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Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 6th July 2026, 6:00 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 1st June 2026, 5:30 PM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 20th July 2026 Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 6th July 2026, 6:00 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 1st June 2026, 5:30 PM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 20th July 2026

IMPORTANT TERMINOLOGY

पाठ्यक्रम में उल्लिखित विषयों की पारिभाषिक शब्दावलियों एवं देश-दुनिया में चर्चा में रही शब्दावलियों से परीक्षाओं में प्रश्न पूछे जाने का चलन तेजी से बढ़ा है। यह खंड वस्तुनिष्ठ और लिखित दोनों परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है। शब्दावलियों से परिचय अभ्यर्थियों को कम परिश्रम से अधिक अंक लाने में मदद करता है। इस खंड में प्रतिदिन एक महत्वपूर्ण शब्दावली से परिचय कराया जाता है।

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1. गैलेक्सी क्वेंचिंग (Galaxy Quenching)

24-Jun-2026

गैलेक्सी क्वेंचिंग वह प्रक्रिया है, जिसमें किसी आकाशगंगा में नए तारों का निर्माण धीरे-धीरे या पूरी तरह रुक जाता है। इसका मुख्य कारण तारा-निर्माण के लिए आवश्यक ठंडी गैस का समाप्त होना, गर्म हो जाना या बाहर निकल जाना होता है। परिणामस्वरूप आकाशगंगा निष्क्रिय होती जाती है और उसमें मुख्यतः पुराने तारे ही शेष रहते हैं।

2. कम्पलीट स्ट्रीट्स (Complete Streets)

22-Jun-2026

कम्पलीट स्ट्रीट्स ऐसी सड़कें होती हैं जिनकी योजना, डिजाइन और प्रबंधन इस प्रकार किया जाता है कि पैदल यात्रियों, साइकिल चालकों, दिव्यांगजनों, सार्वजनिक परिवहन उपयोगकर्ताओं तथा मोटर वाहनों सहित सभी सड़क उपयोगकर्ताओं के लिए सुरक्षित, सुलभ, सुविधाजनक और समावेशी आवागमन सुनिश्चित हो। इनका उद्देश्य सड़क सुरक्षा, सतत परिवहन और बेहतर शहरी जीवन गुणवत्ता को बढ़ावा देना है।

3. त्रिलैटरैशन (Trilateration)

20-Jun-2026

त्रिलैटरैशन एक ज्यामितीय विधि है, जिसका उपयोग कम से कम तीन ज्ञात बिंदुओं से दूरी मापकर किसी अज्ञात बिंदु (स्थान) की सटीक स्थिति निर्धारित करने के लिए किया जाता है। यह तकनीक मुख्य रूप से जीपीएस (GPS) नेविगेशन, सर्वेक्षण (Surveying) और मानचित्रण (Mapping) में उपयोग की जाती है।

4. बॉर्डर गेटवे प्रोटोकॉल (BGP)

19-Jun-2026

बॉर्डर गेटवे प्रोटोकॉल (BGP) इंटरनेट का प्रमुख रूटिंग प्रोटोकॉल है, जो विभिन्न नेटवर्कों बीच डेटा के आदान-प्रदान के लिए सर्वोत्तम मार्ग निर्धारित करता है। इसे इंटरनेट की “नेविगेशन प्रणाली” भी कहा जाता है, क्योंकि यह डेटा पैकेटों को उनके गंतव्य तक पहुँचाने हेतु उपयुक्त मार्ग चुनने और अपडेट करने का कार्य करता है।

5. नैनोडिस्क तकनीक (Nanodisc technology)

18-Jun-2026

नैनोडिस्क तकनीक एक उन्नत जैव-प्रौद्योगिकी तकनीक है, जिसमें कोशिका झिल्ली के समान अत्यंत सूक्ष्म गोलाकार लिपिड संरचनाएँ बनाई जाती हैं। इनका उपयोग झिल्ली प्रोटीनों के अध्ययन, दवा विकास, जैव-चिकित्सा अनुसंधान तथा रोगों की आणविक प्रक्रियाओं को समझने के लिए किया जाता है। यह तकनीक प्रोटीनों को उनकी प्राकृतिक अवस्था के निकट बनाए रखने में सहायक होती है।

6. नोओस्फीयर (Noosphere)

16-Jun-2026

नोओस्फीयर पृथ्वी के विकास की वह अवधारणात्मक अवस्था है, जिसमें मानव बुद्धि, ज्ञान, विचार और सामूहिक चेतना एक वैश्विक बौद्धिक तंत्र का निर्माण करती है। यह जैवमंडल के बाद का चरण माना जाता है, जहाँ मानव की वैज्ञानिक, तकनीकी और सांस्कृतिक गतिविधियाँ पृथ्वी तथा उसके भविष्य को प्रभावित करने वाली प्रमुख शक्ति बन जाती हैं।

7. सिसलूनर स्पेस (Cislunar Space)

15-Jun-2026

सिसलूनर स्पेस वह अंतरिक्ष क्षेत्र है जो पृथ्वी और चंद्रमा के बीच स्थित होता है। इसमें पृथ्वी के आसपास का वह बाहरी अंतरिक्ष भाग भी शामिल है जो चंद्रमा तक फैला हुआ है। यह क्षेत्र चंद्र मिशनों, अंतरिक्ष अनुसंधान, संचार तथा भविष्य में अंतरिक्ष आधारित गतिविधियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

8. म्यूटाजेनिक (Mutagenic)

13-Jun-2026

म्यूटाजेनिक ऐसे भौतिक, रासायनिक या जैविक कारक होते हैं जो जीवों की कोशिकाओं के DNA (जीन संरचना) में परिवर्तन या उत्परिवर्तन (mutation) उत्पन्न करते हैं। ये परिवर्तन कभी-कभी हानिकारक होते हैं और आनुवंशिक रोग, कैंसर या विकास संबंधी विकृतियों का कारण बन सकते हैं।

9. सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (Sustainable Aviation Fuel - SAF) 

12-Jun-2026

यह ऐसा वैकल्पिक विमानन ईंधन है, जिसे जैविक अपशिष्ट, कृषि अवशेष, प्रयुक्त खाद्य तेल, शैवाल या अन्य नवीकरणीय स्रोतों से तैयार किया जाता है। यह पारंपरिक जेट ईंधन की तुलना में कम ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन करता है और विमानन क्षेत्र को अधिक पर्यावरण-अनुकूल तथा कार्बन-तटस्थ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

10. ऑप्टोजेनेटिक्स (Optogenetics)

11-Jun-2026

ऑप्टोजेनेटिक्स एक ऐसी आधुनिक तकनीक है, जिसमें प्रकाश की मदद से जीवित कोशिकाओं, विशेषकर मस्तिष्क की तंत्रिका कोशिकाओं (Neurons) को नियंत्रित किया जाता है। इसके द्वारा वैज्ञानिक यह समझ सकते हैं कि मस्तिष्क कैसे कार्य करता है और पार्किंसंस, मिर्गी तथा अवसाद जैसे तंत्रिका संबंधी रोगों के बेहतर उपचार विकसित कर सकते हैं।

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