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Final Result - UPSC CSE Result, 2025 GS Foundation (P+M) - Delhi : 4th May 2026, 11:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 4th May 2026, 5:30PM Final Result - UPSC CSE Result, 2025 GS Foundation (P+M) - Delhi : 4th May 2026, 11:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 4th May 2026, 5:30PM

IMPORTANT TERMINOLOGY

पाठ्यक्रम में उल्लिखित विषयों की पारिभाषिक शब्दावलियों एवं देश-दुनिया में चर्चा में रही शब्दावलियों से परीक्षाओं में प्रश्न पूछे जाने का चलन तेजी से बढ़ा है। यह खंड वस्तुनिष्ठ और लिखित दोनों परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है। शब्दावलियों से परिचय अभ्यर्थियों को कम परिश्रम से अधिक अंक लाने में मदद करता है। इस खंड में प्रतिदिन एक महत्वपूर्ण शब्दावली से परिचय कराया जाता है।

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1. फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor)

18-Apr-2026

फिटमेंट फैक्टर एक गणितीय मान (मल्टीप्लायर) है जिसका उपयोग सरकारी कर्मचारियों के वेतन और पेंशन के निर्धारण में किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य पिछले वेतन आयोग के मूल वेतन को नए वेतन आयोग के पे मैट्रिक्स के अनुसार संशोधित करना है। जब भी नया वेतन आयोग लागू होता है, पुराने मूल वेतन को इस फैक्टर से गुणा करके नया वेतन तय किया जाता है।

2. प्राइमेटोलॉजिस्ट (Primatologist)

17-Apr-2026

प्राइमेटोलॉजिस्ट वह वैज्ञानिक होता है जो प्राइमेट्स (जैसे बंदर, लंगूर, गोरिल्ला और चिम्पांजी) का अध्ययन करता है। यह उनके व्यवहार, सामाजिक संरचना, विकास, आनुवंशिकी और पर्यावरणीय संबंधों को समझने का प्रयास करता है, ताकि मानव विकास और जैव विविधता संरक्षण के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की जा सके।

3. सर्कैडियन रिद्म (Circadian Rhythm)

16-Apr-2026

सर्कैडियन रिद्म शरीर की 24 घंटे की जैविक घड़ी है, जो नींद, जागना, हार्मोन स्राव, शरीर का तापमान और अन्य क्रियाओं को नियंत्रित करती है। यह मुख्यतः प्रकाश और अंधकार के प्रभाव से संचालित होती है। स्वस्थ सर्कैडियन रिद्म अच्छी नींद और समग्र स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है।

4. बायो-माइनिंग (Bio-mining)

14-Apr-2026

बायो-माइनिंग एक पर्यावरण-अनुकूल प्रक्रिया है जिसमें सूक्ष्मजीवों (जैसे बैक्टीरिया और फंगस) का उपयोग करके खनिजों या धातुओं को अयस्क या कचरे से अलग किया जाता है। यह तकनीक पारंपरिक खनन की तुलना में कम प्रदूषणकारी, ऊर्जा-कुशल और सतत विकास को बढ़ावा देने वाली मानी जाती है।

5. पैन्स्पर्मिया सिद्धांत (Panspermia theory)

13-Apr-2026

पैन्स्पर्मिया सिद्धांत के अनुसार पृथ्वी पर जीवन की उत्पत्ति यहीं नहीं हुई, बल्कि यह ब्रह्मांड के अन्य भागों से सूक्ष्म जीवों या उनके बीजों के रूप में उल्कापिंडों, धूमकेतुओं या अंतरिक्ष धूल के माध्यम से पृथ्वी पर आया। यह सिद्धांत जीवन की बाह्य-उत्पत्ति का समर्थन करता है।

6. टर्मिनेटर रेखा (Terminator Line)

11-Apr-2026

टर्मिनेटर रेखा किसी ग्रह या चंद्रमा के प्रकाशित (दिन) और अप्रकाशित (रात) भाग को विभाजित करने वाली एक काल्पनिक रेखा है। इसे 'विभाजक रेखा' भी कहते हैं, जहाँ सूर्य की रोशनी तिरछी पड़ती है, जिससे यहाँ सूर्योदय या सूर्यास्त का अनुभव होता है। ग्रह के निरंतर घूमने के कारण यह रेखा सदैव गतिशील रहती है।

7. प्लैनेटरी बाउंड्रीज (Planetary Boundaries)

10-Apr-2026

प्लैनेटरी बाउंड्रीज पृथ्वी की पर्यावरणीय सीमाएँ हैं, जिनके भीतर मानव गतिविधियाँ सुरक्षित रूप से संचालित हो सकती हैं। ये सीमाएँ जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता हानि, प्रदूषण आदि से जुड़ी हैं। इनका उल्लंघन पृथ्वी की स्थिरता और मानव अस्तित्व के लिए गंभीर जोखिम पैदा करता है, इसलिए संतुलन बनाए रखना आवश्यक है।

8. इकोफेमिनिज्म (Ecofeminism)

09-Apr-2026

इकोफेमिनिज्म एक विचारधारा है जो महिलाओं के शोषण और प्रकृति के दोहन के बीच संबंध को समझाती है। यह मानती है कि पितृसत्तात्मक व्यवस्था दोनों पर समान रूप से नियंत्रण स्थापित करती है। इसका उद्देश्य लैंगिक समानता और पर्यावरण संरक्षण को एक साथ बढ़ावा देना है, ताकि सतत और न्यायपूर्ण समाज का निर्माण हो सके।

9. अवक्रमण (Degradation)

08-Apr-2026

 अवक्रमण वह प्रक्रिया है जिसमें पर्यावरण की गुणवत्ता धीरे-धीरे खराब हो जाती है। इसमें भूमि, जल, वायु और जैव-विविधता को नुकसान पहुँचता है। मानव गतिविधियाँ जैसे प्रदूषण, वनों की कटाई और संसाधनों का अत्यधिक उपयोग इसके प्रमुख कारण हैं, जिससे प्राकृतिक संतुलन बिगड़ जाता है।

10. जैवक्षमता  (Biocapacity)

07-Apr-2026

बायोकैपेसिटी वह क्षमता है जिसके माध्यम से पृथ्वी या कोई क्षेत्र प्राकृतिक संसाधनों (जैसे वन, जल, भूमि) का उत्पादन कर सकता है और मानव द्वारा उत्पन्न अपशिष्ट, विशेषकर कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित कर सकता है। यह दर्शाती है कि प्रकृति इंसानों की जरूरतों को कितनी स्थायी तरीके से पूरा कर सकती है।

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