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सिविल सेवा परीक्षा

सामान्य परिचय

सिविल सेवा परीक्षा भारत की एक प्रतिष्ठित परीक्षा है। इसका आयोजन संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा किया जाता है। सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से देश की विभिन्न प्रतिष्ठित सिविल सेवाओं, जैसे कि आई.ए.एस, आई.एफ.एस, आई.पी.एस, आई.आर.एस, आई.आर.टी.एस. के लिये प्रशासकों का चयन किया जाता है। हर साल लगभग 10 लाख उम्मीदवार इस परीक्षा के लिये आवेदन करते हैं, इनमें से लगभग 4 से 5 लाख परीक्षा में बैठते हैं और अंतिम रूप से लगभग एक हज़ार उम्मीदवार इसमें सफल होकर देश की सेवा करते हैं।

परीक्षा का प्रारूप

सिविल सेवा परीक्षा तीन चरणों में आयोजित की जाती है- प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा एवं साक्षात्कार। प्रत्येक चरण में परीक्षा की प्रकृति भिन्न होती है, जैसे- प्रारंभिक परीक्षा में वस्तुनिष्ठ प्रकृति के प्रश्न पूछे जाते हैं। इसमें प्रत्येक प्रश्न के लिये 4 विकल्प दिये जाते हैं जिनमें से उम्मीदवार को एक सही विकल्प का चयन करना होता है। मुख्य परीक्षा पूरी तरह से लिखित होती है, इसमें दिये गए प्रश्नों के निर्धारित शब्द-सीमा में वर्णनात्मक उत्तर लिखने होते हैं। साक्षात्कार में मौखिक प्रश्न पूछे जाते हैं। आगे हम सिविल सेवा परीक्षा के तीनों चरणों की विस्तार से चर्चा करेंगे-

प्रारंभिक परीक्षा

प्रारंभिक परीक्षा की संरचना (Structure of Preliminary Examination)

प्रारंभिक परीक्षा में दो प्रश्नपत्र होते हैं। पहला प्रश्नपत्र ‘सामान्य अध्ययन’ का है, जबकि दूसरे को ‘सिविल सेवा अभिवृत्ति परीक्षा’(Civil Services Aptitude test) या ‘सीसैट’ कहते हैं। प्रारंभिक परीक्षा में ‘सीसैट’ का प्रश्नपत्र अर्हकारी प्रकृति (Qualifying Nature) का होता है। दोनों प्रश्नपत्र 200-200 अंकों के होते हैं, इस प्रकार परीक्षा कुल 400 अंकों की होती है। पहले प्रश्नपत्र यानी सामान्य अध्ययन में 2-2 अंकों के 100 प्रश्न होते हैं, जबकि दूसरे प्रश्नपत्र (सीसैट) में 2.5-2.5 अंकों के 80 प्रश्न। दोनों प्रश्नपत्रों में प्रत्येक प्रश्न के साथ 4-4 विकल्प दिये जाते हैं, जिनमें से उम्मीदवार को सही विकल्प का चयन करना होता है। दोनों प्रश्नपत्रों में ‘नकारात्मक अंकन (Negative Marking) की व्यवस्था लागू है, जिसके तहत 3 उत्तर गलत होने पर 1 सही उत्तर के बराबर अंक काट लिये जाते हैं। इस नियम के अंतर्गत सामान्य अध्ययन में एक सही उत्तर के लिये 2 अंक दिये जाते हैं, जबकि एक गलत उत्तर के लिये 0.67 अंक काट लिये जाते हैं। इसी तरह, सीसैट में एक सही उत्तर के लिये 2.5 अंक दिये जाते हैं, जबकि एक गलत उत्तर पर 0.83 अंक का नुकसान होता है।

चूँकि सीसैट क्वालीफाइंग पेपर के रूप में है, इसलिये प्रारंभिक परीक्षा पास करने के लिये किसी भी उम्मीदवार को सीसैट पेपर में सिर्फ 33 प्रतिशत अंक (लगभग 27 प्रश्न या 66 अंक) प्राप्त करने आवश्यक होते हैं। अगर वह इससे कम अंक प्राप्त करता है तो उसे फेल माना जाता है। प्रारंभिक परीक्षा के लिये कट-ऑफ का निर्धारण सिर्फ प्रथम प्रश्नपत्र यानी सामान्य अध्ययन के आधार पर किया जाता है।

कट-ऑफ’ का स्तर (Cut-off Level)

जितने अंकों के साथ अंतिम उम्मीदवार परीक्षा में सफल होता है, उस स्तर को ‘कट-ऑफ’ कहा जाता है। मान लीजिये, कुल 12,000 उम्मीदवारों ने परीक्षा पास की है। इसके लिये सभी उम्मीदवारों के कुल प्राप्तांकों की सूची बनाई जाएगी, जिसमें ऊपर से 12,000 उम्मीदवारों को चुन लिया जाएगा। इन चुने गए उम्मीदवारों में से अंतिम उम्मीदवार के जितने प्राप्तांक होंगे, उसी को ‘कट-ऑफ’ कहा जाएगा।

सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों की तुलना में आरक्षित वर्गों तथा विकलांग वर्ग के उम्मीदवारों के लिये कट-ऑफ कुछ कम होता है। वर्ष 2013 से 2018 की प्रारंभिक परीक्षा में विभिन्न वर्गों के लिये ‘कट-ऑफ’ इस प्रकार रहा- 

वर्ग 2013 2014 2015 2016 2017 2018
सामान्य वर्ग (General/Other) 241 205 107.34 106.00 105.34 98.0
अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) 222 204 10.00 110.66 102.66 96.66
अनुसूचित जाति (SC) 207 182 94.00 99.34 88.66 84.00
अनुसूचित जनजाति (ST) 201 174 91.34 96.00 88.66 83-34
विकलांग वर्ग-1 (PH-1) 199 167 90.66 75.34 85.34 73.34
विकलांग वर्ग-2 (PH-2) 184 113 76.66 72.66 61.34 53.34
विकलांग वर्ग-3 (PH-3) 163 115 40.00 40.00 40.00 40.00

उपर्युक्त तालिका से स्पष्ट है कि ‘कट-ऑफ’ हमेशा स्थिर नहीं रहता है। उम्मीदवारों की संख्या, योग्यता, रिक्तियों (Vacancies) की संख्या तथा प्रश्नपत्रों के कठिनाई स्तर में परिवर्तन के साथ-साथ यह हर वर्ग के लिये कुछ ज़्यादा या कम होता रहता है।

ध्यान रहे कि अंकों की ये गणनाएँ नकारात्मक अंकन से हुए नुकसान को घटाने के बाद की अर्थात् शुद्ध प्राप्तांकों की हैं। इसका अर्थ है कि किसी भी उम्मीदवार को प्रत्येक 3 गलत उत्तरों के बदले 1 सही उत्तर कम करके अपने प्राप्तांकों की गणना करनी चाहिये।

आयु-सीमा और अवसरों की संख्या (Age Limit and No. of Attempts)

वर्ग आयु-सीमा अवसरों की संख्या
सामान्य वर्ग 21 से 32 वर्ष 06
अन्य पिछड़ा वर्ग 21 से 35 वर्ष 09
अनुसूचित जाति 21 से 37 वर्ष 21 से 37 वर्ष
अनुसूचित जनजाति 21 से 37 वर्ष 21 से 37 वर्ष
  • आयु की गणना परीक्षा के कलेंडर वर्ष के 1 अगस्त से की जाएगी।
  • जो अभ्यर्थी 1 जनवरी, 1980 से 31 दिसम्बर, 1989 के बीच जम्मू-कश्मीर में निवासरत थे, उन्हें आयु में अधिकतम 5 वर्ष की छूट मिलेगी।
सामान्य अध्ययन (प्रारंभिक परीक्षा) का पाठ्यक्रम [Syllabus of General Studies (Preliminary Test)]
प्रारंभिक परीक्षा में प्रश्नपत्र-1 का सम्बंध सामान्य अध्ययन से है। इसका पाठ्यक्रम निम्नलिखित है-
1. राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महत्त्व की सामयिक घटनाएँ  (Current events of national and international importance)
2. भारत का इतिहास और भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन (History of India and Indian National Movement)
3. भारत एवं विश्व का भूगोल: भारत एवं विश्व का प्राकृतिक, सामाजिक, आर्थिक भूगोल (Indian and World Geography - Physical, Social, Economic Geography of India and the World)
4. भारतीय राज्यतंत्र और शासन- संविधान, राजनीतिक प्रणाली, पंचायती राज, लोकनीति, अधिकारों सम्बंधी मुद्दे इत्यादि  (Indian Polity and Governance - Constitution, Political System, Panchayati Raj, Public Policy, Rights Issues etc)
5. आर्थिक और सामाजिक विकास- सतत् विकास, गरीबी, समावशन, जनसांख्यिकी, सामाजिक क्षेत्र में की गई पहल आदि  (Economic and Social Development, Sustainable Development-Poverty, Inclusion, Demographics, Social Sector initiatives etc)
6. पर्यावरणीय पारिस्थितिकी, जैव-विविधता और मौसम परिवर्तन सम्बंधी सामान्य मुद्दे, जिनके लिये विषयगत विशेषज्ञता आवश्यक नहीं है (General issues on Environmental Ecology, Biodiversity & Climate Change - that do not require subject specialization)
7. सामान्य विज्ञान (General Science)

सीसैट का पाठ्यक्रम (Syllabus of CSAT)

क्र.सं. खंड
1. बोधगम्यता (Comprehension)
2. संचार कौशल सहित अंतर-वैयक्तिक कौशल (Interpersonal skills including communication skills)
3. तार्किक कौशल एवं विश्लेषणात्मक क्षमता (Logical reasoning and analytical ability)
4. निर्णय लेना और समस्या समाधान (Decision-making and problem-solving)
5. सामान्य मानसिक योग्यता (General mental ability)
6. आधारभूत संख्ययन (संख्याएँ और उनके सम्बंध, विस्तार-क्रम आदि) (दसवीं कक्षा का स्तर)_ आंकड़ों का निर्वचन (चार्ट, ग्राफ, तालिका, आंकड़ों की पर्याप्तता आदि- दसवीं कक्षा का स्तर) [Basic numeracy (numbers and their relations, orders of magnitude, etc.) (Class X level), Data interpretation (charts, graphs, tables, data sufficiently etc. (Class X level)]

मुख्य परीक्षा

परिचय (Introduction)

सिविल सेवा परीक्षा का दूसरा चरण ‘मुख्य परीक्षा’कहलाता है। प्रारंभिक परीक्षा में सफल हुए उम्मीदवारों को सामान्यतः सितम्बर-अक्तूबर माह के दौरान मुख्य परीक्षा देने के लिये आमंत्रित किया जाता है। जहाँ प्रारंभिक परीक्षा पूरी तरह वस्तुनिष्ठ (Objective) होती है, जिसमें उम्मीदवार को प्रत्येक प्रश्न के लिये दिये गए 4 विकल्पों में से एक सही विकल्प को चुनना होता है, वहीं मुख्य परीक्षा में अलग-अलग शब्द-सीमा वाले वर्णनात्मक (Descriptive) प्रश्न पूछे जाते हैं, जिनके उत्तर निर्धारित शब्द-सीमा में लिखने होते हैं। यही कारण है कि मुख्य परीक्षा में सफल हाने के लिये  लेखन-शैली को एक महत्त्वपूर्ण योग्यता माना जाता है।

मुख्य परीक्षा की संरचना (Structure of Main Examination)

मुख्य परीक्षा कुल 1750 अंकों की होती है जिनमें 1000 अंक सामान्य अध्ययन के लिये (250-250 अंकों के 4 प्रश्नपत्र), 500 अंक एक वैकल्पिक विषय के लिये (250-250 अंकों के 2 प्रश्नपत्र) तथा 250 अंक निबंध के लिये निर्धारित हैं। इसके अलावा, 300-300 अंकों के दो प्रश्नपत्र अंग्रेजी तथा भारतीय भाषा [(हिंदी अथवा संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल कोई अन्य भाषा)] के होते हैं जो अर्हकारी प्रकृति (Qualifying Nature) के हैं। भारतीय भाषा तथा अंग्रेजी के इन दोनों प्रश्नपत्रें में भी न्यूनतम अर्हता अंक 25-25% (75-75) निर्धारित किये गए हैं।

मुख्य परीक्षा की वर्तमान प्रणाली इस प्रकार है–

प्रश्नपत्र-1 निबंध 250 अंक
प्रश्नपत्र-2 सामान्य अध्ययन-1: (भारतीय विरासत और संस्कृति, विश्व का इतिहास एवंभूगोल तथा समाज) 250 अंक
प्रश्नपत्र-3 सामान्य अध्ययन-2: (शासन व्यवस्था, संविधान, राजव्यवस्था, सामाजिक न्याय तथा अंतर्राष्ट्रीय सम्बंध) 250 अंक
प्रश्नपत्र-4 सामान्य अध्ययन-3: (प्रौद्योगिकी, आर्थिक विकास, जैव-विविधता, पर्यावरण, सुरक्षा तथा आपदा-प्रबंधन)  250 अंक
प्रश्नपत्र-5 सामान्य अध्ययन-4: (नीतिशास्त्र, सत्यनिष्ठा और अभिवृत्ति)  250 अंक
प्रश्नपत्र-6 वैकल्पिक विषय- प्रश्नपत्र-1 250 अंक
प्रश्नपत्र-7 वैकल्पिक विषय- प्रश्नपत्र-2 250 अंक
क्वालिफाइंग-1 अंग्रेजी 300 अंक**
क्वालिफाइंग-2 हिंदी या संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल कोई भाषा 300 अंक**
कुल  1750 अंक

**ध्यान दें कि दोनों क्वालिफाइंग प्रश्नपत्रें के अंक योग्यता निर्धारण के लिये नहीं जोड़े जाते हैं।

नोटः मुख्य परीक्षा के प्रश्नपत्र हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में साथ-साथ प्रकाशित किये जाते हैं, पर उम्मीदवारों को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल 22 भाषाओं में से किसी में भी उत्तर देने की छूट होती है। उम्मीदवार अपने सिविल सेवा परीक्षा के फॉर्म में मुख्य परीक्षा हेतु जिस भाषा को अपने माध्यम के तौर पर अंकित करते हैं, उन्हें मुख्य परीक्षा के सभी प्रश्नपत्रें के उत्तर उसी भाषा में लिखने होते हैं। केवल साहित्य के विषयों में यह छूट है कि उम्मीदवार उसी भाषा की लिपि में उत्तर लिखते हैं, भले ही उसका माध्यम वह भाषा न हो। उदाहरण के लिये, अंग्रेजी माध्यम का उम्मीदवार अगर वैकल्पिक विषय के रूप में पंजाबी का चयन करता है तो उसके उत्तर वह गुरुमुखी लिपि में लिखेगा। शेष मामलों में, इसकी अनुमति नहीं है कि उम्मीदवार अलग-अलग प्रश्नपत्रें के उत्तर अलग-अलग भाषाओं में दे (हालाँकि कुछ राज्यों के लोक सेवा आयोगों ने ऐसी अनुमति दी हुई है)।

मुख्य परीक्षा के लिये वैकल्पिक विषयों की सूची

  • कृषि
  • पशुपालन एवं पशुचिकित्सा विज्ञान
  • नृविज्ञान
  • वनस्पति विज्ञान
  • रसायन विज्ञान
  • सिविल इंजीनियरी
  • वाणिज्यशास्त्र तथा लेखा विधि
  • अर्थशास्त्र
  • विद्युत इंजीनियरी
  • भूगोल
  • भू-विज्ञान
  • इतिहास
  • विधि
  • प्रबंधन
  • गणित
  • यांत्रिक इंजीनियरी
  • चिकित्सा विज्ञान
  • दर्शनशास्त्र
  • भौतिकी
  • राजनीति विज्ञान तथा अंतर्राष्ट्रीय सम्बंध
  • मनोविज्ञान
  • लोक प्रशासन
  • समाजशास्त्र
  • सांख्यिकी
  • प्राणि विज्ञान
  • निम्नलिखित भाषाओं में से किसी एक भाषा का साहित्य: असमिया, बंगाली, बोडो, डोगरी, गुजराती, हिंदी, कन्नड़, कश्मीरी, कोंकणी, मैथिली, मलयालम, मणिपुरी, मराठी, नेपाली, उडिया, पंजाबी, संस्कृत, संथाली, सिंधी, तमिल, तेलुगू, उर्दू और अंग्रेजी।

सामान्य अध्ययन (मुख्य परीक्षा) पाठ्यक्रम: [General Studies (Mains) Syllabus]

सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र-1: भारतीय विरासत और उसकी संस्कृति, विश्व का इतिहास एवं भूगोल और समाज GS-Paper 1: Indian Heritage and Culture, History and Geography of the World and Society
क्र.सं. विषय S.No.  Topic
1. भारतीय संस्कृति में प्राचीन काल से आधुनिक काल तक के कला के रूप, साहित्य और वास्तुकला के मुख्य पहलू शामिल होंगे। 1. Indian culture will cover the salient aspects of Art Forms, Literature and Architecture from ancient to modern times.
2. 18वीं सदी के लगभग मध्य से लेकर वर्तमान समय तक का आधुनिक भारतीय इतिहासµ महत्त्वपूर्ण घटनाएँ, व्यक्तित्व, विषय। 2. Modern Indian history from about the middle of the eighteenth century until the present- significant events, personalities, issues.
3. स्वतंत्रता संग्रामµ इसके विभिन्न चरण और देश के विभिन्न भागों से इसमें अपना योगदान देने वाले महत्त्वपूर्ण व्यक्ति/उनका योगदान। 3. The Freedom Struggle - its various stages and important contributors/contributions from different parts of the country.
4. स्वतंत्रता के पश्चात् देश के अंदर एकीकरण और पुनर्गठन।  4. Post-independence consolidation and reorganization within the country
5. विश्व के इतिहास में 18वीं सदी तथा बाद की घटनाएँ यथा औद्योगिक क्रांति, विश्व युद्ध, राष्ट्रीय सीमाओं का पुनःसीमांकन, उपनिवेशवाद, उपनिवेशवाद की समाप्ति, राजनीतिक दर्शनशास्त्र जैसे साम्यवाद, पूंजीवाद, समाजवाद आदि शामिल होंगे, उनके रूप और समाज पर उनका प्रभाव। 5. History of the world will include events from 18th century such as Industrial revolution, World wars, Redrawal of national boundaries, Colonization, Decolonization, Political philosophies like Communism, Capitalism, Socialism etc.- their forms and effect on the society.
6. भारतीय समाज की मुख्य विशेषताएँ, भारत की विविधता। 6. Salient features of Indian society, Diversity of India.
महिलाओं की भूमिका और महिला संगठन, जनसंख्या एवं सम्बद्ध मुद्दे, गरीबी और विकासात्मक विषय, शहरीकरण, उनकी समस्याएँ और उनके रक्षोपाय।7. 7. Role of women and women's organizations, Population and associated issues, Poverty and developmental issues, Urbanization, their problems and their remedies.
8. भारतीय समाज पर भूमंडलीकरण का प्रभाव। 8. Effects of globalization on Indian society.
9. सामाजिक सशक्तीकरण, सम्प्रदायवाद, क्षेत्रवाद और धर्मनिरपेक्षता। 9. Social empowerment, Communalism, Regionalism & Secularism.
10. विश्व के भौतिक भूगोल की मुख्य विशेषताएँ। 10. Salient features of world's physical geography.
11. विश्व भर के मुख्य प्राकृतिक संसाधनों का वितरण (दक्षिण एशिया और भारतीय उपमहाद्वीप को शामिल करते हुए), विश्व (भारत सहित) के विभिन्न भागों में प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक क्षेत्र के उद्योगों को स्थापित करने के लिये जिम्मेदार कारक। 11. Distribution of key natural resources across the world (including South Asia and the Indian sub-continent); factors responsible for the location of primary, secondary and tertiary sector industries in various parts of the world (including India)
12. भूकम्प, सुनामी, ज्वालामुखीय हलचल, चक्रवात आदि जैसी महत्त्वपूर्ण भू-भौतिकीय घटनाएँ, भौगोलिक विशेषताएँ और उनके स्थानµ अति महत्त्वपूर्ण भौगोलिक विशेषताओं (जल-स्रोत और हिमावरण सहित) और वनस्पति एवं प्राणिजगत में परिवर्तन और इस प्रकार के परिवर्तनों के प्रभाव। 12. Important Geophysical phenomena such as Earthquakes, Tsunami, Volcanic activity, Cyclone etc., geographical features and their location- changes in critical geographical features (including Waterbodies and Ice-caps) and in flora and fauna and the effects of such changes.

सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र-2: शासन व्यवस्था, संविधान, शासन प्रणाली, सामाजिक न्याय तथा अंतर्राष्ट्रीय सम्बंध GS-Paper 2: Governance, Constitution, Polity, Social Justice and International Relations
क्र.सं. विषय S.No. Topic
1. भारतीय संविधान- ऐतिहासिक आधार, विकास, विशेषताएँ, संशोधन, महत्त्वपूर्ण प्रावधान और बुनियादी संरचना। 1. Indian Constitution- historical underpinnings, evolution, features, amendments, significant provisions and basic structure.
2. संघ एवं राज्यों के कार्य तथा उत्तरदायित्व? संघीय ढांचे से सम्बंधित विषय एवं चुनौतियाँ, स्थानीय स्तर पर शक्तियों और वित्त का हस्तांतरण
और उसकी चुनौतियाँ।
2. Functions and responsibilities of the Union and the States, issues and challenges pertaining to the federal structure, devolution of powers and finances up to local levels and challenges therein.
3. विभिन्न घटकों के बीच शक्तियों का पृथक्करण, विवाद निवारण तंत्र तथा संस्थान। 3. Separation of powers between various organs, dispute redressal mechanisms and institutions.
4. भारतीय संवैधानिक योजना की अन्य देशों के साथ तुलना। 4. Comparison of the Indian constitutional scheme with that of other countries.
5. संसद और राज्य विधायिकाµ संरचना, कार्य, कार्य-संचालन, शक्तियाँ एवं विशेषाधिकार और इनसे उत्पन्न होने वाले विषय। 5. Parliament and State Legislatures- structure, functioning, conduct of business, powers & privileges and issues arising out of these.
6. कार्यपालिका और न्यायपालिका की संरचना, संगठन और कार्य- सरकार के मंत्रलय एवं विभाग, प्रभावक समूह और औपचारिक/ अनौपचारिक संघ तथा शासन प्रणाली में उनकी भूमिका 6. Structure, organization and functioning of the Executive and the Judiciary; Ministries and Departments of the Government; pressure groups and formal/informal associations and their role in the Polity.
7. जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की मुख्य विशेषताएँ। 7. Salient features of the Representation of People's Act.
8. विभिन्न संवैधानिक पदों पर नियुक्ति और विभिन्न संवैधानिक निकायों की शक्तियाँ, कार्य और उत्तरदायित्व 8. Appointment to various Constitutional posts, powers, functions and responsibilities of various Constitutional Bodies.
9. सांविधिक, विनिमायक और विभिन्न अर्द्ध-न्यायिक निकाय। 9. Statutory, regulatory and various quasi-judicial bodies.
10. सरकारी नीतियों और विभिन्न क्षेत्रें में विकास के लिये हस्तक्षेप और उनके अभिकल्पन तथा कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न विषय। 10. Government policies and interventions for development in various sectors and issues arising out of their design and implementation.
11. विकास प्रक्रिया तथा विकास उद्योगµ गैर-सरकारी संगठनों, स्वयं सहायता, समूहों, विभिन्न समूहों और संघों, दानकर्ताओं, लोकोपकारी संस्थाओं, संस्थागत एवं अन्य पक्षों की भूमिका। 11. Development processes and the development industry- the role of NGOs, SHGs, various groups and associations donors, charities, institutional and other stakeholders.
12. केंद्र एवं राज्यों द्वारा जनसंख्या के अति संवेदनशील वर्गों के लिये कल्याण् शकारी योजनाएँ और इन योजनाओं का कार्य-निष्पादन_ इन अतिसंवेदनशील वर्गों की रक्षा एवं बेहतरी के लिये गठित तंत्र, विधि, संस्थान एवं निकाय। 12. Welfare schemes for vulnerable sections of the population by the Centre and States and the performance of these schemes; mechanisms, laws, institutions and Bodies constituted for the protection and betterment of these vulnerable sections.
13. स्वास्थ्य, शिक्षा, मानव संसाधनों से सम्बंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन से सम्बंधित विषय। 13. Issues relating to development and management of Social Sector/Services relating to Health, Education, Human Resources.
14. गरीबी एवं भूख से सम्बंधित विषय। 14. Issues relating to poverty and hunger.
15. शासन व्यवस्था, पारदर्शिता और जवाबदेही के महत्त्वपूर्ण पक्ष, ई-गवर्नेंस- अनुप्रयोग, मॉडल, सफलताएँ, सीमाएँ, और सम्भावनाएँ_ नागरिक चार्टर, पारदर्शिता एवं जवाबदेही और संस्थागत तथा अन्य उपाय। 15. Important aspects of governance, transparency and accountability, e-governance- applications, models, successes, limitations and potential; citizens charters, transparency & accountability and institutional and other measures.
16. लोकतंत्र में सिविल सेवाओं की भूमिका। 16. Role of civil services in a democracy.
17. भारत एवं इसके पड़ोसी-सम्बंध 17. India and its neighbourhood-relations.
18. द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह और भारत से सम्बंधित और/अथवा भारत के हितों को प्रभावित करने वाले करार। 18. Bilateral, regional  and global groupings and agreements
involving India and/or affecting India's interests.
19. भारत के हितों पर विकसित तथा विकासशील देशों की नीतियों तथा राजनीति का प्रभाव; प्रवासी भारतीय। 19. Effect of policies and politics of developed and developing countries on India's interests, Indian diaspora.
20. महत्त्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय संस्थान, संस्थाएँ और मंच- उनकी संरचना, अधिदेश। 20. Important International institutions, agencies and fora- their structure, mandate.

सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र-3: प्रौद्योगिकी, आर्थिक विकास, जैव विविधता, पर्यावरण, सुरक्षा तथा आपदा प्रबंधन GS-Paper 3: Technology, Economic Development, Biodiversity, Environment, Security & Disaster Management
क्र.सं. विषय S.No. Topic
1. भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोजगार से सम्बंधित विषय। 1. Indian Economy and issues relating to planning, mobilization of resources, grow, thdevelopment and employment.
2. समावेशी विकास तथा इससे उत्पन्न विषय। 2. Inclusive growth and issues arising from it.
3. सरकारी बजट। 3. Government Budgeting.
4. मुख्य फसलें- देश के विभिन्न भागों में फसलों का पैटर्न- सिंचाई के विभिन्न प्रकार एवं सिंचाई प्रणाली- कृषि उत्पाद का भंडारण, परिवहन तथा विपणन, सम्बंधित विषय और बाधाएँ; किसानों की सहायता के लिये ई-प्रौद्योगिकी। 4. Major crops - cropping patterns in various parts of the country, different types of irrigation and irrigation systems- storage, transport and marketing of agricultural produce and issues and related constraints; e-technology in the aid of farmers.
5. प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष कृषि सहायता तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य से सम्बंधित विषय; जन वितरण प्रणाली- उद्देश्य, कार्य, सीमाएँ, सुधार; बफर स्टॉक तथा खाद्य सुरक्षा सम्बंधी विषय; प्रौद्योगिकी मिशन; पशु पालन सम्बंधी अर्थशास्त्र। 5. Issues related to direct and indirect from subsidies and minimum support prices; Public Distribution System - objectives, functioning, limitations, revampering; issues of buffer stocks and food security; Technology missions; economics of animal-rearing.
6. भारत में खाद्य प्रसंस्करण एवं सम्बंधित उद्योगµ कार्यक्षेत्र एवं महत्त्व, स्थान, ऊपरी और नीचे की अपेक्षाएँ, आपूर्ति शृंखला प्रबंधन। 6. Food processing and related industries in India – scope and significance, location, upstream and downstream requirements, supply chain management.
7. भारत में भूमि सुधार। 7. Land reforms in India.
8. उदारीकरण का अर्थव्यवस्था पर प्रभाव, औद्योगिक नीति में परिवर्तन तथा औद्योगिक विकास पर इनका प्रभाव। 8. Effect of liberalization on the economy, changes in industrial policy and their effects on industrial growth.
9. बुनियादी ढांचा- ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, विमानपत्तन, रेलवे आदि। 9. Infrastructure: Energy, Ports, Roads, Airports, Railways etc.
10. निवेश मॉडल। 10. Investment models.
11. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी- विकास एवं अनुप्रयोग और रोजमर्रा के जीवन पर इसका प्रभाव। 11. Science and Technology- developments and their applications and effects in everyday life.
12. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में भारतीयों की उपलब्धियाँ; देशज रूप से प्रौद्योगिकी का विकास और नई प्रौद्योगिकी का विकास। 12. Achievements of Indians in Science & Technology; indigenization of technology and developing new technology.
13. सूचना प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, कम्प्यूटर, रोबोटिक्स, नैनो-टैक्नोलॉजी, बायो-टैक्नोलॉजी, और बौद्धिक सम्पदा अधिकारों से सम्बंधित विषयों के सम्बंध में जागरूकता। 13. Awareness in the fields of IT, Space, Computers, robotics, nano-technology, bio-technology and issues relating to intellectual property rights.
14. संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव का आकलन। 14. Conservation, environmental pollution and degradation, environmental impact assessment.
15. आपदा और आपदा प्रबंधन। 15. Disaster and disaster management.
16. विकास और फैलते उग्रवाद के बीच सम्बंध। 16. Linkages between development and spread of extremism.
17. आंतरिक सुरक्षा के लिये चुनौती उत्पन्न करने वाले शासन विरोधी तत्त्वों की भूमिका। 17. Role of external state and non-state actors in creating
challenges to internal security.
18. संचार नेटवर्क के माध्यम से आंतरिक सुरक्षा को चुनौती, आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों में मीडिया और सामाजिक नेटवर्किंग साइटों की भूमिका, साइबर सुरक्षा की बुनियादी बातें, धन-शोधन और इसे रोकना। 18. Challenges to internal security through communication networks, role of media and social networking sites in internal security challenges, basics of cyber security; money-laundering and its prevention.
19. सीमावर्ती क्षेत्रें में सुरक्षा चुनौतियाँ एवं उनका प्रबंधनµ संगठित अपराध और आतंकवाद के बीच सम्बंध। 19. Security challenges and their management in border areas – linkages of organized crime with terrorism.
20. विभिन्न सुरक्षा बल और संस्थाएँ तथा उनके अधिदेश। 20. Various Security forces and agencies and their mandate.

सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र-4: नीतिशास्त्र, सत्यनिष्ठा और अभिरुचि GS-Paper 4: Ethics, Integrity and Aptitude
इस प्रश्नपत्र में ऐसे प्रश्न शामिल होंगे जो सार्वजनिक जीवन में उम्मीदवारों की सत्यनिष्ठा, ईमानदारी से सम्बंधित विषयों के प्रति उनकी अभिवृत्ति तथा उनके दृष्टिकोण तथा समाज से आचार-व्यवहार में विभिन्न मुद्दों तथा सामने आने वाली समस्याओं के समाधान को लेकर उनकी मनोवृत्ति का परीक्षण करेंगे। इन आयामों का निर्धारण करने के लिये प्रश्न-पत्र में किसी मामले के अध्ययन (केस स्टडी) का माध्यम भी चुना जा सकता है। मुख्य रूप से निम्नलिखित क्षेत्रें को कवर किया जाएगा। This space will include questions to test the candidates’ attitude and approach to issues relating to integrity, probity in public life and his problem solving approach to various issues and conflicts faced by his in dealing with society. Questions may utilise the case study approach to determine these aspects. The following broad areas will be covered.
क्र.सं. विषय S.No. Topic
1. नीतिशास्त्र तथा मानवीय सह-सम्बंध: मानवीय क्रियाकलापों में नीतिशास्त्र का सार तत्त्व, इसके निर्धारक और परिणाम; नीतिशास्त्र के आयाम; निजी और सार्वजनिक सम्बंधों में नीतिशास्त्र, मानवीय मूल्य- महान नेताओं, सुधारकों और प्रशासकों के जीवन तथा उनके उपदेशों से शिक्षा; मूल्य विकसित करने में परिवार, समाज और शैक्षणिक संस्थाओं की भूमिका। 1. Ethics and Human Interface: Essence, determinants and consequences of Ethics in human actions; dimensions of ethics; ethics in private and public relationships. Human Values – lessons from the lives and teachings of great leaders, reformers and administrators; role of family, society and educational institutions in including values.
2. अभिवृत्ति: सारांश (कंटेन्ट), संरचना, वृत्ति; विचार तथा आचरण के परिप्रेक्ष्य में इसका प्रभाव एवं सम्बंध; नैतिक और राजनीतिक अभिरुचि; सामाजिक प्रभाव और धारणा। 2. Attitude: Content, structure, function; its influence and relation with thought and behaviour; moral and political attitudes; social influence and persuasion.
3. सिविल सेवा के लिए अभिरुचि तथा बुनियादी मूल्य- सत्यनिष्ठा, भेदभाव रहित तथा गैर-तरफदारी, निष्पक्षता, सार्वजनिक सेवा के प्रति समर्पण भाव, कमजोर वर्गों के प्रति सहानुभूति, सहिष्णुता तथा संवेदना। 3. Aptitude and foundational values for Civil Services – integrity, impartiality and  non-partisanship, objectivity, dedication to public service, empathy, tolerance and compassion towards the weaker sections.
4. भावात्मक समझ: अवधारणाएँ तथा प्रशासन और शासन व्यवस्था में उनके उपयोग और प्रयोग। 4. Emotional intelligence-concepts, and their utilities and application in administration and governance.
5. भारत तथा विश्व के नैतिक विचारकों तथा दार्शनिकों के योगदान। 5. Contributions of moral thinkers and philosophers from India and world.
6. लोक प्रशासन में लोक/सिविल सेवा मूल्य तथा नीतिशास्त्र: स्थिति तथा समस्याएँ; सरकारी तथा निजी संस्थानों में नैतिक चिंताएँ तथा दुविधाएँ; नैतिक मार्गदर्शन के स्रोतों के रूप में विधि, नियम, विनिमय तथा अंतरात्मा; उत्तरदायित्व तथा  नैतिक शासन, शासन व्यवस्था में नीतिपरक तथा नैतिक मूल्यों का सुदृढ़ीकरण; अंतर्राष्ट्रीय सम्बंधों तथा निधि व्यवस्था (फंडिंग) में नैतिक मुद्दे; कॉरपोरेट शासन व्यवस्था। 6. Public/Civil service values and Ethics in Public administration: Status and problems; ethical concerns and dilemmas in government and private institutions; laws, rules, regulations and conscience as sources of ethical guidance; accountability and ethical governance; strengthening of ethical and moral values in governance; ethical issues in international relations and funding; corporate governance.
7. शासन व्यवस्था में ईमानदारी: लोक सेवा की अवधारणा; शासन व्यवस्था और ईमानदारी का दार्शनिक आधार, सरकार में सूचना का आदान-प्रदान और पारदर्शिता, सूचना का अधिकार, नीतिपरक आचार संहिता, आचार संहित, नागरिक घोषणा पत्र, कार्य संस्कृति, सेवा प्रदान करने की गुणवत्ता, लोक निधि का उपयोग, भ्रष्टाचार की चुनौतियाँ। 7. Probity in Governance: Concept of public service; Philosophical basis of governance and probity; Information sharing and transparency in government, Right to Information, Codes of Ethics, Codes of Conduct, Citizen's Charters, Work culture, Quality of service delivery, Utilization of public funds, challenges of corruption.
8. उपर्युक्त विषयों मर मामला सम्बंधी अध्ययन (केस स्टडीज)। 8. Case Studies on above issues.


अर्हकारी विषय (Qualifying Subjects)

हिंदी या संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल कोई भाषा मुख्य परीक्षा में दो प्रश्नपत्र अर्हकारी प्रकृति के होते हैं। इनमें से एक अंग्रेज़ी भाषा का और दूसरा संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किसी एक भारतीय भाषा का।
भारतीय भाषा के लिये उम्मीदवार आठवीं अनुसूची में शामिल 22 भाषाओं में से किसी एक भाषा का चयन करता है। अपवादस्वरूप, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड और सिक्किम के रहने वाले उम्मीदवारों के लिये यह प्रश्नपत्र अनिवार्य नहीं होगा।

इस प्रश्नपत्र का पूर्णांक 300 है, जिसमें अर्हकारी अंक 75 (25%) निर्धारित किये गए हैं। प्रश्नों का प्रारूप सामान्य रूप से इस प्रकार होगा–

1- बोधगम्यता
2- संक्षिप्त लेखन
3- शब्द प्रयोग व शब्द भंडार
4- लघु निबंध
5- अंग्रेज़ी से भारतीय भाषा तथा भारतीय भाषा से अंग्रेज़ी भाषा में अनुवाद

अंग्रेज़ी भाषा

इस प्रश्नपत्र का पूर्णांक 300 है, जिसमें अर्हकारी अंक 75 (25%) निर्धारित किये गए हैं। प्रश्नों का प्रारूप सामान्य रूप से इस प्रकार होगा–

1- Comprehension of given passages (बोधगम्यता)
2- Précis Writing (संक्षिप्त लेखन)
3- Usage and Vocabulary (शब्द प्रयोग व शब्द भंडार)
4- Short Essay (लघु निबध)

नोट:

  • भारतीय भाषा और अंग्रेज़ी के प्रश्नपत्र मैट्रिकुलेशन अथवा समकक्ष स्तर के होंगे, इनमें उम्मीदवार को सिर्फ अर्हता प्राप्त करनी होगी। इन प्रश्नपत्रें में प्राप्त अंकों को योग्यता क्रम निर्धारित करने में शामिल नहीं किया जाता है।
  • सभी उम्मीदवारों के निबंध, सामान्य अध्ययन और वैकल्पिक विषय के प्रश्नपत्रें का मूल्यांकन ‘भारतीय भाषा’ तथा अंग्रेज़ी के उन अर्हक प्रश्नपत्रें के साथ ही किया जाएगा, लेकिन निबंध, सामान्य अध्ययन तथा वैकल्पिक विषय के प्रश्नपत्रें पर केवल ऐसे उम्मीदवार के मामले में विचार किया जाएगा, जिन्होंने इन अर्हक प्रश्नपत्रें में न्यूनतम अर्हता मानकों के रूप में भारतीय भाषा एवं अंग्रेज़ी में 25-25% अंक प्राप्त किये हों।
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