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क्रोनिक ट्रॉमैटिक एन्सेफैलोपैथी

(प्रारंभिक परीक्षा: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी)

संदर्भ

न्यूयॉर्क के मैनहट्टन में गोलीबारी की एक घटना से ‘क्रोनिक ट्रॉमैटिक एन्सेफैलोपैथी (CTE)’ नामक मस्तिष्क रोग चर्चा में आ गया है। यह रोग उन लोगों में देखा जाता है जिन्हें बार-बार सिर पर चोट लगती है, जैसे कि खिलाड़ी या सैनिक।

क्रोनिक ट्रॉमैटिक एन्सेफैलोपैथी (CTE) के बारे में

  • यह एक मस्तिष्क रोग है जो बार-बार सिर पर चोट लगने से होता है। 
  • यह रोग धीरे-धीरे बढ़ता है और मस्तिष्क को नुकसान पहुँचता है। 
  • शुरुआत में इसके लक्षण हल्के हो सकते हैं किंतु समय के साथ ये गंभीर हो जाते हैं। 
  • CTE प्राय: उन लोगों में पाया जाता है जो फुटबॉल, बॉक्सिंग, हॉकी जैसे खेल खेलते हैं या जिनको सैन्य सेवा में विस्फोट आदि का सामना करना पड़ता है।

प्रमुख कारण

  • बार-बार सिर पर चोट : खेलों में सिर पर बार-बार लगने वाली चोटें, जैसे- फुटबॉल में टक्कर या बॉक्सिंग में मुक्के।
  • लंबे समय तक तनाव : सिर पर बार-बार होने वाली छोटी-छोटी चोटें, जिन्हें शुरू में नजरअंदाज किया जाता है।
  • विस्फोट या झटके : सैनिकों में विस्फोटों के कारण मस्तिष्क पर दबाव पड़ सकता है, जो CTE का कारण बनता है।

मानव शरीर पर प्रभाव

CTE के प्रभाव मस्तिष्क एवं व्यवहार पर पड़ते हैं। ये प्रभाव समय के साथ बढ़ते हैं-

  • शुरुआती लक्षण : उदासी, गुस्सा, मूड में बदलाव एवं व्यवहार में अचानक परिवर्तन
  • बाद के लक्षण : याददाश्त कमजोर होना, भ्रम, निर्णय लेने में परेशानी और सोचने की क्षमता में कमी
  • गंभीर स्थिति : चलने-फिरने में दिक्कत, कंपकंपी एवं अन्य शारीरिक समस्याएँ। ये लक्षण व्यक्ति के जीवन को मुश्किल बना सकते हैं और परिवार व समाज पर भी प्रभाव डालते हैं।

पंच ड्रंक सिंड्रोम

  • CTE को पहले ‘पंच ड्रंक सिंड्रोम’ कहा जाता था क्योंकि यह बॉक्सिंग जैसे खेलों में आम था। 
  • बार-बार सिर पर चोट लगने से मस्तिष्क हिलता है, जिसे ‘कमोशन ऑफ द ब्रेन’ कहते हैं। 
  • यह हिलना मस्तिष्क की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाता है। समय के साथ ये छोटी-छोटी चोटें CTE का रूप ले लेती हैं। 
  • इस स्थिति में व्यक्ति का व्यवहार और सोचने की क्षमता बदल जाती है, जैसे कि वह ‘नशे’ की हालत में हो।

वेबस्टर मामला

  • एक मशहूर अमेरिकी फुटबॉल खिलाड़ी ‘माइक वेबस्टर’ CTE से प्रभावित लोगों में एक जाना-माना उदाहरण हैं।
  • वर्ष 2002 में उनकी मृत्यु के बाद उनके मस्तिष्क का अध्ययन किया गया, जिसमें CTE की पुष्टि हुई। यह पहला मामला था, जिससे CTE व्यापक चर्चा में आ गया।

CTE का उपचार

फिलहाल CTE का कोई निश्चित उपचार नहीं है किंतु इसके प्रभाव को कम करने के लिए कुछ कदम उठाए जा सकते हैं:

  • रोकथाम : खेलों में हेलमेट और अन्य सुरक्षात्मक उपकरणों का उपयोग तथा सिर की चोटों को कम करने के लिए नियमों में बदलाव
  • जल्दी पहचान : लक्षणों की जल्द पहचान करके मनोवैज्ञानिक एवं चिकित्सकीय सहायता लेना
  • सहायता : डिप्रेशन एवं मूड स्विंग्स के लिए काउंसलिंग व दवाइयां
  • जागरूकता : खिलाड़ियों एवं कोचों को CTE के खतरों के बारे में शिक्षित करना
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