भारत सरकार ने 1 अक्तूबर, 2025 को ‘दलहन आत्मनिर्भरता मिशन’ नामक एक केंद्रीय प्रायोजित योजना को मंजूरी दी है। इस महत्वाकांक्षी पहल का उद्देश्य देश में दलहन के घरेलू उत्पादन को बढ़ाना और वर्ष 2025-26 से 2030-31 तक की छह वर्षीय अवधि में आत्मनिर्भरता प्राप्त करना है। इस मिशन के लिए ₹11,440 करोड़ का बजट निर्धारित किया गया है।
इस योजना के अंतर्गत देशभर में 489 जिलों को ‘केंद्रित जिलों’ के रूप में चिन्हित किया गया है। इन जिलों में दलहन उत्पादन को बढ़ाने के लिए विशेष रणनीतियां लागू की जाएंगी। हालांकि, स्थानीय आवश्यकताओं और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए इस सूची में भविष्य में बदलाव संभव है।
इस मिशन के तहत दलहन की खेती के कुल क्षेत्रफल में लगभग 35 लाख हेक्टेयर की वृद्धि का लक्ष्य रखा गया है। इसमें से 24.5 लाख हेक्टेयर पारंपरिक क्षेत्रों में और 10.5 लाख हेक्टेयर गैर-पारंपरिक क्षेत्रों में विस्तार किया जाएगा। यह लक्ष्य वर्ष 2030-31 तक पूरा करने की योजना है।
यह मिशन न केवल किसानों की आय बढ़ाने में सहायक होगा, बल्कि देश की खाद्य सुरक्षा को भी मजबूत करेगा। दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल करने से आयात पर निर्भरता कम होगी और घरेलू बाजार अधिक स्थिर बनेगा।
कुल मिलाकर, ‘दलहन आत्मनिर्भरता मिशन’ कृषि क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण सुधार के रूप में देखा जा रहा है। यह पहल न केवल उत्पादन बढ़ाने पर केंद्रित है बल्कि बेहतर अवसंरचना, तकनीकी सहायता एवं योजनाबद्ध विकास के माध्यम से किसानों को सशक्त बनाने की दिशा में भी एक बड़ा कदम है।
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