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IMPORTANT TERMINOLOGY

पाठ्यक्रम में उल्लिखित विषयों की पारिभाषिक शब्दावलियों एवं देश-दुनिया में चर्चा में रही शब्दावलियों से परीक्षाओं में प्रश्न पूछे जाने का चलन तेजी से बढ़ा है। यह खंड वस्तुनिष्ठ और लिखित दोनों परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है। शब्दावलियों से परिचय अभ्यर्थियों को कम परिश्रम से अधिक अंक लाने में मदद करता है। इस खंड में प्रतिदिन एक महत्वपूर्ण शब्दावली से परिचय कराया जाता है।

प्रतिदिन की सबसे महत्वपूर्ण News पढ़ने के लिए यहाँ Click करें

1. प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग (Prompt Engineering)

01-Jul-2026

प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग वह प्रक्रिया है, जिसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) मॉडल से सटीक, प्रासंगिक और उच्च-गुणवत्ता वाले परिणाम प्राप्त करने के लिए स्पष्ट, सुव्यवस्थित तथा उद्देश्यपूर्ण निर्देश (प्रॉम्प्ट) तैयार किए जाते हैं। इसका उद्देश्य AI को सही संदर्भ, भूमिका और अपेक्षित कार्य बताकर अधिक प्रभावी एवं विश्वसनीय उत्तर प्राप्त करना होता है।

2. स्पिन्ट्रॉनिक्स (Spintronics)

30-Jun-2026

स्पिन्ट्रॉनिक्स या स्पिन इलेक्ट्रॉनिक्स, नैनो-प्रौद्योगिकी की एक उभरती हुई शाखा है जिसमें इलेक्ट्रॉन के पारंपरिक 'आवेश'  के साथ-साथ उसके अंतर्निहित 'स्पिन' (घूर्णन) का भी उपयोग किया जाता है। इसके तहत डेटा को प्रोसेस और स्टोर करने के लिए इलेक्ट्रॉन के स्पिन ओरिएंटेशन (अप या डाउन) को नियंत्रित किया जाता है।  यह तकनीक पारंपरिक इलेक्ट्रॉनिक्स की तुलना में अधिक तेज़, ऊर्जा-कुशल और उच्च क्षमता वाले इलेक्ट्रॉनिक उपकरण विकसित करने में सहायक है।

3. एस्ट्रोफिजिकल रेडशिफ्ट (Astrophysical Redshift)

27-Jun-2026

एस्ट्रोफिजिकल रेडशिफ्ट वह परिघटना है जिसमें दूर स्थित आकाशगंगाओं या तारों से आने वाले प्रकाश की तरंगदैर्घ्य बढ़ जाती है और वह लाल रंग की ओर खिसक जाता है। यह मुख्यतः ब्रह्मांड के विस्तार या गुरुत्वीय प्रभाव के कारण होता है। रेडशिफ्ट से खगोलीय पिंडों की दूरी और वेग का अनुमान लगाया जाता है।

4. नैनोफोटोनिक्स (Nanophotonics)

26-Jun-2026

नैनोफोटोनिक्स (या नैनो-ऑप्टिक्स) विज्ञान और तकनीक की वह शाखा है, जिसमें नैनोमीटर पैमाने (यानी 10-9 मीटर) पर प्रकाश (फोटॉन्स) और पदार्थ के आपसी संबंधों का अध्ययन किया जाता है। यह प्रकाश और नैनो-संरचनाओं की परस्पर क्रिया पर आधारित है तथा अत्यधिक संवेदनशील सेंसर, उच्च गति संचार, सोलर सेल्स और उन्नत ऑप्टिकल उपकरणों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

5. गैलेक्सी क्वेंचिंग (Galaxy Quenching)

24-Jun-2026

गैलेक्सी क्वेंचिंग वह प्रक्रिया है, जिसमें किसी आकाशगंगा में नए तारों का निर्माण धीरे-धीरे या पूरी तरह रुक जाता है। इसका मुख्य कारण तारा-निर्माण के लिए आवश्यक ठंडी गैस का समाप्त होना, गर्म हो जाना या बाहर निकल जाना होता है। परिणामस्वरूप आकाशगंगा निष्क्रिय होती जाती है और उसमें मुख्यतः पुराने तारे ही शेष रहते हैं।

6. कम्पलीट स्ट्रीट्स (Complete Streets)

22-Jun-2026

कम्पलीट स्ट्रीट्स ऐसी सड़कें होती हैं जिनकी योजना, डिजाइन और प्रबंधन इस प्रकार किया जाता है कि पैदल यात्रियों, साइकिल चालकों, दिव्यांगजनों, सार्वजनिक परिवहन उपयोगकर्ताओं तथा मोटर वाहनों सहित सभी सड़क उपयोगकर्ताओं के लिए सुरक्षित, सुलभ, सुविधाजनक और समावेशी आवागमन सुनिश्चित हो। इनका उद्देश्य सड़क सुरक्षा, सतत परिवहन और बेहतर शहरी जीवन गुणवत्ता को बढ़ावा देना है।

7. त्रिलैटरैशन (Trilateration)

20-Jun-2026

त्रिलैटरैशन एक ज्यामितीय विधि है, जिसका उपयोग कम से कम तीन ज्ञात बिंदुओं से दूरी मापकर किसी अज्ञात बिंदु (स्थान) की सटीक स्थिति निर्धारित करने के लिए किया जाता है। यह तकनीक मुख्य रूप से जीपीएस (GPS) नेविगेशन, सर्वेक्षण (Surveying) और मानचित्रण (Mapping) में उपयोग की जाती है।

8. बॉर्डर गेटवे प्रोटोकॉल (BGP)

19-Jun-2026

बॉर्डर गेटवे प्रोटोकॉल (BGP) इंटरनेट का प्रमुख रूटिंग प्रोटोकॉल है, जो विभिन्न नेटवर्कों बीच डेटा के आदान-प्रदान के लिए सर्वोत्तम मार्ग निर्धारित करता है। इसे इंटरनेट की “नेविगेशन प्रणाली” भी कहा जाता है, क्योंकि यह डेटा पैकेटों को उनके गंतव्य तक पहुँचाने हेतु उपयुक्त मार्ग चुनने और अपडेट करने का कार्य करता है।

9. नैनोडिस्क तकनीक (Nanodisc technology)

18-Jun-2026

नैनोडिस्क तकनीक एक उन्नत जैव-प्रौद्योगिकी तकनीक है, जिसमें कोशिका झिल्ली के समान अत्यंत सूक्ष्म गोलाकार लिपिड संरचनाएँ बनाई जाती हैं। इनका उपयोग झिल्ली प्रोटीनों के अध्ययन, दवा विकास, जैव-चिकित्सा अनुसंधान तथा रोगों की आणविक प्रक्रियाओं को समझने के लिए किया जाता है। यह तकनीक प्रोटीनों को उनकी प्राकृतिक अवस्था के निकट बनाए रखने में सहायक होती है।

10. नोओस्फीयर (Noosphere)

16-Jun-2026

नोओस्फीयर पृथ्वी के विकास की वह अवधारणात्मक अवस्था है, जिसमें मानव बुद्धि, ज्ञान, विचार और सामूहिक चेतना एक वैश्विक बौद्धिक तंत्र का निर्माण करती है। यह जैवमंडल के बाद का चरण माना जाता है, जहाँ मानव की वैज्ञानिक, तकनीकी और सांस्कृतिक गतिविधियाँ पृथ्वी तथा उसके भविष्य को प्रभावित करने वाली प्रमुख शक्ति बन जाती हैं।

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