पाकिस्तान–अफगानिस्तान–उज्बेकिस्तान त्रिपक्षीय रेल परियोजना

चर्चा में क्यों ?

हाल ही में पाकिस्तान, अफगानिस्तान और उज्बेकिस्तान ने त्रिपक्षीय रेल परियोजना को लेकर एक महत्त्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। 

प्रमुख बिंदु

  • इस परियोजना का उद्देश्य तीनों देशों को एक रेल नेटवर्क से जोड़ना है।
  • मध्य एशियाई देशों को पाकिस्तानी बंदरगाहों तक सीधा संपर्क प्रदान करना है। 
  • यह पहल क्षेत्रीय व्यापार,पारगमन और आर्थिक एकीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

समझौते में शामिल

  • अफगानिस्तान: लोक निर्माण मंत्रालय
  • उज्बेकिस्तान: परिवहन मंत्रालय
  • पाकिस्तान: रेल मंत्रालय
  • तीनों देशों ने काबुल में इस समझौते पर हस्ताक्षर किए।

रेल परियोजना की विशेषताएँ

  • कुल लंबाई: लगभग 640 किलोमीटर
  • आरंभ: हैरातन (उज्बेकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा)
  • मार्ग: काबुल, लोगार, खारलाची (पाकिस्तान का कुर्रम जिला)
  • उद्देश्य: पाकिस्तानी बंदरगाहों (जैसे कराची, ग्वादर) तक मध्य एशिया को सीधा संपर्क देना

रणनीतिक महत्व

क्षेत्र

विवरण

आर्थिक

व्यापार लागत में कमी, परिवहन समय में बचत, निर्यात-आयात में तेजी

भूराजनीतिक

अफगानिस्तान को "ट्रांजिट ब्रिज" के रूप में स्थापित करना

क्षेत्रीय सहयोग

दक्षिण एशिया और मध्य एशिया को जोड़ने वाला पहला संगठित रेल मार्ग

स्थिरता और विकास

अफगानिस्तान में शांति और विकास के लिए सहयोग बढ़ाना


प्रश्न. हाल ही में किन तीन देशों ने एक त्रिपक्षीय रेल समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं?

(a) भारत, नेपाल, भूटान

(b) पाकिस्तान, उज्बेकिस्तान, अफगानिस्तान

(c) ईरान, तुर्की, कजाकिस्तान

(d) चीन, रूस, अफगानिस्तान

« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT