CURRENT AFFAIRS

स्मार्ट गांवों के लिए चक्रीय जल अर्थव्यवस्था

Indian Economy 04-Nov-2026

घरेलू गतिविधियों जैसे स्नान, कपड़े धोने, खाना बनाने और साफ-सफाई के दौरान निकलने वाले अपशिष्ट जल को उचित तरीके से उपचारित कर ग्रामीण आजीविका के विभिन्न कार्यों में प्रयोग किया जा सकता है। इस दृष्टिकोण के अंतर्गत चक्रीय जल प्रबंधन का उद्देश्य पानी की बर्बादी को कम करना, उपचारित जल के सुरक्षित पुनः उपयोग को प्रोत्साहित करना तथा भूजल पुनर्भरण और संरक्षण सुनिश्चित करना है।  

भारत को व्यापक राष्ट्रीय शहरीकरण नीति (NUP) की आवश्यकता

Indian Economy 04-Nov-2026

भारत में शहरीकरण की रफ्तार तेजी से बढ़ रही है। महानगरों के साथ-साथ छोटे शहरों और उनके आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी आबादी, उद्योग, व्यापार और रोजगार के नए केंद्र विकसित हो रहे हैं। लेकिन देश की शहरी व्यवस्था अभी भी काफी हद तक पुराने ग्रामीण-शहरी वर्गीकरण और प्रशासनिक सीमाओं पर आधारित है। इसका परिणाम यह है कि आर्थिक और सामाजिक रूप से शहरी बन चुके अनेक क्षेत्र आज भी ग्रामीण प्रशासन के अधीन हैं। ऐसे में भारत के लिए एक व्यापक राष्ट्रीय शहरीकरण नीति (National Urbanisation Policy-NUP) की आवश्यकता महसूस की जा रही है। 

चक्रीय अर्थव्यवस्था के माध्यम से ग्रामीण समृद्धि

Indian Economy 04-Nov-2026

चक्रीय अर्थव्यवस्था, कमी, पुन: उपयोग, मरम्मत, पुनर्चक्रण और पुनर्जनन के माध्यम से ग्रामीण आजीविका को मजबूत बनाती है। राष्ट्रीय भारत परिवर्तनकारी संस्थान (नीति आयोग) में 2022 में स्थापित चक्रीय अर्थव्यवस्था प्रकोष्ठ, इस परिवर्तन में सहयोग प्रदान करता है। 

भारत नवीकरणीय ऊर्जा बाजार रिपोर्ट 2026

Indian Economy 04-Nov-2026

3 नवंबर, 2026 को अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (International Energy Agency-IEA) ने नई दिल्ली में आयोजित भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन (Bharat Renewable Energy Summit) में भारत नवीकरणीय ऊर्जा बाजार रिपोर्ट 2026 (India Renewable Energy Market Report 2026) जारी की।

राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन: स्वच्छ ऊर्जा, आत्मनिर्भरता और विकसित भारत की दिशा में बड़ा कदम

Indian Economy 03-Nov-2026

भारत तेजी से स्वच्छ ऊर्जा की ओर बढ़ रहा है। जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों, बढ़ते ऊर्जा उपभोग और आयातित जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता को कम करने के लिए देश नवीकरणीय ऊर्जा के नए विकल्पों पर काम कर रहा है। इसी दिशा में हरित हाइड्रोजन एक महत्वपूर्ण ऊर्जा विकल्प बनकर उभरा है। यह न केवल औद्योगिक क्षेत्र में कार्बन उत्सर्जन कम करने की क्षमता रखता है, बल्कि भारत को स्वच्छ ऊर्जा के वैश्विक बाजार में अग्रणी बनाने में भी मदद कर सकता है। इसी उद्देश्य से केंद्र सरकार ने जनवरी 2023 में 19,744 करोड़ रुपये के बजट के साथ राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन (NGHM) को मंजूरी दी थी। 

जनगणना 2027 का दूसरा चरण

Indian Economy 03-Nov-2026

भारत में जनगणना 2027 के दूसरे चरण यानी जनसंख्या गणना (Population Enumeration) की तैयारियां तेज हो गई हैं। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा और पंजाब में यह प्रक्रिया 1 दिसंबर से शुरू होगी, जबकि देश के अन्य हिस्सों में जनवरी 2027 से जनगणना का दूसरा चरण संचालित किया जाएगा। इस चरण में घर-घर जाकर लोगों से कुल 40 प्रश्न पूछे जाएंगे। इसके लिए लगभग 34 लाख गणनाकारों और पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। 

विकसित भारत के लिए बैंकिंग पर उच्च स्तरीय समिति

Indian Economy 02-Nov-2026

भारत सरकार ने भारत के बैंकिंग क्षेत्र की समीक्षा करने और इसे वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी, वित्तीय रूप से समावेशी तथा विकसित भारत, 2047 के लिए मज़बूत बनाने हेतु आवश्यक संरचनात्मक, संस्थागत, नियामक एवं विधायी सुधारों की सिफारिश करने के लिए ‘विकसित भारत के लिए बैंकिंग पर एक उच्च स्तरीय समिति’ का गठन किया है। 

भारत में सामाजिक सुरक्षा कवरेज का विस्तार

Indian Economy 02-Nov-2026

बदलती अर्थव्यवस्था और रोजगार के नए स्वरूपों के बीच श्रमिकों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना महत्वपूर्ण हो गया है। अनौपचारिक, गिग और प्लेटफॉर्म आधारित रोजगार के विस्तार से आय और रोजगार की निरंतरता प्रभावित होती है। ऐसे में सामाजिक सुरक्षा श्रमिकों और उनके परिवारों को बीमारी, बेरोजगारी, सेवानिवृत्ति और अन्य आकस्मिक परिस्थितियों में वित्तीय सहायता प्रदान करती है।

असंगठित एवं गिग श्रमिकों के लिए राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड: शक्तियाँ, कार्य एवं महत्त्व

Indian Economy 02-Nov-2026

श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने 30 अक्टूबर, 2026 को असंगठित श्रमिकों तथा गिग एवं प्लेटफॉर्म श्रमिकों के लिए दो राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्डों के गठन की अधिसूचना जारी की।

कंटेनर विनिर्माण संवर्धन योजना

Indian Economy 29-Oct-2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वित्त वर्ष 2039-40 तक के लिए 10,000 करोड़ रुपये के बजट के साथ 'कंटेनर विनिर्माण संवर्धन योजना' (सीएमपीएस) को मंजूरी दे दी है। 

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