्ट’ जारी की है।
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