पाठ्यक्रम में उल्लिखित विषयों की पारिभाषिक शब्दावलियों एवं देश-दुनिया में चर्चा में रही शब्दावलियों से परीक्षाओं में प्रश्न पूछे जाने का चलन तेजी से बढ़ा है। यह खंड वस्तुनिष्ठ और लिखित दोनों परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है। शब्दावलियों से परिचय अभ्यर्थियों को कम परिश्रम से अधिक अंक लाने में मदद करता है। इस खंड में प्रतिदिन एक महत्वपूर्ण शब्दावली से परिचय कराया जाता है।
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18-Jun-2026
नैनोडिस्क तकनीक एक उन्नत जैव-प्रौद्योगिकी तकनीक है, जिसमें कोशिका झिल्ली के समान अत्यंत सूक्ष्म गोलाकार लिपिड संरचनाएँ बनाई जाती हैं। इनका उपयोग झिल्ली प्रोटीनों के अध्ययन, दवा विकास, जैव-चिकित्सा अनुसंधान तथा रोगों की आणविक प्रक्रियाओं को समझने के लिए किया जाता है। यह तकनीक प्रोटीनों को उनकी प्राकृतिक अवस्था के निकट बनाए रखने में सहायक होती है।
16-Jun-2026
नोओस्फीयर पृथ्वी के विकास की वह अवधारणात्मक अवस्था है, जिसमें मानव बुद्धि, ज्ञान, विचार और सामूहिक चेतना एक वैश्विक बौद्धिक तंत्र का निर्माण करती है। यह जैवमंडल के बाद का चरण माना जाता है, जहाँ मानव की वैज्ञानिक, तकनीकी और सांस्कृतिक गतिविधियाँ पृथ्वी तथा उसके भविष्य को प्रभावित करने वाली प्रमुख शक्ति बन जाती हैं।
15-Jun-2026
सिसलूनर स्पेस वह अंतरिक्ष क्षेत्र है जो पृथ्वी और चंद्रमा के बीच स्थित होता है। इसमें पृथ्वी के आसपास का वह बाहरी अंतरिक्ष भाग भी शामिल है जो चंद्रमा तक फैला हुआ है। यह क्षेत्र चंद्र मिशनों, अंतरिक्ष अनुसंधान, संचार तथा भविष्य में अंतरिक्ष आधारित गतिविधियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
13-Jun-2026
म्यूटाजेनिक ऐसे भौतिक, रासायनिक या जैविक कारक होते हैं जो जीवों की कोशिकाओं के DNA (जीन संरचना) में परिवर्तन या उत्परिवर्तन (mutation) उत्पन्न करते हैं। ये परिवर्तन कभी-कभी हानिकारक होते हैं और आनुवंशिक रोग, कैंसर या विकास संबंधी विकृतियों का कारण बन सकते हैं।
12-Jun-2026
यह ऐसा वैकल्पिक विमानन ईंधन है, जिसे जैविक अपशिष्ट, कृषि अवशेष, प्रयुक्त खाद्य तेल, शैवाल या अन्य नवीकरणीय स्रोतों से तैयार किया जाता है। यह पारंपरिक जेट ईंधन की तुलना में कम ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन करता है और विमानन क्षेत्र को अधिक पर्यावरण-अनुकूल तथा कार्बन-तटस्थ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
11-Jun-2026
ऑप्टोजेनेटिक्स एक ऐसी आधुनिक तकनीक है, जिसमें प्रकाश की मदद से जीवित कोशिकाओं, विशेषकर मस्तिष्क की तंत्रिका कोशिकाओं (Neurons) को नियंत्रित किया जाता है। इसके द्वारा वैज्ञानिक यह समझ सकते हैं कि मस्तिष्क कैसे कार्य करता है और पार्किंसंस, मिर्गी तथा अवसाद जैसे तंत्रिका संबंधी रोगों के बेहतर उपचार विकसित कर सकते हैं।
10-Jun-2026
क्यूबसैट एक छोटा, मानकीकृत और कम लागत वाला कृत्रिम उपग्रह है, जिसे अंतरिक्ष अनुसंधान, पृथ्वी अवलोकन, संचार तथा वैज्ञानिक प्रयोगों के लिए विकसित किया जाता है। इसका मूल आकार 10×10×10 सेंटीमीटर (1U) होता है और इसे आवश्यकता अनुसार कई इकाइयों को जोड़कर बनाया जा सकता है। कम लागत और आसान प्रक्षेपण के कारण यह विश्वविद्यालयों, अनुसंधान संस्थानों और अंतरिक्ष एजेंसियों के बीच अत्यधिक लोकप्रिय है।
09-Jun-2026
टेक्नोसिग्नेचर ब्रह्मांड में किसी उन्नत या तकनीकी रूप से विकसित अलौकिक सभ्यता की उपस्थिति के वैज्ञानिक प्रमाण या संकेतों को कहते हैं। इसके तहत अंतरिक्ष में खोजी जाने वाली रेडियो तरंगें, लेज़र सिग्नल, बड़े कृत्रिम ढांचे (जैसे डायसन स्फेयर) या किसी ग्रह के वायुमंडल में मौजूद औद्योगिक प्रदूषण शामिल हैं। यह वैज्ञानिकों को यह जानने में मदद करता है कि क्या ब्रह्मांड में हमारे अलावा भी कोई तकनीकी सभ्यता मौजूद है।
06-Jun-2026
कनेक्टोमिक्स तंत्रिका विज्ञान की वह उन्नत शाखा है, जिसमें मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र के सभी न्यूरॉनों तथा उनके बीच बने संपर्कों का विस्तृत अध्ययन किया जाता है। इसका उद्देश्य मस्तिष्क के संपूर्ण तंत्रिका नेटवर्क का मानचित्र तैयार करना है, ताकि स्मृति, सीखने, व्यवहार और विभिन्न तंत्रिका संबंधी रोगों को बेहतर ढंग से समझा जा सके।
05-Jun-2026
ट्रांसक्रिप्टोमिक्स जीवविज्ञान की वह शाखा है जिसमें किसी कोशिका, ऊतक या जीव में एक निश्चित समय पर सक्रिय सभी RNA अणुओं का अध्ययन किया जाता है। इसके माध्यम से यह समझा जाता है कि कौन-से जीन कब और कितनी मात्रा में अभिव्यक्त हो रहे हैं। यह जीन कार्य, रोग निदान तथा औषधि विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
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