अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस हर वर्ष 22 मई को मनाया जाता है।
यह दिन जैव विविधता के संरक्षण, उसके महत्व और वैश्विक पारिस्थितिकी तंत्र में उसकी भूमिका के बारे में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से मनाया जाता है।
अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस 2025 की थीम- “प्रकृति के साथ सामंजस्य और सतत विकास”
प्रमुख बिंदु:
वर्ष 2000 में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने 22 मई को अंतर्राष्ट्रीय जैवविविधता दिवस के रूप में घोषित किया।
यह तिथि इसलिए चुनी गई क्योंकि 22 मई 1992 को जैवविविधता पर संयुक्त राष्ट्र कन्वेंशन (United Nations Convention on Biological Diversity - UNCBD) को अपनाया गया था।
जैवविविधता पर संयुक्त राष्ट्र कन्वेंशन (UNCBD):
यह जैवविविधता के संरक्षण, इसके सतत उपयोग, और जैविक संसाधनों से प्राप्त लाभों के न्यायसंगत बंटवारे के लिए एक कानूनी रूप से बाध्यकारी अंतरराष्ट्रीय संधि है।
भारत की भूमिका:
भारत इस संधि का एकपक्षकारहै।
भारत ने इस संधि के तहतजैवविविधता अधिनियम, 2002 लागू किया है।
यह देश में जैवविविधता के संरक्षण और पारंपरिक ज्ञान की रक्षा के लिए एक महत्त्वपूर्ण कानून है।
जैव विविधता क्या है?
जैव विविधता का अर्थ है पृथ्वी पर पाए जाने वाले सभी जीवों—पौधे, पशु, सूक्ष्मजीव—की विविधता।
इसमें उनके जीन, प्रजातियों और पारिस्थितिक तंत्रों की विविधता शामिल है।
यह प्रकृति का संतुलन बनाए रखने, पारिस्थितिक सेवाएं प्रदान करने और मानव जीवन को समर्थन देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
जैव विविधता का महत्व:
पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखना
भोजन, दवाइयों और कच्चे माल की आपूर्ति
जलवायु परिवर्तन का सामना करने में मदद
संस्कृतिक, धार्मिक और सौंदर्यात्मक महत्व
प्रश्न. अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस कब मनाया जाता है?