संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत स्वायत्त संस्था ‘इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (IGNCA)’ भारत की चुनिंदा सबसे मशहूर आवाज़ों को रिकॉर्ड किए गए साक्षात्कारों और असली प्रकाशनों के माध्यम से डॉक्यूमेंट करने तथा उन्हें सहेजने के लिए एक विशेष पहल की शुरूआत करने जा रहा है।
संबंधित प्रमुख बिंदु
- यह प्रकाशन रेडियो और आवाज़ पर आधारित कहानी कहने के लंबे समय से चले आ रहे सांस्कृतिक महत्व को सामने लाने वाला है।
- इसमें आकाशवाणी, एफ.एम. चैनलों, वॉइस-ओवर इंडस्ट्री, प्रसारण एवं काव्य पाठ मंचन की परंपरा से जुड़े 31 लोगों के सफर को समेटने का प्रयास किया गया है।
- अनेकों पीढ़ियों में आवाज़ों के ज़रिए कहानियों, किरदारों एवं भावनाओं को पहुँचाने से जुड़ी यह परियोजना सामूहिक संस्मरण, गर्मजोशी व भरोसे को आकार देने में आवाज़ की अनोखी शक्ति पर विचार करने का एक अवसर देने वाली है।
- यहाँ तक कि वर्तमान समय के डिजिटल युग में भी वॉइस-ओवर की कला कहानी कहने के पुराने और नए तरीकों को जोड़ते हुए एक आवश्यक एवं प्रासंगिक सांस्कृतिक माध्यम बनी हुई है।
- सुप्रसिद्ध स्वरों को लिपिबद्ध करने और एक स्वर युग्म का शुभारंभ करने का यह कार्यक्रम दस्तावेजीकरण एवं संरक्षण के प्रति इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र की सांस्कृतिक की निरंतर प्रतिबद्धता में एक महत्वपूर्ण पल होगा।
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (IGNCA) के बारे में
- इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र की स्थापना वर्ष 1987 में भारत सरकार द्वारा संस्कृति मंत्रालय के तहत एक स्वायत्त निकाय के रूप में की गई थी।
- इसका उद्देश्य भारतीय कला और सांस्कृतिक विरासत का दस्तावेजीकरण, संरक्षण एवं प्रसार करना तथा संस्कृति के विशिष्ट क्षेत्र में काम करने के लिए सक्षम पेशेवरों को प्रशिक्षित करना है।