Indian Economy 25-Sep-2026
वैश्विक व्यापार और वित्तीय व्यवस्था में सीमा-पार भुगतान को लेकर एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग लेन-देन में प्रमुख भूमिका निभाने वाली स्विफ्ट व्यवस्था के विकल्प के रूप में कई देश वैकल्पिक भुगतान प्रणालियों, राष्ट्रीय मुद्राओं और केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्राओं यानी सीबीडीसी पर काम कर रहे हैं।
Indian Economy 25-Sep-2026
भारत अपनी विशाल समुद्री अर्थव्यवस्था के लिए पूंजी जुटाने के एक नए रास्ते की ओर बढ़ रहा है। सागरमाला कार्यक्रम के तहत सागरमाला फाइनेंस कॉरपोरेशन लिमिटेड यानी एसएमएफसीएल करीब 1,000 करोड़ रुपये का ब्लू बॉन्ड जारी करने की तैयारी में है। इसे भारत में समुद्र और जल आधारित परियोजनाओं के लिए पूंजी बाजार से धन जुटाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
Indian Economy 23-Sep-2026
भारत तेजी से अपनी स्वच्छ ऊर्जा क्षमता बढ़ा रहा है और इसमें सौर ऊर्जा की अहम भूमिका है। लेकिन बड़े सौर संयंत्रों के लिए जमीन की उपलब्धता और भूमि अधिग्रहण एक बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं। इससे कृषि, पर्यावरण और स्थानीय समुदायों से जुड़े सवाल भी उठते हैं। ऐसे में कम भूमि की जरूरत वाली तकनीकों पर जोर बढ़ रहा है। फ्लोटिंग सोलर के साथ कैनाल-टॉप फोटोवोल्टिक, यानी नहरों के ऊपर लगाए जाने वाले सौर पैनल, भारत के लिए एक उपयोगी विकल्प हो सकते हैं।
Indian Economy 21-Sep-2026
भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को लेकर बौद्धिक संपदा अधिकारों से जुड़े प्रावधान चर्चा में हैं। हाल ही में यूरोपीय आयोग ने ईयू के सदस्य देशों से भारत-ईयू एफटीए पर हस्ताक्षर और इसे अंतिम रूप देने की मंजूरी देने का औपचारिक अनुरोध किया है। समझौते के विभिन्न हिस्सों में दोनों पक्षों की प्रतिबद्धताओं का विवरण सामने आने के बाद कॉपीराइट से जुड़े प्रावधानों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
Indian Economy 16-Sep-2026
डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में यूपीआई का इस्तेमाल करने वाले आम लोगों के लिए राहत की खबर है। नए यूपीआई फ्रेमवर्क के तहत पर्सन-टू-पर्सन यानी पी2पी लेन-देन पूरी तरह निःशुल्क रहेगा। यानी किसी व्यक्ति को यूपीआई के जरिए पैसा भेजने या प्राप्त करने पर लेन-देन की राशि कितनी भी हो, ग्राहक से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। दूसरी ओर, ₹2,000 तक के व्यापारी भुगतान और छोटे व्यापारियों के लिए लागू शून्य-एमडीआर व्यवस्था भी जारी रहेगी।
Indian Economy 16-Sep-2026
जो चीज कभी नारियल की सामान्य भूसी मानकर छोड़ दी जाती थी, वह आज भारत के तटीय और ग्रामीण अंचलों में उद्यम, नवाचार और आजीविका का एक मजबूत जरिया बन चुकी है। नारियल का रेशा (कॉयर) एक प्राकृतिक, टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल माध्यम पीढ़ियों से भारतीय ग्रामीण अर्थव्यवस्था का आधार रहा है। आज देश के उद्यमी और कारीगर इसे पारंपरिक रस्सियों और चटाइयों से निकालकर हस्तशिल्प, जैव-उर्वरक, और पर्यावरण-अनुकूल पैकेजिंग समाधानों जैसे उच्च-मूल्य वाले उत्पादों में बदल रहे हैं।
Indian Economy 15-Sep-2026
भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था आज एक ऐसे निर्णायक मोड़ पर है जहाँ गति, सुरक्षा और पैमाना (Scale) ही सफलता के नए मानक तय कर रहे हैं। देश का डिजिटलीकरण अब केवल शहरी सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शासन, बैंकिंग, शिक्षा और स्वास्थ्य के हर कोने को रूपांतरित कर रहा है। इस विशाल डिजिटल आंधी के केंद्र में डेटा सेंटर्स हैं—एक ऐसा अत्याधुनिक और अदृश्य बुनियादी ढांचा, जो भारत के डिजिटल भविष्य को सुरक्षित रूप से संचालित कर रहा है।
Indian Economy 14-Sep-2026
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक भारतीय अर्थव्यवस्था की वित्तीय रीढ़ हैं। वे न केवल बचत और ऋण की सुविधा उपलब्ध कराते हैं, बल्कि वित्तीय समावेशन, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन तथा ग्रामीण एवं अर्ध-शहरी क्षेत्रों तक बैंकिंग सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में बैंक कर्मचारियों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल केवल श्रम संबंधी विवाद नहीं, बल्कि बैंकिंग व्यवस्था की कार्यक्षमता और आम नागरिकों तक वित्तीय सेवाओं की निरंतरता से जुड़ा विषय भी है।
Indian Economy 14-Sep-2026
गुरुग्राम के सरस आजीविका मेले में सजे बांस के उत्पादों के बीच रखा एक साधारण-सा थैला शायद किसी बड़े बदलाव का प्रतीक दिखाई न दे। मगर इस थैले की कहानी असम के एक छोटे से उद्यम से शुरू होकर देश के बदलते बांस परिदृश्य तक पहुंचती है।
Indian Economy 14-Sep-2026
भारत की बढ़ती ऊर्जा आवश्यकता के बीच स्वच्छ, सुरक्षित, किफायती और विश्वसनीय घरेलू ईंधन की उपलब्धता सतत विकास की महत्वपूर्ण शर्त है। इस संदर्भ में पाइप से आपूर्ति की जाने वाली प्राकृतिक गैस का विस्तार केवल ऊर्जा क्षेत्र का विषय नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, पर्यावरण, शहरी अवसंरचना, ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक दक्षता से जुड़ा व्यापक विकासात्मक मुद्दा है। 18 अगस्त 2026 तक देश में लगभग 1.74 करोड़ घरेलू पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध होना इस दिशा में हुई प्रगति को दर्शाता है।
Our support team will be happy to assist you!