अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) के नवीनतमILOSTAT 2025 आँकड़ों के अनुसार, भारत का सामाजिक सुरक्षा कवरेज 2015 में 19% से बढ़कर 2025 में 64.3% तक पहुँच गया है।
यह पिछले एक दशक में 45 प्रतिशत अंकों की वृद्धि को दर्शाता है।
प्रमुख बिंदु:
94 करोड़ से अधिक भारतीय नागरिक अब कम से कम एक सामाजिक सुरक्षा लाभ के अंतर्गत आते हैं।
अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) ने इस ऐतिहासिक प्रगति को ILOSTAT डैशबोर्ड पर प्रकाशित किया।
लाभार्थियों की संख्या के आधार पर भारत अबविश्व में दूसरे स्थान पर पहुँच गया है, जो इसे एक वैश्विक उदाहरण के रूप में प्रस्तुत करता है।
ILO के महानिदेशक गिल्बर्ट एफ. हुंगबो ने भारत के इस प्रयास की खुले शब्दों में सराहना की।
यह चर्चा जिनेवा में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय श्रम सम्मेलन के दौरान हुई।
सामाजिक सुरक्षा:
सामाजिक सुरक्षा एक ऐसा तंत्र है जो नागरिकों को स्वास्थ्य, आजीविका, वृद्धावस्था, बेरोजगारी और आपदा जैसी स्थितियों में सुरक्षा और सहायता प्रदान करता है।
यह सामाजिक न्याय और समावेशन के लिए अत्यंत आवश्यक है।
योजनाएँ जिनका योगदान रहा:
ई-श्रम पोर्टल
प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना
आयुष्मान भारत योजना
उज्ज्वला योजना
अटल पेंशन योजना
EPFO और ESIC का विस्तार
अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (International Labour Organization – ILO)
अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) एक विशिष्ट संयुक्त राष्ट्र एजेंसी है, जो श्रम मानकों को निर्धारित करने,श्रमिकों के अधिकारों को बढ़ावा देने, और सामाजिक न्याय व निष्पक्ष कार्य स्थितियों को सुनिश्चित करने के लिए कार्य करती है।
स्थापना : वर्ष 1919, वर्साय संधि के अंतर्गत
वर्ष 1946 में ILO, संयुक्त राष्ट्र की पहली विशिष्ट एजेंसी बन गई।
मुख्यालय: जेनेवा, स्विट्ज़रलैंड
प्रश्न.अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के अनुसार भारत का सामाजिक सुरक्षा कवरेज 2015 में 19% से बढ़कर 2025 में कितने प्रतिशत हो गया है?