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पात्र विनिर्माता आयातक योजना

हाल ही में, केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) ने पात्र विनिर्माता आयातक (Eligible Manufacturer Importers: EMIs) योजना के लिए पात्रता मानदंड, आवेदन प्रक्रिया और संचालन से जुड़े विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। 

पात्र विनिर्माता आयातक (EMIs) योजना का अवलोकन 

  • यह योजना विश्वास-आधारित एक सुविधा कार्यक्रम के रूप में तैयार की गई है जिसका उद्देश्य अनुपालन करने वाले विनिर्माताओं को सरल और सहज प्रक्रियाओं के माध्यम से लाभ पहुंचाना है।
  • इस योजना के तहत EMIs आयातित वस्तुओं को कस्टम ड्यूटी का भुगतान किए बिना क्लीयर कर सकते हैं।
  • भुगतान की सुविधा मासिक आधार पर उपलब्ध होगी, जैसा कि आयात शुल्क विलंबि‍त भुगतान नियम, 2016 (Deferred Payment of Import Duty Rules, 2016) में निर्दिष्ट किया गया है।
  • समयावधि: इस सुविधा का लाभ 1 अप्रैल, 2026 से उपलब्ध होगा और यह 31 मार्च, 2028 तक जारी रहेगी। 

कौन बन सकता है (Eligible Manufacturer Importer) 

  • वर्तमान में अधिकृत आर्थिक संचालक (Authorised Economic Operators: AEOs)
  • AEO-T1 संस्थाएँ, जिनमें MSMEs भी शामिल हैं, यदि वे निर्धारित पात्रता मानदंडों को पूरा करती हैं। 
  • इस योजना के तहत स्वीकृत EMIs से अपेक्षा की जाती है कि वे क्रमिक रूप से AEO-T2 या AEO-T3 स्तर तक उन्नत हों, जिससे उन्हें तेज क्लीयरेंस, प्राथमिकता एवं अतिरिक्त सुविधा प्राप्त होगी।  

योजना से अपेक्षित लाभ  

  • व्यापार संचालन को और अधिक सरल एवं आसान बनाना
  • अनुपालन की संस्कृति को सुदृढ़ करना
  • घरेलू विनिर्माण को प्रोत्साहन देना

केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) के बारे में  

  • केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (पूर्व में केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड) वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग का एक हिस्सा है। 
  • यह सीमा शुल्क, केंद्रीय उत्पाद शुल्क, केंद्रीय माल एवं सेवा कर (CGST) और आई.जी.एस.टी. (IGST) का कराधान व कर संकलन तथा तस्करी की रोकथाम संबंधी नीति निर्धारण करता है।
  • इसके अलावा सीमा शुल्क, केंद्रीय उत्पाद शुल्क, केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST), आई.जी.एस.टी. (IGST) और नशीले पदार्थ (सी.बी.आई.सी. के दायरे में) के प्रशासन से संबंधित नीति-निर्धारण का काम भी करता है। बोर्ड अपने अधीनस्थ संगठनों के लिए प्रशासनिक प्राधिकरण है जिसमें कस्टम हाउस, केंद्रीय उत्पाद शुल्क और केंद्रीय जी.एस.टी. आयुक्तालय तथा केंद्रीय राजस्व नियंत्रण प्रयोगशाला शामिल हैं।
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