New
Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 6th July 2026, 6:00 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 5th July 2026, 8:00 AM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 20th July 2026 English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 15th July 2026, 8:00 AM Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 6th July 2026, 6:00 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 5th July 2026, 8:00 AM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 20th July 2026 English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 15th July 2026, 8:00 AM

Archive

भारत में मत्स्य पालन पर वास्तविक संकट

Current Affairs 07-Jul-2026

भारत का समुद्री मत्स्य पालन क्षेत्र एक विशाल और ऐतिहासिक विरासत को समेटे हुए है। देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने और करोड़ों लोगों की थाली तक पोषण पहुंचाने के लिए पारंपरिक छोटे मछुआरे और विशाल यंत्रीकृत ट्रॉलर्स हर दिन अपनी जान जोखिम में डालकर समुद्र की लहरों से जूझते हैं।  

तीजन बाई

Current Affairs 07-Jul-2026

छत्तीसगढ़ की प्राचीन लोककला पंडवानी, जिसमें महाभारत की कथा का संगीतमय प्रस्तुतीकरण किया जाता है, को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने वाली प्रसिद्ध लोक कलाकार तीजन बाई का रविवार, 5 जुलाई 2026 को रायपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए) में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। लोक कलाकार तीजन बाई 70 वर्ष की थीं। 

आईबीसी बनाम पीएमएलए: क्या दिवालियापन का संरक्षण आपराधिक संपत्तियों को ईडी से बचा सकता है?

Current Affairs 07-Jul-2026

दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) और धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के बीच अधिकार-क्षेत्र को लेकर लंबे समय से कानूनी बहस चलती रही है। इस बहस पर राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने हाल ही में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि आईबीसी के तहत लागू मोराटोरियम (स्थगन अवधि) उन संपत्तियों की रक्षा नहीं करता, जिन्हें धन शोधन निवारण अधिनियम के अंतर्गत अपराध से अर्जित संपत्ति (Proceeds of Crime) माना गया है।  

गंगा के मैदान में घटता दूध का उत्पादन

Current Affairs 07-Jul-2026

वैश्विक तापमान में हो रही वृद्धि अब सीधे तौर पर हमारी थाली और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर असर डालने लगी है। एक नए वैज्ञानिक अध्ययन से यह चिंताजनक बात सामने आई है कि जलवायु परिवर्तन के कारण भारत में (विशेष रूप से उत्तर-पश्चिम भारत के ट्रांस-गंगा के मैदानी इलाकों में) दूध उत्पादन में भारी गिरावट आई है। यह क्षेत्र देश में दुग्ध आपूर्ति का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है, इसलिए भैंसों और मवेशियों के दूध में आ रही यह कमी पूरे डेयरी उद्योग और आम उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ा संकट बन चुकी है।   

« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR