New
Final Result - UPSC CSE Result, 2025 GS Foundation (P+M) - Delhi : 23rd March 2026, 11:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 17th March 2026 Final Result - UPSC CSE Result, 2025 GS Foundation (P+M) - Delhi : 23rd March 2026, 11:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 17th March 2026

IMPORTANT TERMINOLOGY

पाठ्यक्रम में उल्लिखित विषयों की पारिभाषिक शब्दावलियों एवं देश-दुनिया में चर्चा में रही शब्दावलियों से परीक्षाओं में प्रश्न पूछे जाने का चलन तेजी से बढ़ा है। यह खंड वस्तुनिष्ठ और लिखित दोनों परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है। शब्दावलियों से परिचय अभ्यर्थियों को कम परिश्रम से अधिक अंक लाने में मदद करता है। इस खंड में प्रतिदिन एक महत्वपूर्ण शब्दावली से परिचय कराया जाता है।

प्रतिदिन की सबसे महत्वपूर्ण News पढ़ने के लिए यहाँ Click करें

1. मिएंडर (Meander)

13-Mar-2026

मिएंडर नदी के प्रवाह में बनने वाला घुमावदार या सर्पाकार मोड़ होता है। यह मुख्यतः समतल मैदानों में पार्श्व अपरदन और निक्षेपण की प्रक्रिया के कारण बनता है। मिएंडर के कारण नदी का मार्ग लंबा और घुमावदार हो जाता है तथा कभी-कभी इसके कटने से गोखुर झील (ऑक्स-बो झील) का निर्माण भी हो जाता है।

2. रिपल प्रभाव (Ripple Effect)

12-Mar-2026

किसी छोटी घटना, निर्णय या परिवर्तन का प्रभाव जब धीरे-धीरे फैलते हुए व्यापक क्षेत्र, अनेक लोगों या विभिन्न प्रणालियों को प्रभावित करने लगता है, तो उसे रिपल प्रभाव कहा जाता है।

3. कैस्केडिंग प्रभाव (Cascading Effect)

11-Mar-2026

कैस्केडिंग प्रभाव वह स्थिति है जहाँ एक छोटी घटना या परिवर्तन एक श्रृंखला (Chain Reaction) शुरू कर देता है, जिससे धीरे-धीरे पूरी प्रणाली प्रभावित होती है। सरल शब्दों में, जब एक घटना के कारण दूसरी और दूसरी के कारण तीसरी घटना घटती है, तो उसे 'कैस्केडिंग प्रभाव' कहते हैं।

4. समुद्री गर्त (Ocean Trench)

10-Mar-2026

समुद्री गर्त महासागर तल का अत्यंत गहरा, संकरा और लंबा भाग होता है, जो मुख्यतः प्लेट विवर्तनिकी (टेक्टोनिक प्लेटों के टकराव) के कारण बनता है। यह वह स्थान है जहाँ एक महासागरीय प्लेट दूसरी प्लेट के नीचे क्षेपित होती है। समुद्री गर्त पृथ्वी के सबसे गहरे समुद्री क्षेत्रों में शामिल होते हैं।

5. पैलियोक्लाइमेटोलॉजी (Paleoclimatology)

02-Mar-2026

यह विज्ञान की वह शाखा है, जो पृथ्वी की प्राचीन जलवायु का अध्ययन करती है। इसमें हिमनदों की बर्फ, वृक्षों के वलयों, समुद्री अवसादों और जीवाश्मों जैसे प्रमाणों के आधार पर यह समझा जाता है कि अतीत में तापमान, वर्षा और जलवायु में कैसे परिवर्तन हुए थे।

6. अधोवेलन (Downwelling)

28-Feb-2026

अधोवेलन वह प्रक्रिया है जिसमें सतही समुद्री जल नीचे की ओर बहता है। यह तब होता है जब सतही जल का घनत्व अधिक हो जाता है या पवन सतह के जल को किनारों की ओर धकेलता है। अधोवेलन महासागर में पोषक तत्वों का वितरण और ताप संतुलन बनाए रखता है।

7. सन्निघर्षण (Attrition)

27-Feb-2026

जब हवा के साथ रेत और धूल के कण उड़ते हैं, तो वे रास्ते में आने वाली चट्टानों से टकराते हैं। टकराने से चट्टानें भी घिसती हैं और कण भी आपस में टकराकर टूटते-छोटे होते जाते हैं। इस तरह कणों का बार-बार रगड़ खाकर छोटे टुकड़ों में बदल जाना सन्निघर्षण कहलाता है।

8. एक्सपोजोम (Exposome) 

26-Feb-2026

एक्सपोजोम (Exposome) वह समग्र अवधारणा है जो बताती है कि जन्म से लेकर जीवनभर तक व्यक्ति किन-किन पर्यावरणीय, सामाजिक, रासायनिक और जीवनशैली संबंधी कारकों के संपर्क (exposure) में रहता है—और ये कारक उसके स्वास्थ्य को कैसे प्रभावित करते हैं।

9. ह्यूमस (Humus)

25-Feb-2026

ह्यूमस मिट्टी में उपस्थित कार्बनिक पदार्थ का वह स्थायी और जटिल रूप है, जो पौधों, जानवरों और सूक्ष्मजीवों के अपघटन से बनता है। यह मिट्टी की उपजाऊ क्षमता बढ़ाता है, जल धारण क्षमता में सुधार करता है, पोषक तत्वों का भंडारण करता है और मिट्टी की संरचना को स्थिर बनाता है।

10. रेडिएशन फोर्सिंग (Radiative Forcing)

24-Feb-2026

रेडिएशन फोर्सिंग, पृथ्वी के वायुमंडल में आने वाली सौर ऊर्जा और बाहर जाने वाली तापीय ऊर्जा के बीच के संतुलन में होने वाले बदलाव को कहते हैं। यदि यह मान सकारात्मक है, तो पृथ्वी अधिक ऊर्जा सोखती है और गर्म होती है (जैसे ग्रीनहाउस गैसों के कारण); यदि यह नकारात्मक है, तो पृथ्वी ठंडी होती है।

« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR
X