संदर्भ
हाल ही में भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने चाय की थैलियों (Tea Bags) की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नए एवं कठोर मानक लागू किए हैं। इन मानकों के अंतर्गत एपिक्लोरोहाइड्रिन (Epichlorohydrin) जैसे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक रसायनों के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया गया है।
एपिक्लोरोहाइड्रिन (Epichlorohydrin) क्या है ?
- एपिक्लोरोहाइड्रिन एक महत्वपूर्ण औद्योगिक रासायनिक यौगिक है, जो एपॉक्साइड समूह से संबंधित है।
- इसकी रासायनिक संरचना में मिथाइल समूह के एक हाइड्रोजन परमाणु का स्थान क्लोरीन परमाणु ग्रहण कर लेता है।
प्रमुख विशेषताएँ:
- यह एक रंगहीन, पारदर्शी तथा तीव्र गंध वाला द्रव रसायन है।
- इसकी गंध क्लोरोफॉर्म के समान होती है।
- यह अत्यधिक वाष्पशील और ज्वलनशील प्रकृति का होता है।
- रासायनिक विघटन के दौरान यह हाइड्रोक्लोरिक अम्ल तथा अन्य विषैले क्लोरीनयुक्त धुएँ छोड़ता है।
- यह जल में आसानी से घुल जाता है।
औद्योगिक उपयोग:
एपिक्लोरोहाइड्रिन का उपयोग विभिन्न औद्योगिक उत्पादों के निर्माण में किया जाता है, जिनमें प्रमुख हैं -
- ग्लिसरॉल
- एपॉक्सी रेजिन
- इलास्टोमर
- जल-शोधन रेजिन
- सर्फैक्टेंट
- आयन-विनिमय रेजिन
- प्लास्टिसाइज़र
- रंग एवं डाई
- औषधीय उत्पाद
- तेल इमल्सीफायर
- स्नेहक (Lubricants)
- चिपकाने वाले पदार्थ (Adhesives)
स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव:
एपिक्लोरोहाइड्रिन के संपर्क में आने से मानव स्वास्थ्य पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकते हैं।
- आँखों और त्वचा में जलन उत्पन्न हो सकती है।
- श्वसन तंत्र प्रभावित हो सकता है।
- रासायनिक निमोनाइटिस जैसी स्थिति विकसित हो सकती है।
- फेफड़ों में सूजन (Pulmonary Edema) होने का खतरा रहता है।
- लंबे समय तक संपर्क में रहने पर गुर्दों को भी नुकसान पहुँच सकता है।
भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के बारे में
स्थापना एवं स्वरूप:
- भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) देश का प्रमुख राष्ट्रीय मानकीकरण संस्थान है।
- इसकी स्थापना भारतीय मानक ब्यूरो अधिनियम, 2016 के अंतर्गत की गई थी।
- यह संस्था भारत में विभिन्न उत्पादों और सेवाओं के लिए गुणवत्ता मानक निर्धारित करने का कार्य करती है।
प्रमुख उद्देश्य:
बीआईएस का मुख्य लक्ष्य देश में मानकीकरण, गुणवत्ता नियंत्रण और प्रमाणन प्रणाली को मजबूत बनाना है। इसके अंतर्गत -
- उत्पादों के लिए मानक निर्धारित करना,
- गुणवत्ता चिह्न (Marking) प्रदान करना,
- वस्तुओं का गुणवत्ता प्रमाणन करना,
- तथा उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना शामिल है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भूमिका:
बीआईएस वैश्विक मानकीकरण से जुड़ी प्रमुख संस्थाओं में भारत का प्रतिनिधित्व करता है, जिनमें शामिल हैं -
- इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर स्टैंडर्डाइजेशन (ISO)
- इंटरनेशनल इलेक्ट्रोटेक्निकल कमीशन (IEC)
प्रशासनिक नियंत्रण:
- यह संस्था भारत सरकार के उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के अधीन कार्य करती है।
मुख्यालय:
- बीआईएस का मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है।
- इसके अतिरिक्त देश के विभिन्न क्षेत्रों में इसके क्षेत्रीय तथा शाखा कार्यालय स्थापित हैं, जो मानकीकरण और गुणवत्ता नियंत्रण संबंधी गतिविधियों का संचालन करते हैं।