Indian Economy 10-Aug-2026
हाल ही में लोकसभा ने बैंकर्स बुक्स एविडेंस विधेयक, 2026 पारित किया है। इसका उद्देश्य औपनिवेशिक काल के बैंकर्स बुक्स एविडेंस अधिनियम, 1891 को प्रतिस्थापित कर बैंकिंग रिकॉर्ड से संबंधित कानूनी व्यवस्था को आधुनिक बनाना है।
Indian Economy 08-Aug-2026
हाल ही में सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (CMIE) ने वित्त वर्ष 2026-27 में भारत में कॉरपोरेट निवेश घोषणाओं से संबंधित नए आँकड़े जारी किए हैं। एक तरफ ये आँकड़े निवेश के मजबूत पुनरुत्थान का संकेत देते हैं, लेकिन दूसरी तरफ अर्थव्यवस्था में उपभोक्ता मांग की कमजोरी अभी भी चिंता का विषय बनी हुई है। बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) की एक शोध रिपोर्ट ने भी इस स्थिति को रेखांकित किया है।
Indian Economy 08-Aug-2026
भारत ने पिछले एक दशक में नवीकरणीय ऊर्जा, विशेषकर सौर ऊर्जा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। सौर मॉड्यूल और सेल विनिर्माण क्षमता में तेजी से विस्तार हुआ है, लेकिन पूरी सौर मूल्य श्रृंखला में भारत अभी आत्मनिर्भर नहीं है। इसकी सबसे महत्वपूर्ण कड़ी पॉलीसिलिकॉन के उत्पादन में देश लगभग पूरी तरह आयात पर निर्भर है। इसी चुनौती को दूर करने के लिए नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) पॉलीसिलिकॉन विनिर्माण हेतु एक अलग उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन (PLI) योजना तैयार कर रहा है। यह पहल भारत की सौर आपूर्ति श्रृंखला को अधिक सुरक्षित, आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकती है।
Indian Economy 07-Aug-2026
भारत की डिजिटल भुगतान व्यवस्था की रीढ़ यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) है, जिसने देश में तेज़, सुरक्षित और निःशुल्क डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा दिया है। इसी बीच केंद्र सरकार ने कराधान एवं अन्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026 के माध्यम से भुगतान एवं निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 में संशोधन का प्रस्ताव रखा है, जिससे यूपीआई और रुपे डेबिट कार्ड लेनदेन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू करने का मार्ग प्रशस्त हो सकता है।
Indian Economy 07-Aug-2026
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने वित्त वर्ष 2026–27 के लिए टाटा संस लिमिटेड को अपर लेयर गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी-यूएल) के रूप में वर्गीकृत किया है। साथ ही, आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि एनबीएफसी के रूप में पंजीकरण निरस्त (डी-रजिस्ट्रेशन) कराने के लिए टाटा संस द्वारा दायर आवेदन अभी विचाराधीन है। इस निर्णय के बाद यह बहस तेज हो गई है कि क्या स्केल बेस्ड रेगुलेशन (एसबीआर) के तहत टाटा संस को अनिवार्य रूप से शेयर बाजार में सूचीबद्ध होना पड़ेगा।
Indian Economy 05-Aug-2026
हाल के वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाओं के कारण देशभर में हुए युवा विरोध-प्रदर्शन केवल परीक्षा प्रणाली की खामियों का परिणाम नहीं हैं, बल्कि वे बेरोज़गारी, शिक्षा व्यवस्था में बढ़ती अनिश्चितता, मानव पूंजी में घटते सार्वजनिक निवेश तथा संस्थागत विश्वसनीयता के संकट को भी उजागर करते हैं। यह स्थिति ऐसे समय में सामने आई है, जब भारत विश्व की सबसे बड़ी युवा आबादी वाले देशों में से एक है और उसका जनसांख्यिकीय लाभांश (Demographic Dividend) विकास का सबसे बड़ा आधार माना जाता है।
Indian Economy 05-Aug-2026
हाल ही में वित्त राज्य मंत्री श्री पंकज चौधरी ने राज्यसभा में संबोधन के दौरान जानकारी देते हुए कहा कि पिछले पांच वर्षों में भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक-सिडबी ने देश भर में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों - एमएसएमई को ऋण प्रदान करने में सुधार संबंधी कई प्रमुख पहल की है। आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना 5.0 के तहत पात्र एमएसएमई के लिए 100 प्रतिशत तक की गारंटी कवरेज के साथ 2.55 लाख करोड़ रुपये के अतिरिक्त ऋण की व्यवस्था की गई है।
Indian Economy 04-Aug-2026
21वीं सदी में प्राकृतिक संसाधनों की परिभाषा तेजी से बदल रही है। पहले जहां तेल और गैस जैसे पारंपरिक संसाधन वैश्विक शक्ति के प्रमुख आधार माने जाते थे, वहीं अब महत्वपूर्ण खनिज (Critical Minerals) औद्योगिक विकास, तकनीकी श्रेष्ठता और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बन गए हैं। स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण, इलेक्ट्रिक वाहन, सेमीकंडक्टर, डिजिटल तकनीक और आधुनिक रक्षा प्रणालियों की बढ़ती जरूरतों ने इन खनिजों को रणनीतिक महत्व प्रदान किया है।
Indian Economy 31-Jul-2026
भारत में बैंकिंग सेवाओं का उपयोग धीरे-धीरे आम ग्राहकों के लिए अधिक महंगा होता जा रहा है। संसद में सरकार द्वारा साझा किए गए आंकड़ों और भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के उपलब्ध आंकड़ों के विश्लेषण से संकेत मिलता है कि पिछले कुछ वर्षों में डेबिट कार्ड के वार्षिक रखरखाव शुल्क और न्यूनतम औसत बैलेंस न रखने पर लगाए जाने वाले शुल्क में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
Indian Economy 29-Jul-2026
पिछले लगभग डेढ़ वर्ष में भारतीय रुपये में आई तेज़ गिरावट ने इसकी स्थिति में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। जो रुपया पहले वास्तविक रूप से अधिक मूल्यांकित (Overvalued) माना जाता था, वह अब कम मूल्यांकित (Undervalued) मुद्रा बन गया है। कुछ आकलनों के अनुसार, वर्तमान में रुपया प्रतिस्पर्धात्मकता के मामले में चीनी युआन से भी आगे निकल चुका है, जिससे भारत के निर्यात और व्यापार को संभावित लाभ मिल सकता है।
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