संदर्भ
हाल ही में हैदराबाद में जन्मे एक कनाडाई पक्षी प्रेमी द्वारा बीएचईएल के पास स्थित अमीनपुर झील में एक दुर्लभ ल्यूसिस्टिक ग्रेट कॉर्मोरेंट (Great Cormorant) को देखा गया। अपने असामान्य रंग-रूप के कारण इस पक्षी ने पक्षी प्रेमियों और प्रकृति पर्यवेक्षकों का ध्यान आकर्षित किया है।
ग्रेट कॉर्मोरेंट (Great Cormorant) के बारे में
- ग्रेट कॉर्मोरेंट एक बड़ा जलपक्षी है, जो कॉर्मोरेंट परिवार से संबंधित है।
- इसका वैज्ञानिक नाम Phalacrocorax carbo है।
- यह प्रजाति दुनिया के कई हिस्सों में पाई जाती है और जलीय वातावरण में जीवन के लिए अच्छी तरह अनुकूलित है।
आवास और वितरण:
- ग्रेट कॉर्मोरेंट को कॉर्मोरेंट परिवार की सबसे व्यापक रूप से वितरित प्रजातियों में से एक माना जाता है।
- इसका विस्तार उत्तरी अमेरिका, यूरोप, अफ्रीका, चीन, भारत, दक्षिण-पूर्व एशिया, न्यूजीलैंड, पापुआ न्यू गिनी और ऑस्ट्रेलिया तक देखा जाता है।
- यह पक्षी समुद्री तटों के उथले पानी के साथ-साथ झीलों, नदियों और अन्य मीठे पानी के जलाशयों में भी पाया जाता है। पानी में गोता लगाने और तैरने की इसकी क्षमता इसे जलीय पर्यावरण में शिकार करने के लिए बेहद सक्षम बनाती है।
विशेषताएं:
- यह कॉर्मोरेंट परिवार का सबसे बड़ा सदस्य है, जिसकी लंबाई 35-40 इंच और पंखों का फैलाव पांच फीट से अधिक होता है।
- नर आमतौर पर मादाओं की तुलना में बड़े और भारी होते हैं।
- इनके पंख गहरे और चमकदार होते हैं, तथा लंबी गर्दन, लंबी, हुक वाली चोंच और जालीदार पैर होते हैं।
- इनकी पूंछ थोड़ी लंबी और गले पर पीला धब्बा होता है। प्रजनन के मौसम में वयस्कों के जांघों पर सफेद धब्बे होते हैं।
- इनकी शक्तिशाली चोंचलेटी (ग्रे) रंग की होती है और इसके आधार के चारों ओर सफेद धब्बे होते हैं।
- ये विभिन्न प्रकार के शिकार (मछली, केकड़े, और कुछ क्षेत्रों में मेंढक या बत्तख के बच्चे) पकड़ने के लिए कुशल तैराकी और गोताखोरी हेतु अपने शक्तिशाली जालीदार पैरों का उपयोग करते हैं।
- विशेष रूप से, ग्रेट कॉर्मोरेंट की एशियाई मछुआरों के साथ एक अनूठी मछली पकड़ने की साझेदारी है, जो उन्हें मछली पकड़ने के लिए प्रशिक्षित करते हैं और उनकी गर्दन के चारों ओर अंगूठियां (रिंग्स) डालकर उन्हें अपना शिकार निगलने से रोकते हैं।
- अन्य कॉर्मोरेंट्स की तरह, इनके पंखों में सीमित जलरोधकता (waterproofing) होती है। पानी में गोता लगाने के बाद बाहर आने पर ये अपने पंखों को सुखाने के लिए फैला लेते हैं।
- ये पक्षी आम तौर पर छोटी कॉलोनियों में घोंसला बनाते हैं, जो कभी-कभी 2,000 से अधिक जोड़ों तक बढ़ जाती हैं।
संरक्षण स्थिति (Conservation Status):
- ग्रेट कॉर्मोरेंट को आईयूसीएन रेड लिस्ट में लीस्ट कंसर्न श्रेणी में रखा गया है।