• Sanskriti IAS - अखिल मूर्ति के निर्देशन में

अल्ट्रावॉयलेट-सी जल शोधन (Ultraviolet-C water purification)

  • 23rd November, 2021
  • यूवी-सी जल शोधन (UV-C), जल को शुद्ध करने की सबसे प्रभावी कीटाणुशोधन तकनीकों में से एक है। इस तकनीक में विशेष कीटाणुनाशक के रूप में अल्ट्रावॉयलेट-सी लैंप, उच्च-तीव्रता वाले पराबैंगनी प्रकाश का उत्सर्जन कर जल को शुद्ध करते हैं। इसमें पर्यावरण के लिये हानिकारक कठोर रसायनों का उपयोग नहीं किया जाता।
  • भारत में अधिकांश वाटर प्यूरीफायर में यूवी-सी ट्यूब का उपयोग किया जाता है। यूवी-सी विकिरण खतरनाक बैक्टीरिया तथा वायरस को नष्ट करने में सक्षम होते हैं।
  • साथ ही, यह जल में मौज़ूद महत्वपूर्ण खनिज लवणों को बनाए रखते हैं। इस विधि को स्वस्थ व टिकाऊ माना जाता है, क्योंकि इस प्रक्रिया के दौरान कोई विषाक्त उपोत्पाद नहीं बनता है।
  • एक्स-रे तथा दृश्य प्रकाश के मध्य विद्युत चुम्बकीय स्पेक्ट्रम को ‘पराबैगनी विकिरण’ कहा जाता है। सूर्य का प्रकाश इसका प्रमुख उदाहरण है, जिससे मुख्यतः तीन प्रकार की अल्ट्रावॉयलेट किरणें; यूवी-ए, यूवी-बी तथा यूवी-सी उत्पन्न होती हैं। इनमें से यूवी-सी किरणों की तरंग दैर्ध्य सबसे कम होती है।
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