संदर्भ
हाल ही में असम के वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने नामेरी टाइगर रिजर्व में ‘नामेरी वाइल्ड क्लासरूम’ (Nameri Wild Classroom) पहल शुरू की है। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को अनुभव एवं प्रत्यक्ष शिक्षा के माध्यम से प्रकृति से जोड़ना है।
नामेरी वाइल्ड क्लासरूम पहल के बारे में
- यह एक विशेष आवासीय पर्यावरण शिक्षा पहल है, जो पाठ्यपुस्तकों तक सीमित शिक्षा के बजाय विद्यार्थियों को प्राकृतिक आवासों में प्रत्यक्ष अनुभव के माध्यम से सीखने का अवसर प्रदान करती है।
- इसके अंतर्गत नामेरी टाइगर रिजर्व में दो और तीन दिवसीय अनुभवात्मक शिविर आयोजित किए जाते हैं।
संचालक संस्था:
- असम सरकार का पर्यावरण एवं वन विभाग, नामेरी टाइगर रिजर्व के क्षेत्रीय निदेशकों और अग्रिम पंक्ति के वनकर्मियों के समन्वय से इस पहल का संचालन करता है।
उद्देश्य:
- युवाओं में जिज्ञासा, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी विकसित करना। वन एवं नदी पारिस्थितिकी तंत्र से प्रत्यक्ष परिचय कराकर भविष्य के वन्यजीव संरक्षणकर्ताओं और शोधकर्ताओं को तैयार करना इसका प्रमुख लक्ष्य है।
प्रमुख विशेषताएँ:
- लक्षित विद्यार्थी: कक्षा 8 और उससे ऊपर के स्कूली विद्यार्थियों तथा स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर के विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध।
- क्षेत्र-आधारित पारिस्थितिक अध्ययन: पक्षी अवलोकन, निर्देशित वन भ्रमण, वन्यजीवों की गतिविधियों के संकेतों की पहचान तथा नदी-तटीय और नदीय पारिस्थितिकी पर आधारित अध्ययन।
- नदी में राफ्टिंग एवं तटीय अन्वेषण: जिया-भराली नदी (कामेंग नदी) में राफ्टिंग के माध्यम से मीठे पानी की जैव विविधता और जलीय आवासों की विशेषताओं का प्रत्यक्ष अध्ययन।
- पारंपरिक ज्ञान एवं सामुदायिक सहभागिता: रिजर्व के आसपास रहने वाले स्थानीय वनवासी समुदायों के पारंपरिक पारिस्थितिक ज्ञान, रीति-रिवाजों और संरक्षण संबंधी प्रथाओं से परिचय।
- विशेषज्ञ मार्गदर्शन एवं प्रमाणपत्र: प्रशिक्षित प्रकृतिविदों और वनकर्मियों के मार्गदर्शन में अध्ययन; विद्यार्थियों द्वारा व्यवस्थित क्षेत्रीय अवलोकन डायरी तैयार करना तथा कार्यक्रम पूरा होने पर प्रमाणपत्र प्राप्त करना।
पहल का महत्त्व:
- कक्षा में पढ़ाए जाने वाले पर्यावरणीय विषयों और वास्तविक संरक्षण गतिविधियों के बीच की दूरी कम करना तथा जैव विविधता की समझ को व्यावहारिक बनाना।
- विद्यार्थियों में वन्यजीव जीवविज्ञान, वानिकी और पर्यावरण नीति जैसे क्षेत्रों में करियर बनाने की रुचि विकसित करना।
- प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता, संरक्षण की नैतिकता और दीर्घकालीन पर्यावरणीय जिम्मेदारी को प्रोत्साहित करना।
नामेरी राष्ट्रीय उद्यान और बाघ अभयारण्य के बारे में
- नामेरी राष्ट्रीय उद्यान और बाघ अभयारण्य असम के सोनितपुर जिले के उत्तरी भाग में स्थित है। राष्ट्रीय उद्यान का मुख्य क्षेत्र, अर्थात् नामेरी राष्ट्रीय उद्यान, और इसका सहायक क्षेत्र पश्चिमी असम वन्यजीव प्रभाग के प्रशासनिक नियंत्रण में हैं।
- नामेरी टाइगर रिजर्व को दो संरक्षित क्षेत्रों - नामेरी राष्ट्रीय उद्यान और सोनाई-रूपाई वन्यजीव अभयारण्य और दो आरक्षित वनों - नाडुआर आरक्षित वन और बालिपारा आरक्षित वन से अलग करके बनाया गया है।
- 200 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में फैला नामेरी राष्ट्रीय उद्यान बाघ अभयारण्य का मुख्य क्षेत्र है। लगभग 120 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला सोनाई-रूपई अभयारण्य, जो अब तक अक्षुण्ण और संरक्षित है, बाघ अभयारण्य का उपग्रह मुख्य क्षेत्र है।
- पूर्वी दिशा में स्थित 80 वर्ग किलोमीटर का नाडुआ रिजर्व फॉरेस्ट और पश्चिमी दिशा में स्थित 64 वर्ग किलोमीटर का बलिपारा रिजर्व फॉरेस्ट क्रमशः "पूर्वी बफर" और "पश्चिमी बफर" का निर्माण करते हैं।