संदर्भ
स्पेन में बढ़ते किराये और किफायती घरों की कमी ने गंभीर सामाजिक और राजनीतिक संकट पैदा कर दिया है। हाल ही में 87 वर्षीय मारिया डेल कारमेन अबास्काल को मैड्रिड स्थित उनके घर से बेदखल कर दिया गया, जहां उनका परिवार सात दशक से अधिक समय से रह रहा था। इस घटना ने देशभर में विरोध प्रदर्शनों को तेज कर दिया है। प्रदर्शनकारी किरायेदारों के अधिकारों की सुरक्षा, किराये में कमी और निवेश कोषों द्वारा संपत्तियों की खरीद पर नियंत्रण की मांग कर रहे हैं।
70 साल पुराने घर से क्यों निकाली गईं अबास्काल?
- अबास्काल के पिता ने वर्ष 1956 में स्पेन की राजधानी मैड्रिड के पॉश रेटिरो इलाके में एक अपार्टमेंट किराये पर लिया था। माता-पिता की मृत्यु के बाद भी वह किराया नियंत्रण व्यवस्था के तहत उसी घर में रहती रहीं।
- वर्ष 2018 में इमारत का स्वामित्व बदल गया और अबास्काल को अपार्टमेंट खरीदने का विकल्प दिया गया। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह इसे खरीद नहीं सकीं। इसके बाद निवेश कोष उरबागेस्टियोन (Urbagestión) ने अपार्टमेंट खरीद लिया और मासिक किराया 500 यूरो से बढ़ाकर 2,650 यूरो कर दिया। बाद में किराया घटाकर 1,650 यूरो किया गया, लेकिन पेंशन पर निर्भर अबास्काल के लिए यह रकम चुकाना भी संभव नहीं था। आखिरकार उन्हें घर छोड़ना पड़ा।
स्पेन में आवास संकट की गंभीरता
- अबास्काल की बेदखली के बाद स्पेन में आवास संकट के खिलाफ व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए। मैड्रिड के पुएर्ता डेल सोल चौक में सैकड़ों लोगों ने तंबू लगाए और कुछ प्रदर्शनकारी एक सप्ताह से अधिक समय तक वहां डटे रहे।
- रियल एस्टेट पोर्टल आइडियलिस्टा (Idealista) के अनुसार, पिछले 10 वर्षों में स्पेन में किराये की दरों में औसतन 84 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। दक्षिणी शहर मलागा में यह वृद्धि 113 प्रतिशत और मार्बेला में लगभग 150 प्रतिशत रही है।
- स्पेन के राष्ट्रीय सांख्यिकी संस्थान के मुताबिक, देश में औसत सकल मासिक वेतन लगभग 2,460 यूरो है। वहीं, आइडियलिस्टा के आंकड़ों के अनुसार, सितंबर में मैड्रिड में 50 वर्ग मीटर के अपार्टमेंट का मासिक किराया करीब 1,170 यूरो था। यानी एक छोटे घर का किराया औसत मासिक वेतन का लगभग आधा है।
- बैंक ऑफ स्पेन के अनुसार, देश में लगभग 7.5 लाख घरों की कमी है। बैंक की डिप्टी गवर्नर सोलेदाद नुनेज ने अनुमान जताया कि 2026 से 2028 के बीच इस कमी में तीन लाख घर और जुड़ सकते हैं। इससे कुल आवास घाटा 10 लाख घरों से अधिक हो सकता है।
आवास संकट के तीन प्रमुख कारण
1. घरों के निर्माण में कमी
- स्पेन में नए परिवारों की संख्या बढ़ने के मुकाबले घरों का निर्माण पर्याप्त नहीं हुआ है। वर्ष 2021 से 2025 के बीच प्रवासन समेत विभिन्न कारणों से लगभग 12 लाख नए परिवार बने, जबकि इस अवधि में पांच लाख से भी कम नए घरों का निर्माण हुआ।
- वर्ष 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट और 2009 के यूरोजोन संकट ने स्पेन के निर्माण क्षेत्र को प्रभावित किया। कोविड-19 महामारी के दौरान निर्माण सामग्री की लागत बढ़ी और राजनीतिक मतभेदों ने भी आवास निर्माण से जुड़ी योजनाओं को प्रभावित किया।
2. पर्यटन और अल्पकालिक किराये का बढ़ता चलन
- पर्यटकों के लिए घरों को अल्पकालिक किराये पर देने की बढ़ती प्रवृत्ति से स्थानीय निवासियों के लिए उपलब्ध आवास कम हो रहे हैं। मैड्रिड के किरायेदार संघ सिंडिकातो दे इनक्विलिनास दे मैड्रिड के अनुसार, स्पेन में 40 लाख से अधिक घर और लगभग चार लाख अवकाश किराये की संपत्तियां खाली हैं।
- स्पेन के उपभोक्ता अधिकार मंत्रालय ने Airbnb को लगभग 66,000 बिना लाइसेंस वाली संपत्तियों की सूची हटाने का आदेश दिया। हालांकि, स्थानीय निवासियों का मानना है कि आवास संकट से निपटने के लिए इससे अधिक प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है।
3. सार्वजनिक आवास की कमी और निवेश कोष
- स्पेन में सरकारी आवासों की उपलब्धता सीमित है। ओईसीडी के देशों में स्पेन सार्वजनिक किराये के आवासों की हिस्सेदारी के मामले में निचले पायदान पर है। देश के कुल आवास भंडार में ऐसे घरों की हिस्सेदारी दो प्रतिशत से भी कम है। लगभग 35 लाख आबादी वाले मैड्रिड में सार्वजनिक आवास इकाइयों की संख्या करीब 10,000 है।
- इस कमी के कारण कई युवा 30 वर्ष की उम्र के बाद ही माता-पिता का घर छोड़ पाते हैं। दूसरी ओर, निवेश कोष उपलब्ध संपत्तियां खरीदकर किराये में भारी वृद्धि कर रहे हैं। प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज की सरकार ऐसे निवेश कोषों को ‘गिद्ध कोष’ कहती है।
सांचेज सरकार पर बढ़ा राजनीतिक दबाव
- विरोध प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज ने किरायेदारों को अधिक सुरक्षा देने के उद्देश्य से दो आपातकालीन उपाय पेश किए। हालांकि, 1 अक्टूबर को संसद ने दोनों प्रस्तावित आदेशों को खारिज कर दिया। इससे सरकार की संसदीय स्थिति पर सवाल उठे और विरोध प्रदर्शन तेज हो गए।
- इसके बाद सांचेज ने 29 नवंबर को समय से पहले आम चुनाव कराने की घोषणा की। अगला चुनाव अगले वर्ष की गर्मियों के अंत से पहले होना निर्धारित था। उनकी स्पेनिश सोशलिस्ट वर्कर्स पार्टी को दक्षिणपंथी वॉक्स पार्टी, रूढ़िवादी पीपुल्स पार्टी और कैटलोनिया की स्वतंत्रता समर्थक पार्टी जुंट्स से चुनौती मिल रही है। वॉक्स के सत्ता में आने पर 1975 में तानाशाह फ्रांसिस्को फ्रांको की मृत्यु के बाद पहली बार कोई दक्षिणपंथी अतिवादी पार्टी स्पेन की सरकार का नेतृत्व करेगी।
निष्कर्ष
- स्पेन का आवास संकट अब केवल महंगे किराये और घरों की कमी का मुद्दा नहीं, बल्कि सामाजिक असमानता और राजनीतिक स्थिरता से जुड़ी बड़ी चुनौती बन गया है। सीमित निर्माण, पर्यटन के लिए घरों का बढ़ता प्रयोग, सार्वजनिक आवास की कमी और निवेश कोषों की गतिविधियां इस समस्या को गंभीर बना रही हैं। सरकार के सामने अब किफायती आवास बढ़ाने, किरायेदारों के अधिकारों की रक्षा करने और किराये में बेतहाशा वृद्धि पर नियंत्रण लगाने की चुनौती है।