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पीएचपी में गंभीर सुरक्षा खामियां : वेबसाइटों के सर्वर पर साइबर हमले का खतरा

Science and Technology 26-Oct-2026

21 अक्टूबर 2026 को पीएचपी की टीम ने दो गंभीर सुरक्षा खामियों का खुलासा किया। इन कमजोरियों का फायदा उठाकर साइबर हमलावर दूर बैठे ही प्रभावित वेबसाइटों के सर्वर पर हमला कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें न तो सर्वर तक भौतिक पहुंच की जरूरत है और न ही किसी पासवर्ड की। सुरक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, इन खामियों का गलत इस्तेमाल होने पर हमलावर सर्वर पर अपना कोड चला सकते हैं और संवेदनशील जानकारी तक पहुंच हासिल कर सकते हैं।  

शमोंडा वायरस (Shamonda virus)

Science and Technology 23-Oct-2026

हाल ही में फ्रांस के स्वास्थ्य अधिकारियों ने जानकारी दी कि शमोंडा वायरस पहली बार एक इंसान में पाया गया है। आमतौर पर यह वायरस जानवरों को प्रभावित करता है। जिस व्यक्ति में इसकी पुष्टि हुई, उसकी इम्यूनिटी गंभीर रूप से कमजोर थी और इस महीने की शुरुआत में उसकी मौत हो गई थी। 

केमिकल सिग्नेचर से मिलेगी बीमारियों की पहचान में मदद

Science and Technology 23-Oct-2026

शरीर में होने वाले छोटे-छोटे रासायनिक बदलाव कई बीमारियों की पहचान करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। खासकर अल्जाइमर, पार्किंसन और ऑटोइम्यून एन्सेफलाइटिस जैसी मस्तिष्क एवं तंत्रिका तंत्र से जुड़ी बीमारियों में केमिकल सिग्नेचर और बायोमार्कर के जरिए बीमारी के संभावित कारणों का पता लगाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इन जांचों के नतीजों को मरीज के लक्षणों और मेडिकल हिस्ट्री के साथ समझना जरूरी है।  

आदित्य-एल1 (Aditya-L1)

Science and Technology 21-Oct-2026

हाल ही में वैज्ञानिकों ने भारत के पहले सोलर मिशन, आदित्य-L1 पर लगे विज़िबल एमिशन लाइन कोरोनाग्राफ (VELC) पेलोड से मिले डेटा का इस्तेमाल करके सोलर कोरोना में होने वाली एक्टिविटीज़ की डॉप्लर वेलोसिटी इमेज बनाई हैं। वस्तुतः इन इमेज से सूर्य-पृथ्वी दिशा में कोरोनल मास इजेक्शन (CMEs) के फैलने के बारे में जानकारी मिलने की उम्मीद है, जो अब तक उपलब्ध नहीं थी। 

कुफरी जामुनिया

Science and Technology 20-Oct-2026

बायोफोर्टिफिकेशन अनुसंधान का एक महत्वपूर्ण परिणाम संवर्धित पोषण मूल्य वाली रंगीन आलू की किस्मों का विकास रहा है। इनमें लाल, बैंगनी और नीले गूदे वाले आलू शामिल हैं। इन आलुओं में एंथोसायनिन और कैरोटीनॉयड जैसे प्राकृतिक पिगमेंट होते हैं, जो इन्हें इनका विशिष्ट रंग प्रदान करते हैं। रंगीन आलू एंटीऑक्सीडेंट तथा आयरन और जिंक जैसे सूक्ष्म पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं।

सौराष्ट्र भाषा के लिए टेक्स्ट-टू-स्पीच मॉडल

Science and Technology 17-Oct-2026

हाल ही में भाषा प्रौद्योगिकी को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) में डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन (डीआईसी) के अंतर्गत डिजिटल इंडिया भाषिनी डिवीजन (डीआईबीडी) ने भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएसी), बेंगलुरु के सहयोग से तमिलनाडु में मुख्य रूप से सौराष्ट्र समुदाय द्वारा बोली जाने वाली अल्पसंख्यक हिंद-आर्यन भाषा सौराष्ट्र के लिए टेक्स्ट-टू-स्पीच (टीटीएस) मॉडल विकसित किए हैं। 

जीएसएटी-7सी (GSAT-7C) उपग्रह

Science and Technology 16-Oct-2026

हाल ही में रक्षा मंत्रालय ने भारतीय वायु सेना (आईएएफ) के लिए एक समर्पित संचार उपग्रह और भारतीय नौसेना के लिए वरुणस्त्र भारी वजन वाले टॉरपीडो के लिए लगभग ₹4,106 करोड़ के अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए, जो स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। वस्तुतः रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इन अनुबंधों में बेंगलुरु स्थित न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड (एनएसआईएल) से 2,563 करोड़ रुपये मूल्य के जीएसएटी-7सी और हैदराबाद स्थित भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (बीडीएल) से 1,543 करोड़ रुपये मूल्य के वरुणस्त्र हेवी-वेट टॉरपीडो की खरीद शामिल है।

वैश्विक नवाचार सूचकांक (GII) 2026 - भारत की रैंक, महत्त्व और चुनौतियाँ

Science and Technology 16-Oct-2026

विश्व बौद्धिक संपदा संगठन (WIPO) के वैश्विक नवाचार सूचकांक (Global Innovation Index -GII) 2026 में स्विट्जरलैंड, स्वीडन और अमेरिका शीर्ष तीन स्थानों पर हैं। 

भारत में एडिटिव विनिर्माण तकनीक

Science and Technology 08-Oct-2026

पिछले एक दशक में भारत केवल प्रौद्योगिकी का उपयोग करने वाला देश नहीं, बल्कि उसे विकसित करने वाला देश बनकर उभरा है। डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे की सफलता के बाद अब यही क्षमता भौतिक दुनिया में भी दिखाई दे रही है—विशेषकर एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग (AM) के क्षेत्र में। यह तकनीक डिजिटल डिजाइनों को सीधे वास्तविक वस्तुओं में बदलने की क्षमता रखती है। 

DRDO ने 21 किमी की ऊंचाई पर हाई-एल्टीट्यूड प्लेटफॉर्म का परीक्षण किया: भारत की स्ट्रैटोस्फेरिक निगरानी क्षमता

Science and Technology 07-Oct-2026

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने स्वदेशी रूप से विकसित हाई-एल्टीट्यूड प्लेटफॉर्म (High-Altitude Platform—HAPS) का सफल उड़ान परीक्षण किया है। परीक्षण के दौरान प्रायोगिक प्लेटफॉर्म समुद्र तल से 21 किमी की ऊंचाई तक पहुंचा और लगभग 20 किमी की ऊंचाई पर 30 मिनट से अधिक समय तक बना रहा।

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