उत्तराखंड लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित प्रारंभिक परीक्षा का पाठ्यक्रम

  • प्रारंभिक परीक्षा में दो प्रश्नपत्र शामिल होते हैं। 
    • पहला प्रश्नपत्र ‘सामान्य अध्ययन’ का है जबकि दूसरे प्रश्नपत्र को ‘सिविल सेवा अभिवृत्ति परीक्षा’ (Civil Services Aptitude Test) या ‘सीसैट’ कहा जाता है।
  • दोनों प्रश्नपत्रों की प्रकृति वस्तुनिष्ठ (बहुविकल्पीय) होती है।
  • यदि अभ्यर्थी किसी प्रश्न का एक से अधिक उत्तर देता है, तो उस उत्तर को गलत माना जाता है।
  • प्रारम्भिक परीक्षा में प्राप्त अंकों को मुख्य परीक्षा या साक्षात्कार के अंकों में शामिल नहीं किया जाता है।

प्रारंभिक परीक्षा पैटर्न 

प्रश्नपत्र -1(सामान्य अध्ययन)

प्रश्नपत्र -2(सीसैट)

प्रश्नों की संख्या 

150

100

अधिकतम अंक 

150

150

समय 

2 घंटे 

2 घंटे 

प्रश्नों की भाषा 

हिंदी/अंग्रेजी 

हिंदी/अंग्रेजी 

निगेटिव मार्किंग 

प्रश्न के लिए निर्धारित अधिकतम अंक का ¼ 

प्रश्न के लिए निर्धारित अधिकतम अंक का ¼ 

कट-ऑफ अंक 

प्राप्त अंकों के आधार पर मेरिट का निर्धारण

न्यूनतम 33% अंक

प्रश्नपत्र -1 (सामान्य अध्ययन)


यूनिट – 1 भारत का इतिहास, संस्कृति एवं राष्ट्रीय आन्दोलन

प्रागैतिहासिक काल 

  • हड़प्पा सभ्यता, वैदिक सभ्यता और संगम युग; महाजनपद और मगध का उत्कर्ष; धार्मिक आंदोलन – जैन धर्म, बौद्ध धर्म, भागवत एवं शैव मत; पारसी एवं यूनानी संपर्क और संबंधित अन्य पहलू।

मौर्य साम्राज्य 

  • चन्द्रगुप्त मौर्य, अशोक और उसका धम्म; मौर्यकालीन प्रशासन, अर्थव्यवस्था, समाज एवं कला; कुषाण और संबंधित अन्य पहलू।

गुप्त साम्राज्य 

  • स्थापना, सुदृढ़ीकरण एवं पतन; चन्द्रगुप्त प्रथम, समुद्रगुप्त, चन्द्रगुप्त द्वितीय, स्कन्दगुप्त; गुप्तकालीन प्रशासन, समाज, अर्थव्यवस्था, साहित्य एवं कला और संबंधित अन्य पहलू।

उत्तर - गुप्त काल 

  • हर्षवर्द्धन, पाल, प्रतिहार, राष्ट्रकूट, चोल, पल्लव, चन्देल, परमार, चौहान; 650 ई0 से 1200 ई० के मध्य सामाजिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक विकास और संबंधित अन्य पहलू।

भारत में इस्लाम का आगमन 

  • इल्तुतमिश, बलबन, अलाउद्दीन खिलजी, मुहम्मद-बिन-तुगलक, फिरोज तुगलक, सिकन्दर लोदी और इब्राहीम लोदी; दिल्ली सल्तनतकालीन प्रशासन, दिल्ली सल्तनत के पतन के कारणः समाज और अर्थव्यवस्था, इंडो-इस्लामिक वास्तुकला, विजयनगर साम्राज्य, सूफीमत और भक्ति आंदोलन और संबंधित अन्य पहलू।

मुगल साम्राज्य

  • बाबर, शेरशाह सूरी, अकबर, शाहजहाँ, औरंगज़ेब और मुगल साम्राज्य का पतन, मुगल प्रशासन, जागीरदारी एवं मनसबदारी व्यवस्थाएं, मुगलकालीन समाज और अर्थव्यवस्थाः साहित्य कला एवं स्थापत्य; मराठा, सिख एवं जाट और संबंधित अन्य पहलू।

यूरोपियों का आगमन 

  • पुर्तगाली, डच और फ्राँसीसी। 
  • ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कम्पनी और ब्रिटिश शासन (1758-1857) और संबंधित अन्य पहलू।
  • ब्रिटिश शासन के आर्थिक प्रभाव और संबंधित अन्य पहलू।
  • उन्नीसवीं सदी के सामाजिक, धार्मिक सुधार आन्दोलन और संबंधित अन्य पहलू।
  • भारत के वाइसराय (1858-1947)।
  • प्रथम स्वतंत्रता संग्राम (1857), उन्नीसवीं और बीसवीं सदी के गैर-आदिवासी, आदिवासी, जातीय एवं किसान आंदोलन, 1857 के बाद का ब्रिटिश शासन, भारत सरकार अधिनियम(1858) और संबंधित अन्य पहलू।
  • 1858 के बाद की प्रशासनिक, सामाजिक एवं न्यायिक प्रणाली- प्रशासनिक, शिक्षा एवं न्यायिक सुधार और संबंधित अन्य पहलू।
  • भारत में राष्ट्रवाद का विकास; राष्ट्रीय आंदोलन का उदय।
  • भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस - उद्गम उदारवादी एवं अतिवादी दल
  • बंगाल का विभाजन, स्वदेशी आंदोलन, मुस्लिम लीग की स्थापना, सूरत अधिवेशन एवं कांग्रेस का विभाजन (1907), मार्ले-मिण्टो सुधार (1909)

प्रथम विश्व युद्ध और राष्ट्रीय आन्दोलन

  • होमरूल आंदोलन, लखनऊ समझौता (1916), 1917 की अगस्त घोषणा, क्रांतिकारी आन्दोलन, गांधी युग, भारत एवं विदेश में क्रांतिकारी आंदोलन, भारत सरकार अधिनियम (1919), रौलेट अधिनियम (1919) जलियावाला बाग नरसंहार ( 13 अप्रैल, 1919), खिलाफत आंदोलन, असहयोग आंदोलन, चौरीचौरा की घटना, स्वराज पार्टी, साइमन कमीशन, नेहरू रिपोर्ट, जिन्ना के 14 सूत्र, कांग्रेस का लाहौर अधिवेशन, सविनय अवज्ञा आंदोलन, प्रथम गोलमेज सम्मेलन, गांधी इरविन समझौता, द्वितीय एवं तृतीय गोलमेज सम्मेलन, कम्यूनल अवार्ड एवं पूना समझौता।

भारत सरकार अधिनियम (1935) 

  • पाकिस्तान की मांग, क्रिप्स मिशन, भारत छोड़ो आंदोलन, कैबिनेट मिशन योजना, आजाद हिन्द फौज, अन्तरिम सरकार, माउण्टबेटन योजना, भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम (1947), भारत का विभाजन, आजादी के बाद का भारत, नवीन क्रियाकलाप एवं सम्बन्धित संगठन और संबंधित अन्य पहलू। 

उत्तराखण्ड का इतिहास एवं संस्कृति

  • प्रागैतिहासिक काल।
  • आद्य ऐतिहासिक काल।
  • उत्तराखण्ड की प्राचीन जनजातियां।
  • कुणिन्द एवं यौधेय।
  • कार्तिकेयपुर राजवंश।
  • कत्यूरी राजवंश।
  • गढ़वाल का परमार राजवंश; कुमाऊँ का चंद राजवंश।
  • गोरखा आक्रमण एवं शासन।
  • ब्रिटिश शासन।
  • टिहरी रियासत।
  • उत्तराखण्ड में स्वतंत्रता संघर्ष - 1857 एवं उत्तराखण्ड, भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन में उत्तराखण्ड का योगदान।
  • उत्तराखण्ड के जनआंदोलन। 
  • संबंधित अन्य पहलू। 

यूनिट - 2 भारत एवं विश्व का भूगोल

विश्व का भूगोल 

  • विविध शाखाएं, पृथ्वी एवं सौरमण्डल, अक्षांश देशान्तर, समय, परिभ्रमण, परिक्रमण, ग्रहण, महाद्वीप, पर्वत, पठार, मैदान, जलमंडल, झीलें एवं चट्टान, वायुमण्डल की परतें, संरचना, सौर्यताप, आर्द्रता, महासागरीय नितल की बनावट, धाराएँ, ज्वार भाटा, तापमान एवं खारापन, कृषि, पौधे, जन्तु, पशुपालन, ऊर्जा एवं खनिज संसाधन, उद्योग, जनसंख्या, प्रजातियां एवं जनजातियां, प्रवास, परिवहन, संचार, अन्तर्राष्ट्रीय सीमा रेखाएं, पर्यावरण एवं विश्व व्यापार (क्षेत्रीय आर्थिक गुट), भौगोलिक शब्दावली और संबंधित अन्य पहलू।

भारत का भूगोल 

  • भौगोलिक परिचय, उच्चावच एवं संरचना, जलवायु, अपवाह प्रणाली, वनस्पति, पौधे, जन्तु, पशुपालन, मिट्टी, जल संसाधन, सिंचाई, बिजली, कृषि, खनिज, उद्योग, जनसंख्या एवं नगरीकरण, परिवहन, संचार, संचार तंत्र, विदेशी व्यापार, अनुसूचित जाति एवं जनजातियां, सामाजिक परिस्थितियां, अधिवास एवं प्रदूषण और संबंधित अन्य पहलू।

उत्तराखण्ड का भूगोल 

  • भौगोलिक अवस्थिति, भू-आकृति एवं संरचना, जलवायु, जल प्रवाह तन्त्र, वनस्पति, सिंचाई, मुख्य नगर, पर्यटन स्थल, जनसंख्या, अनुसूचित जाति एवं जनजातियां, परिवहन तन्त्र, ऊर्जा संसाधन एवं औद्योगिक विकास, प्राकृतिक आपदाएं और संबंधित अन्य पहलू।

यूनिट -3 भारतीय राजव्यवस्था

राष्ट्रीय-

  1. संसदीय प्रणाली।
  2. गठबंधन की राजनीति।
  3. क्षेत्रवाद, जातिवाद, साम्प्रदायिकता, आतंकवाद और नक्सलवाद।
  4. कल्याण : अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक (संवैधानिक व्यवस्था, कानूनी दायरा, संस्थागत व्यवस्था, प्रक्रिया और प्रभाव के संदर्भ में)
  5. लिंग राजनीति : समानता, आरक्षण, अधिकारिता, कल्याण और सुरक्षा, सुरक्षा के उपाय।
  6. भारत में चुनाव सुधार।
  7. शासन : संस्थान और प्रक्रिया।
  8. राष्ट्रीय एकता।
  9. भारत की नाभिकीय नीति।
  10. पर्यावरणीय समस्याएं।
  11. आर्थिक और वित्तीय सुधार : उदारीकरण, निजीकरण और वैश्विकरण (एल०पी०जी०) और राजनीति तथा शासन पर इसके प्रभाव, आयोजना तंत्र तथा आयोजना की प्रक्रिया और बैंकिंग क्षेत्र (आर०बी०आई०, नाबार्ड और आई०डी०बी०आई० आदि)।
  12. भारत में संस्थागत सुधार अर्थात एम०एन०आर०ई०जी०ए०, एन०आर०एच०एम०, जे० एन०एन०यू०आर०एम० आदि, सार्वजनिक निजी भागीदारी (पी०पी०पी०) के तरीके। 
  13. देश की राजनीति और प्रशासनिक प्रक्रिया में नागरिकों की भागीदारी।
  14. सिविल सोसायटी।
  15. लोकपाल और लोकायुक्त।
  16. सम्बन्धित अन्य पहलू।

अन्तर्राष्ट्रीय -

  1. संयुक्त राष्ट्र।
  2. अन्तर्राष्ट्रीय संस्थाएं।
  3. वैश्विक स्तर पर पर्यावरणीय समस्याएं।
  4. सार्क, आसियान और साफ्टा एवं अन्य क्षेत्रीय गुट।
  5. विश्व के बड़े मुद्दों पर भारत का दृष्टिकोण: निरस्त्रीकरण, मानवाधिकार और वैश्विकता।
  6. ब्रिक्स और भारत के लिए इसका महत्व।
  7. सम्बन्धित अन्य पहलू।

भारत का संविधान-

  1. भारत में संविधानात्मक विकास।
  2. संवैधानिक असैम्बली।
  3. उद्देशिका।
  4. भारतीय संविधान की मूल विशेषताएं (इसके विभिन्न भाग महत्वपूर्ण अनुच्छेद और सिद्धांत सहित) 
  5. मौलिक अधिकार और कर्तव्य।
  6. राज्य नीति के निदेशात्मक सिद्धांत।
  7. संवैधानिक संशोधन प्रणाली और महत्वपूर्ण संवैधानिक संशोधन।
  8. भारत में शासन की संघीय और संसदीय प्रणाली।
  9. संसदीय समितियां (लोक लेखा समिति, आकलन समिति और संयुक्त संसदीय समिति)।
  10. संवैधानिक निकाय : चुनाव आयोग और भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक। 
  11. न्यायपालिका : उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय।
  12. सम्बन्धित अन्य पहलू।

भारतीय राजनीति -

  1. संघीय कार्यपालिका : राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मंत्री परिषद, मंत्रिमण्डल सचिवालय, केन्द्रीय सचिवालय, और प्रधानमंत्री कार्यालय।
  2. राज्य कार्यपालिका : राज्यपाल, मुख्य मंत्री और मंत्री परिषद, राज्य सचिवालय और मुख्य सचिव।
  3. भारत में संसद और राज्य विधान सभाएं।
  4. चुनाव तंत्र और प्रक्रिया।
  5. राजनीतिक दल और दबाव समूह।
  6. राजनीतिज्ञों और सरकारी सेवकों के संबंध।
  7. भारत में राजनीतिक संस्कृति का विकास।
  8. राजनीतिक सामाजीकरण की एजेंसियां।
  9. भारत में प्रशासनिक प्रणाली का मूल्यांकन और विकास।
  10. भारत में राज्यों का पुनर्गठन।
  11. संघ राज्य क्षेत्रों और अन्य विनिर्दिष्ट राज्यों और क्षेत्रों का प्रशासन।
  12. प्रशासनिक सुधार (विभिन्न महत्वपूर्ण समितियों और आयोगों सहित)।
  13. जिला प्रशासन।
  14. सम्बन्धित अन्य पहलू।

पंचायती राज -

  1. स्थानीय शासन : 73वां और 74वां संविधान संशोधन अधिनियम।
  2. राज्य वित्त आयोग : कार्य और भूमिका।
  3. स्थानीय निकायों को अधिकार देना।
  4. भारत में स्थानीय निकायों का स्वरूप : नगर निगम, नगर परिषद, नगर पंचायत, ग्राम पंचायत, पंचायत समितियां और जिला परिषद।
  5. सम्बन्धित अन्य पहलू।

लोक नीति -

  1. सुशासन : सीटिजन वार्टर और ई-गवर्नेस।
  2. भ्रष्टाचार का निवारण और लोकपाल तथा लोकायुक्त।
  3. सूचना का अधिकार।
  4. शिक्षा का अधिकार।
  5. सेवा का अधिकार।
  6. सम्बन्धित अन्य पहलू।

अधिकारों से संबंधित मुद्दे -

  1. मौलिक अधिकार।
  2. नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम 1955। 
  3. भारत में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यकों से संबंधित मुद्दे, महिला और बाल तथा बुजुर्गों के संरक्षण से संबंधित विभिन्न अधिकार। 
  4. सम्बन्धित अन्य पहलू।

उत्तराखण्ड की राज व्यवस्था-

  • शासन प्रणाली, राज्यपाल, विधायिका, मुख्यमंत्री, मंत्रिपरिषद, केन्द्र राज्य संबंध, लोक सेवाएं, लोक सेवा आयोग, लेखा-परीक्षण, महान्यायवादी, उच्च न्यायालय एवं उसका अधिकार क्षेत्र, अल्पसंख्यक, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजातियों से सम्बन्धित प्राविधान, राज भाषा, विशेष राज्य के चयन के मापदण्ड, संचित निधि एवं आकस्मिक निधि, राजनैतिक दल एवं निर्वाचन, स्थानीय शासन एवं पंचायती राज, सामुदायिक विकास, लोकनीति, अधिकार सम्बन्धी मुद्दे (शिक्षा, रोजगार, विकास आदि), सुशासन (भ्रष्टाचार निवारण, लोकायुक्त, सिटीजन चार्टर, ई-गवर्नेस, सूचना का अधिकार, समाधान योजना आदि) और सम्बन्धित अन्य पहलू।

यूनिट 4 आर्थिक एवं सामाजिक विकास

राष्ट्रीय -

  1. आर्थिक नीति : भारत में आर्थिक सुधार, उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण। 
  2. प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफ डी० आई), मुद्रास्फीति, समाहिक प्रगति, आर्थिक विकास बनाम पर्यावरणीय संरक्षण।
  3. गरीबी और बेरोजगारी के उन्मूलन संबंधी कार्यक्रम, मानव विकास सूचकांक (एच डी आई)।
  4. जनगणना एवं भारत की जनसंख्या की मुख्य विशेषताएं। आर्थिक विकास और जनसंख्या। नगरीकरण से सम्बन्धित मुद्दे।
  5. केन्द्रीय बजट की मुख्य विशेषताएं।
  6. भारत की अर्थव्यवस्था की मुख्य विशेषताएं।
  7. भारत के प्राकृतिक और ऊर्जा संसाधन, व्यापार (वैदेशिक क्षेत्र), वाणिज्य,उद्योग, योजनाएं एवं परियोजनाएं तथा आर्थिक विकास की दिशा।
  8. कर सुधार एवं बैंकिंग व्यवसाय।
  9. योजनागत विकास।
  10. राष्ट्रीय विकास परिषद। 
  11. राष्ट्रीय आय।
  12. भारतीय कृषि (कृषि उत्पादकता, पशुधन, हरित क्रान्ति, खाद्य सुरक्षा, खाद्यान्न मूल्य, बफर स्टाक, कृषि नीति, कृषि / बीज बीमा योजना)। 
  13. भारतीय वित्तीय / मुद्रा / पूंजी / प्रतिभूति बाजार।
  14. बीमा क्षेत्र, कर संरचना, लोक वित्तीय एवं राजकोषीय नीति।
  15. अवधारणाएं (व्यावर्ती योजना, स्वीट शेयर, हवाला, गिल्ट एज बाजार, काला बाजार, काला धन इत्यादि)।
  16. सम्बन्धित अन्य पहलू।

अतंर्राष्ट्रीय -

  1. विश्व व्यापार संगठन (W.T.O.), अंतर्राष्ट्रीय पुनर्निर्माण और विकास बैंक (IBRD), अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा निधि (IMF), विश्व बैंक (वर्ल्ड बैंक), दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संघ (SAARC), दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्र संघ (ASEAN), दक्षिण एशियाई वरीयता व्यापार करार (SAPTA), ब्रिक्स (BRICS), ओपेक (OPEC) एवं अन्य क्षेत्रीय आर्थिक एवं वाणिज्यिक संगठन।
  2. पूंजी का अंतर्राष्ट्रीय प्रवाह, मानव संसाधन और प्रौद्योगिकी।
  3. विदेशी मुद्रा विनियम अधिनियम (FERA), प्रिवेंशन ऑफ मनी लैडरिंग एक्ट(PMLA)।
  4. विश्व मानव सूचकांक।
  5. पारिभाषिक शब्दावली।
  6. सम्बन्धित अन्य पहलू।

उत्तराखण्ड -

  • अर्थव्यवस्था एवं बजट की मुख्य विशेषताएं, प्राकृतिक और ऊर्जा संसाधन, व्यापार वाणिज्य, उद्योग, योजनाएं एवं परियोजनाएं, कर / आर्थिक सुधार, योजनागत विकास, कृषि, पशुधन, खाद्यान्न सुरक्षा, लोकवित्त, राजकोषीय नीति, जनगणना, मानव विकास सूचकांक, पर्यटन, जड़ी-बूटी एवं संस्कृति का आर्थिक विकास में योगदान और सम्बन्धित अन्य पहलू।

यूनिट – 5 सामान्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी

भारत में विज्ञान और प्रौद्योगिकी 

  • इतिहास और योगदान
  • समसामयिकी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सम्मान, पुरस्कार, खोज, अन्वेषण, विज्ञान कांग्रेस सम्मेलन, सौर प्रौद्योगिकी, मानव कल्याण, स्वास्थ्य और औषध के लिए नई प्रौद्योगिकी का अनुप्रयोग, पर्यावरणीय जागरूकता, प्राकृतिक जैव संसाधन इत्यादि।
  • राज्य, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय वैज्ञानिक एवं अनुसंधान विषयक अन्य संगठन- आईयूसीएन, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ, आईपीसीसी, डब्ल्यूएचओ, यूनेस्को आदि। 
  • सूचना प्रौद्योगिकी और दैनिक जीवन में कम्प्यूटरों का अनुप्रयोग, ई-गवर्नेन्स आदि।

पारिस्थिति और पर्यावरण

  • पर्यावास, सामुदायिक पर्यावरणीय प्रणाली, संरचनात्मक कार्य और अनुकूलन, वनस्पतियां एवं उनका वर्गीकरण, परम्परागत खेती, वाणिज्यिक कृषि एवं कृषि का वाणिज्यिकरण, कृषि फसलों का उत्पादन एवं उनका क्षेत्रीय वितरण ( राज्य, राष्ट्र एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर), कृषि समस्याएं, कृषिक विविधता इत्यादि।

प्राकृतिक संसाधन

  • मृदा, जल, वायु, वन, घासभूमि, आर्द्र भूमि, समुद्रीय, नवीनीकरण और गैर नवीनीय उर्जा संसाधनों की योजना और प्रबंधन। 
  • जैव विविधता – जोखिम और संरक्षण, आचारनीति और उपयोग। 
  • पर्यावरणीय संकट: वायु, जल, मृदा और अंतरिक्ष प्रदूषण, नियम और अधिनियम, भूमंडलीय ऊष्मता।
  • भूमंडलीय जलवायु परिवर्तन- कारण और प्रभाव। 
  • सुदूर संवेदन की अवधारणा और जीआईएस अनुप्रयोग। 
  • मौसम पूर्वानुमान। 
  • स्प्रेडशीट ( विस्तारण) का अनुप्रयोग और आधार आंकड़ों का अनुप्रयोग।

भौतिकी (फिजिकल) विज्ञान / जागरूकता 

  • कम्प्यूटर और सूचना प्रक्रमण के सिद्धांत, मौलिक कम्प्यूटर संगठन, बूलियन बीजगणित, लॉजिक गेट्स, समस्या समाधान तकनीकें और कम्प्यूटर भाषाएं, व्यापारिक आंकड़ा प्रक्रमण, आंकड़ा सम्प्रेषण और कम्प्यूटर नेटवर्क और सुरक्षा, इंटरनेट और मल्टीमीडिया अनुप्रयोगों का उपयोग, क्लाउड कम्प्यूटिंग, पीसी का अनुप्रयोग, साफ्टवेयर पैकेज, साईबर अधिनियम के मूलभूत तत्व आदि।
  • पदार्थ और इसकी अवस्थाएं, अम्ल, आधार रूप और लवण, तत्वों का उद्गम और वितरण, भारी और हल्का पानी, सघन पानी, शुद्धिकरण, बैट्रियां, ईंधन सेल, विनाषन, विखंडन और संलयन, समानता के तत्व, पोलिमर्स, कार्बोहाइड्रेट्स, प्रोटीन, न्यूक्लिक अम्ल, लिपिड, हार्मोन्स, विटामिन, औषध और स्वास्थ्य देखभाल, डाईज, कॉस्मेटिक, खाद्य रसायन विज्ञान आदि।
  • यांत्रिकी, पदार्थ की सामान्य विशेषताएं, तरंग गति, ध्वनि और इलैक्ट्रोमैग्नेटिक तरंगें, ऊष्मा, प्रकाश।
  • चुम्बकत्व, विद्युत, परमाणु और नाभिकीय भौतिकी, खगोल विद्या और अंतरिक्ष भौतिकी, एक्स-रे और सेमीकंडक्टर प्रौद्योगिकी आदि।

जीवन (Life) विज्ञान 

  • शाखाएं, योगदान, प्राकृतिक संसाधन और उनका प्रबंधन। 
  • जैव-विविधता, जैव-प्रौद्योगिकी, अतिसूक्ष्म प्रौद्योगिकी, जैव उत्पाद, टीके, प्रतिरक्षण, स्वास्थ्य देखभाल, आनुवांशिक रूप से आशोधित जीवधारी, भूमंडलीय ऊष्मता और जलवायु परिवर्तन, पशुपालन, पादप और मानव कल्याण इत्यादि।

वैज्ञानिक पारिभाषिक शब्दावली।

  • उत्तराखंड के प्राकृतिक संसाधन और राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन आदि में उनका योगदान इत्यादि।

यूनिट - 6 राज्य, राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय महत्व की समसामयिक घटनायें

  • महाद्वीप एवं विश्व के देश, विश्व अंतरिक्ष की महत्वपूर्ण घटनाऐं, विश्व के आश्चर्य, विश्व के धर्म, भारतीय राज्य, विश्व / भारत की प्रसिद्ध पुस्तकें एवं लेखक, प्रसिद्ध वैज्ञानिक, प्रमुख पुरस्कार, भारतीय रक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, वैज्ञानिक तथा तकनीकी विकास, शिक्षा, राष्ट्रीय प्रतीक, भारत में वरीयता अनुक्रम, विश्व / भारत के प्रमुख मानव अधिकार एवं कल्याण संगठन, प्रसिद्ध धार्मिक स्थल, प्रमुख दरें, भारत के नृत्य, सांस्कृतिक संस्थान, संगीत, चित्रकला, भारतीय भाषायें, विश्व धरोहर स्थल, प्रमुख समाचार पत्र, महत्वपूर्ण तिथियां, खेल परिदृश्य, मुख्य खेल तथा खेलों से सम्बन्धित शब्दावली, सम्मेलन / प्रदर्शनी / महोत्सव / कांफ्रेंस, प्रमुख रिपोर्ट और सम्बन्धित अन्य पहलू।

प्रश्नपत्र -2 (सीसैट)


यूनिट – 1 (प्रश्नों की संख्या 80, पूर्णांक : 120 अंक)

  1. अभिक्षमता परीक्षा
  • कथन/वचन, सत्य और असत्य कथन (न्यायवाक्य), एमोलोजिन, समरूपता व असमानता, निरूपण, प्रतिबिम्ब / प्रतिरूप।
  1. सम्प्रेषण व अंतर वैयक्तिक कुशलता 
  • शब्द निर्माण, कूटबद्धता/गैर-कूटबद्धता, संख्यात्मक प्रचालन, समानार्थक, विलोमार्थक। 
  1. तार्किक व विश्लेषणात्मक योग्यता
  • तर्कः कथन-दलील, कथन–पूर्वानुमान, कथन कियाविधि, कथन–निष्कर्ष, वाक्य से निष्कर्ष निकालना, विषय-वस्तु का पता लगाना, प्रश्न कथन, वेन-आरेख, अंकगणित संख्या श्रृखंला, अंकगणितीय तर्क-वितर्क व आकृतात्मक वर्गीकरण, संबंध अवधारणा।
  1. निर्णय लेना और समस्या समाधान
  • समस्या समाधान, निर्णय लेना, दृश्य स्मृति, विभेद, कूटबद्धता व गैर- कूटबद्धता, कथन एवं कारण।
  1. सामान्य मानसिक योग्यता 
  • दिशा बोधक परीक्षा, सामाजिक बौद्धिकता, भावात्मक बौद्धिकता, आलोचनात्मक चिंतन, कूटबद्धता/गैर- कूटबद्धता, वर्णाक्षर परीक्षण, आंकड़ा पर्याप्तता, अनुपस्थित स्वरूप विवेचन।
  1. संख्यात्मक अभिज्ञान :
  • संख्या व उनका वर्गीकरण, संख्याओं की विभाज्यता का परीक्षण, विभाज्यता की सामान्य विशेषताएं, मुख्य संख्या का परीक्षण, विभाजन और शेषफल, शेषफल नियम, दो-लाईन संख्या श्रृखला, प्राकृतिक संख्याओं पर कुछ नियम।
  1. सांख्यिकीय विश्लेषण
  • आंकड़ों का चार्ट, ग्राफ, तालिका के माध्यम से प्रस्तुतीकरण, आंकड़ों की पर्याप्तता।

यूनिट -2 (प्रश्नों की संख्या : 20, पूर्णांक : 30 अंक)

(यूनिट -2 में बिन्दु -08 में कुल 07 प्रश्न एवं बिन्दु 09 में कुल 13 प्रश्न)

8- अंग्रेजी भाषा में बोधगम्यता कौशल

(A) There shall be a long passage in English for comprehension, followed by three objective-type questions, with multiple choices, of 1.5 mark each. These questions will test the candidate's ability to comprehend the ideas contained in the passage as well as his/her knowledge of English language/grammar.

(B) The four questions (1.5 mark each) based on language/grammar may cover the following areas :

(i) Vocabulary

(ii) Antonyms

(iii) Synonyms

(iv) One-word substitution

(v) Phrases/phrasal verbs

(vi) Transformation of sentences

9- हिन्दी भाषा में बोधगम्यता कौशल

(अ) हिन्दी -भाषा में बोधगम्यता कौशल हेतु दिए गए विस्तृत अपठित गद्यांश या अवतरण से, प्रतिपाद्य (विषय-वस्तु), भाषा और व्याकरण पर आधारित, 06 वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे जाएंगे। प्रत्येक वस्तुनिष्ठ प्रश्न डेढ़ अंक का होगा तथा प्रत्येक प्रश्न के चार वैकल्पिक उत्तर A, B, C, D होंगे, जिनमें केवल एक उत्तर ही सही होगा।

(ब) 07 वस्तुनिष्ठ प्रश्न (प्रत्येक डेढ़ अंक) अपठित गद्यांश के कथ्य, शीर्षक, उद्देश्य, भाषा, लोकोक्ति एवं मुहावरा, अलंकार, शब्द- विवेक (तत्सम, तद्भव, देशज एवं विदेशी शब्द, पर्यायवाची शब्द, विलोम शब्द, शब्दार्थ), उपसर्ग, प्रत्यय, सन्धि, समास और क्रियारूप आदि पर आधारित होने चाहिए।

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