पाठ्यक्रम में उल्लिखित विषयों की पारिभाषिक शब्दावलियों एवं देश-दुनिया में चर्चा में रही शब्दावलियों से परीक्षाओं में प्रश्न पूछे जाने का चलन तेजी से बढ़ा है। यह खंड वस्तुनिष्ठ और लिखित दोनों परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है। शब्दावलियों से परिचय अभ्यर्थियों को कम परिश्रम से अधिक अंक लाने में मदद करता है। इस खंड में प्रतिदिन एक महत्वपूर्ण शब्दावली से परिचय कराया जाता है।
प्रतिदिन की सबसे महत्वपूर्ण News पढ़ने के लिए यहाँ Click करें
27-Aug-2026
चयापचय जीवित जीवों की कोशिकाओं के भीतर होने वाली सभी जीवन-निर्वाहक रासायनिक क्रियाओं को चयापचय कहते हैं। इसमें भोजन से ऊर्जा प्राप्त करना, शरीर के ऊतकों का निर्माण करना और अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालना शामिल है।
26-Aug-2026
समाहर्ता मौर्य प्रशासन का एक प्रमुख अधिकारी था, जिसका मुख्य कार्य राजस्व का आकलन, संग्रह और प्रशासनिक वित्त का प्रबंधन करना था। वह राज्य की आय के विभिन्न स्रोतों की निगरानी करता था तथा करों की वसूली सुनिश्चित करता था।
25-Aug-2026
सन्निधाता मौर्य प्रशासन का प्रमुख अधिकारी था, जिसका कार्य राजकीय कोष और भंडारगृहों की देखरेख करना था। वह राज्य द्वारा एकत्रित धन एवं वस्तुओं के संरक्षण की जिम्मेदारी संभालता था।
24-Aug-2026
यह प्रकाश संश्लेषण की प्राकृतिक प्रक्रिया और हरित छतों के संयोजन पर आधारित है। इसमें सोलर पैनलों के नीचे पौधों एवं हरियाली का उपयोग किया जाता है। पौधों द्वारा वाष्पोत्सर्जन से तापमान कम होने पर पैनलों की कार्यक्षमता बढ़ती है, जिससे बिजली उत्पादन क्षमता में लगभग 5% से 15% तक वृद्धि हो सकती है।
22-Aug-2026
डार्क टूरिज्म पर्यटन का वह रूप है जिसमें लोग मृत्यु, त्रासदी, युद्ध, नरसंहार, आपदाओं या ऐतिहासिक दुखद घटनाओं से जुड़े स्थानों की यात्रा करते हैं। इसका उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि इतिहास को समझना, पीड़ितों को स्मरण करना और उन घटनाओं से सीख लेना भी हो सकता है।
22-Aug-2026
सीताध्यक्ष मौर्य प्रशासन में कृषि विभाग का प्रमुख अधिकारी था। यह राजकीय कृषि भूमि की देखरेख, खेती की व्यवस्था, बीजों के चयन, सिंचाई और फसल उत्पादन का प्रबंधन करता था। कौटिल्य के अर्थशास्त्र में सीताध्यक्ष के कर्तव्यों और कृषि प्रशासन से संबंधित कार्यों का उल्लेख मिलता है।
20-Aug-2026
उपोसथ बौद्ध धर्म में प्रत्येक पक्ष की चतुर्दशी, पूर्णिमा और अष्टमी को मनाया जाने वाला धार्मिक अनुष्ठान है। इस दिन भिक्षु और उपासक उपवास, ध्यान, प्रार्थना तथा धर्म-श्रवण करते हैं। भिक्षु अपने नियमों का पाठ और आत्मनिरीक्षण करते हैं। उपोसथ का मुख्य उद्देश्य आत्मसंयम, मन की शुद्धि और आध्यात्मिक उन्नति है।
19-Aug-2026
विजयनगर साम्राज्य की एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक एवं सैन्य व्यवस्था थी। इसमें नायकों या अधिकारियों को वेतन के बदले भू-क्षेत्र (अमरम्) दिया जाता था। वे उस क्षेत्र से राजस्व वसूलते थे और बदले में राजा को सैनिक उपलब्ध कराते तथा प्रशासनिक कार्य संभालते थे।
18-Aug-2026
गाँवों में कुछ विशेष सेवाएँ देने वाले लोगों को उनके कार्य के बदले लगान से मुक्त भूमि प्रदान की जाती थी। ऐसी भूमि देने की इस भूमि-धारण व्यवस्था को उंबलि कहा जाता था।
14-Aug-2026
स्काईग्लो कृत्रिम रोशनी से उत्पन्न वह चमक है जो रात के समय आकाश में दिखाई देती है। यह मुख्यतः शहरों, सड़कों, भवनों और औद्योगिक क्षेत्रों में जलने वाली कृत्रिम रोशनी के कारण होता है। प्रकाश जब वायुमंडल में धूल, गैसों और सूक्ष्म कणों से टकराता है, तो विभिन्न दिशाओं में फैल जाता है, जिससे आकाश का प्राकृतिक अंधकार कम हो जाता है और तारों की दृश्यता घटती है।
Our support team will be happy to assist you!