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सी-डेक और बैंक ऑफ इंडिया के बीच क्वांटम वित्तीय नवाचार पर समझौता

संदर्भ 

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन स्वायत्त वैज्ञानिक संस्था सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (सी-डेक) और बैंक ऑफ इंडिया (बीओआई) ने बैंकिंग क्षेत्र में क्वांटम वित्तीय नवाचार तथा उभरती प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।

समझौते के प्रमुख बिंदु  

  • संयुक्त अनुसंधान: दोनों संस्थान नई तकनीकों के विकास, प्रायोगिक परीक्षण, तकनीकी प्रदर्शन और क्षमता निर्माण के लिए सहयोग करेंगे।
  • क्वांटम प्रौद्योगिकी: क्वांटम-प्रेरित और क्वांटम-सुरक्षित तकनीकों के माध्यम से बैंकिंग सुरक्षा, डेटा संरक्षण और निर्णय क्षमता को मजबूत करने पर ध्यान दिया जाएगा। 
  • एआई और ब्लॉकचेन: दस्तावेज प्रसंस्करण, ग्राहक सहायता, धोखाधड़ी विश्लेषण, क्रेडिट मूल्यांकन, डिजिटल पहचान, स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट और सुरक्षित डेटा साझाकरण जैसे क्षेत्रों में तकनीकों की संभावनाएं तलाश की जाएंगी। 
  • तकनीकी परीक्षण: सुरक्षित सैंडबॉक्स में प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट (PoC) के जरिए तकनीकी व्यवहार्यता और संभावित लाभों का आकलन किया जाएगा।  

महत्व 

  • यह साझेदारी सी-डेक की तकनीकी विशेषज्ञता और बैंक ऑफ इंडिया के बैंकिंग अनुभव को एक साथ लाएगी। इससे स्वदेशी तकनीकी समाधानों के विकास, साइबर सुरक्षा को मजबूत करने और भारतीय बैंकिंग प्रणाली को भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार करने में मदद मिल सकती है। 

सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (सी-डेक) के बारे में 

  • सी-डेक इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) का प्रमुख अनुसंधान एवं विकास संगठन है जो आईटी, इलेक्ट्रॉनिकी और संबंधित क्षेत्रों में अनुसंधान एवं विकास कार्य करता है। 
  • 1988 में सी-डैक की स्थापना का उद्देश्य अमेरिका द्वारा सुपरकम्प्यूटरों के आयात पर रोक लगाने के मद्देनजर सुपरकम्प्यूटरों का निर्माण करना था। तब से सी-डैक सुपरकम्प्यूटर की अनेक पीढ़ियों का निर्माण कर रहा है, जिसकी शुरुआत 1988 में 1 जीएफ के साथ परम से हुई थी। 
  • सी-डैक ने GIST ग्रुप (ग्राफिक्स एवं इन्टैलिजैंस आधारित लिपि प्रौद्योगिकी) की स्थापना के साथ भारतीय भाषा संगणन की शुरुआत की। वर्ष 1985 में स्थापित राष्ट्रीय सॉफ्टवेयर प्रौद्योगिकी केंद्र (NCST) ने भी इसी समय भारतीय भाषा के संगणन पर कार्य करना आरंभ किया। 
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