पाठ्यक्रम में उल्लिखित विषयों की पारिभाषिक शब्दावलियों एवं देश-दुनिया में चर्चा में रही शब्दावलियों से परीक्षाओं में प्रश्न पूछे जाने का चलन तेजी से बढ़ा है। यह खंड वस्तुनिष्ठ और लिखित दोनों परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है। शब्दावलियों से परिचय अभ्यर्थियों को कम परिश्रम से अधिक अंक लाने में मदद करता है। इस खंड में प्रतिदिन एक महत्वपूर्ण शब्दावली से परिचय कराया जाता है।
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03-Aug-2026
तनियूर दक्षिण भारत, विशेषकर चोल काल में, ऐसा विशेष गाँव था जिसे प्रशासनिक और राजस्व संबंधी मामलों में अन्य गाँवों से अलग स्वतंत्र दर्जा प्राप्त होता था। ऐसे गाँव प्रायः ब्राह्मण बस्तियाँ (ब्राह्मदेय) होते थे और उनका शासन स्थानीय सभा द्वारा संचालित किया जाता था। उन्हें कर, भूमि प्रबंधन तथा न्यायिक मामलों में पर्याप्त स्वायत्तता प्राप्त रहती थी।
01-Aug-2026
भारतीय दर्शन परंपरा में षड्दर्शन से तात्पर्य उन छह प्रमुख आस्तिक दर्शनों से है, जो वेदों की प्रामाणिकता और सत्ता को स्वीकार करते हैं। इनमें सांख्य, योग, न्याय, वैशेषिक, मीमांसा और वेदांत शामिल हैं। ये दर्शन सृष्टि, आत्मा, ईश्वर और जीवन के परम लक्ष्य मोक्ष की प्राप्ति हेतु तर्कसंगत, वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक मार्ग प्रस्तुत करते हैं।
31-Jul-2026
समैयापंथी जैन धर्म का एक सुधारवादी संप्रदाय है। यह संप्रदाय बाहरी आडंबर, कर्मकांड और मूर्तिपूजा की अपेक्षा आत्मचिंतन, सम्यक् ज्ञान, सम्यक् दर्शन तथा आंतरिक साधना पर अधिक बल देता है। इसका उद्देश्य आत्मशुद्धि और आध्यात्मिक उन्नति के माध्यम से मोक्ष की प्राप्ति करना है।
30-Jul-2026
परौती वह कृषि भूमि होती है जिसे एक या अधिक फसली मौसम के लिए जानबूझकर बिना खेती किए खाली छोड़ दिया जाता है, ताकि उसकी उर्वरता और नमी पुनः प्राप्त हो सके। इस अवधि में भूमि को विश्राम मिलता है, जिससे मिट्टी की गुणवत्ता सुधरती है, खरपतवार एवं कीटों का नियंत्रण होता है और अगली फसल का उत्पादन बेहतर होता है।
29-Jul-2026
कम्माल दक्षिण भारत, विशेषकर तमिलनाडु और केरल का एक पारंपरिक शिल्पकार समुदाय है। इसमें लोहार, बढ़ई, स्वर्णकार, ताम्रकार तथा पत्थर पर नक्काशी करने वाले कारीगर शामिल होते हैं। मध्यकालीन दक्षिण भारतीय समाज में यह समुदाय कृषि, मंदिर निर्माण, धातु शिल्प और हस्तकला के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता था।
28-Jul-2026
पायरोक्यूमुलोनिम्बस एक विशेष प्रकार का विशाल तूफानी बादल है, जो बड़े जंगलों की आग, ज्वालामुखी विस्फोट या अत्यधिक गर्मी से उठने वाले धुएँ और गर्म हवा के कारण बनता है। यह बादल तेज वर्षा, बिजली, तेज हवाएँ तथा कभी-कभी नई आग फैलाने वाली बिजली भी उत्पन्न कर सकता है।
27-Jul-2026
कानकुत भूमि की उपज का अनुमान लगाकर लगान या राजस्व निर्धारित करने की एक पारंपरिक पद्धति थी। इसमें खेत की फसल का निरीक्षण कर उसकी संभावित पैदावार का आकलन किया जाता था और उसी आधार पर कर तय किया जाता था। यह व्यवस्था विशेष रूप से मध्यकालीन भारत, विशेषकर मुगल शासन में प्रचलित थी।
25-Jul-2026
गचकारी एक सजावटी निर्माण कला है, जिसमें चूना, प्लास्टर, जिप्सम या मिट्टी के मिश्रण से दीवारों, छतों, गुंबदों और भवनों की सतह पर सुंदर आकृतियाँ, फूल-पत्तियाँ तथा अलंकरण बनाए जाते हैं। इसका उपयोग भवनों को आकर्षक बनाने के साथ-साथ सतह की सुरक्षा के लिए भी किया जाता है। भारत में मुगल एवं राजपूतकालीन स्थापत्य में गचकारी का व्यापक प्रयोग हुआ।
24-Jul-2026
कुफ़ी इस्लामी कला की सबसे प्राचीन और प्रसिद्ध अरबी सुलेख (कैलिग्राफी) शैलियों में से एक है। इसका विकास इराक के कूफ़ा नगर में हुआ। इसकी अक्षर-रचना सीधी, कोणीय और ज्यामितीय होती है। इसका उपयोग प्रारंभिक क़ुरआन की प्रतियों, मस्जिदों, स्मारकों, सिक्कों तथा स्थापत्य सजावट में व्यापक रूप से किया गया। यह इस्लामी कला और वास्तुकला की महत्वपूर्ण पहचान मानी जाती है।
23-Jul-2026
कलमकारी भारत की एक प्राचीन और प्रसिद्ध हस्तकला है, जिसमें सूती या रेशमी वस्त्रों पर प्राकृतिक रंगों और बाँस की कलम (ब्रश) का उपयोग करके हाथ से या ब्लॉक प्रिंटिंग द्वारा सुंदर चित्र उकेरे जाते हैं। ‘कलमकारी’ शब्द फ़ारसी भाषा के ‘कलम’ (पेन) और ‘कारी’ (कालीगरी) से मिलकर बना है, जिसका अर्थ है 'कलम से किया गया कार्य'। यह कला मुख्य रूप से आंध्र प्रदेश में प्रचलित है।
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