संदर्भ
हाल ही में सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) ने जुलाई 2025 से जून 2026 के दौरान आयोजित पहले राष्ट्रीय घरेलू यात्रा सर्वेक्षण (एनएचटीएस) के प्रमुख संकेतकों और निष्कर्षों को एक फैक्टशीट के माध्यम से जारी किया है। सर्वेक्षण के उद्देश्य से, एक यात्रा को 1 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करने वाली यात्रा के रूप में परिभाषित किया गया है।
सर्वेक्षण के प्राथमिक उद्देश्य
- इस सर्वेक्षण का प्राथमिक उद्देश्य क्षेत्रीय परिवहन योजना, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण में सहयोग हेतु घरेलू यात्रा के पैटर्न और आवागमन के बारे में ठोस, डेटा-आधारित जानकारी प्राप्त करना है।
- रेल मंत्रालय की विशिष्ट डेटा आवश्यकताओं को पूरा करने के अलावा, इस सर्वेक्षण से लोगों के यात्रा करने के तरीके, समय और कारणों के बारे में बहुमूल्य जानकारी मिलने की उम्मीद है।
- यात्रा पैटर्न और सार्वजनिक परिवहन के उपयोग पर एकत्रित जानकारी मौजूदा परिवहन प्रणालियों में कमियों की पहचान करने, पहुंच का आकलन करने, परिवहन मार्गों को अनुकूलित करने और सेवा आवृत्ति एवं समय-सारणी में सुधार करने में सहायक होगी।
- इसके निष्कर्ष क्षेत्रीय परिवहन नियोजन, इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश और जागरूक परिवहन नीतियों के निर्माण के लिए एक महत्वपूर्ण साक्ष्य आधार भी प्रदान करेंगे।
सर्वेक्षण में शामिल पहलू
सर्वेक्षण में घरेलू यात्रा के प्रमुख पहलुओं को शामिल किया गया है, जिनमें निम्नलिखित शामिल हैं:
- यात्रा का उद्देश्य: रोजगार, शिक्षा, सामाजिक गतिविधियां, सांस्कृतिक और मनोरंजक गतिविधियां, पर्यटन, घरेलू काम, देखभाल और अन्य उद्देश्य।
- परिवहन का साधन: विभिन्न जनसांख्यिकीय समूहों द्वारा यात्रा करने के लिए उपयोग किए जाने वाले परिवहन के साधन।
- यात्रा की अवधि और दूरी: यात्राओं के दौरान लगने वाला औसत समय और तय की गई दूरी।
सर्वेक्षण के प्रमुख निष्कर्ष
1. छात्रों का आवागमन:
- 66.4% छात्र प्रतिदिन 1 किमी से अधिक की यात्रा करते हैं।
- 15–29 वर्ष के छात्रों में दैनिक आवागमन की दर 77% है।
- स्कूल आने-जाने के प्रमुख साधन पैदल (37%), बस (29.5%) और साइकिल (15.8%) हैं।
- 10.5% छात्र ऑटो-रिक्शा और 6.7% दोपहिया वाहनों का उपयोग करते हैं।
2. कार्यबल का आवागमन:
- 57.6% श्रमिक काम के लिए 1 किमी से अधिक की यात्रा करते हैं।
- पुरुषों में यह अनुपात 61.9%, जबकि महिलाओं में 41.9% है।
- 42.6% श्रमिक दोपहिया वाहनों का उपयोग करते हैं, जो सबसे प्रमुख साधन है।
- शहरी परिवहन में मेट्रो, रेल और ट्राम का उपयोग महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और दिल्ली में अधिक है।
3. यात्रा की अवधि और व्यस्त समय:
- छात्रों की औसत यात्रा अवधि 23 मिनट और श्रमिकों की 25 मिनट है।
- 87.6% छात्र और 83.4% कर्मचारी 30 मिनट के भीतर अपने गंतव्य तक पहुंच जाते हैं।
- छात्रों का प्रमुख आवागमन समय सुबह 7–10 बजे, जबकि कर्मचारियों का सुबह 6–10 बजे है।
4. मासिक आवागमन खर्च:
- छात्रों का औसत मासिक खर्च ₹443 है - शहरी क्षेत्रों में ₹617 और ग्रामीण क्षेत्रों में ₹361।
- श्रमिकों का औसत खर्च ₹785 प्रति माह है - शहरी क्षेत्रों में ₹1,044 और ग्रामीण क्षेत्रों में ₹612।
- पुरुष श्रमिकों का औसत खर्च ₹835, जबकि महिलाओं का ₹533 है।
5. रात्रिकालीन और गैर-कार्य यात्रा:
- रात्रिकालीन यात्राओं में बस (55.8%) और रेल (17.7%) प्रमुख साधन हैं।
- 70.2% रात्रिकालीन यात्राएं सामाजिक एवं धार्मिक गतिविधियों से जुड़ी हैं।
- पर्यटन, संस्कृति और अवकाश से जुड़ी यात्राओं का हिस्सा 7.4% है।
- अन्य दैनिक यात्राओं में दोपहिया वाहन (32.2%), पैदल (24.9%) और ऑटो-रिक्शा (18.9%) प्रमुख साधन हैं।