चर्चा में क्यों?
- व्यावसायिक कौशल को जब समय पर और किफायती वित्तपोषण मिलता है तो वे सार्थक आजीविका के अवसर पैदा कर सकते हैं। संस्थागत सहायता महत्वाकांक्षी उद्यमियों को प्रारंभिक वित्तीय बाधाओं को दूर करने, टिकाऊ उद्यम स्थापित करने और आर्थिक स्वतंत्रता की ओर बढ़ने में सक्षम बनाती है।
- महाराष्ट्र में ठाणे जिले के कल्याण (पश्चिम) की रहने वाली स्नातक और प्रशिक्षित सौंदर्य पेशेवर श्रीमती शलाका दर्शन नगोतकर ने एनएसएफडीसी सावधि ऋण योजना के तहत 3,75,000 रुपये की वित्तीय सहायता से घर पर ही ब्यूटी पार्लर की स्थापना की। आज उनकी मासिक आय लगभग 25,000 से 30,000 रुपये है और वे अपने व्यवसाय से अपने परिवार का भरण-पोषण करती हैं।
एनएसएफडीसी के बारे में
- एनएसएफडीसी सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन एक केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है, जो रियायती वित्तीय सहायता, कौशल विकास और उद्यमिता सहायता प्रदान करके अनुसूचित जातियों से संबंधित व्यक्तियों के आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने में लगा हुआ है।
- स्वरोजगार और व्यावसायिक/तकनीकी शैक्षिक पाठ्यक्रमों को आगे बढ़ाने के लिए रियायती वित्तीय सहायता के तहत एनएसएफडीसी द्वारा सहायता प्राप्त अनुसूचित जाति के लाभार्थियों की वार्षिक पारिवारिक आय वर्तमान में ₹ 5 लाख (समय-समय पर यथा संशोधित) के भीतर होनी चाहिए।
स्थापना:
- एनएसएफडीसी की स्थापना भारत सरकार द्वारा 8 फरवरी, 1989 को राष्ट्रीय अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वित्त और विकास निगम के नाम से की गई थी।
उद्देश्य:
- एनएसएफडीसी का व्यापक उद्देश्य अनुसूचित जाति के व्यक्तियों, जिनकी वर्तमान वार्षिक पारिवारिक आय 5.00 लाख रुपये (ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में, 07.01.2026 से प्रभावी, समय-समय पर यथासंशोधित) तक है, उनके सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण के लिए वित्तपोषण, सुविधा प्रदान करना और धन जुटाना है।
- राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेश प्रशासनों द्वारा नामित राज्य चैनलाइज़िंग एजेंसियों (SCAs) और अन्य चैनलाइज़िंग एजेंसियों (CAs) के माध्यम से पात्र अनुसूचित जाति के व्यक्तियों की आय-अर्जन योजनाओं को वित्तपोषित करना।
- अनुसूचित जाति के व्यक्तियों के आर्थिक कल्याण के लिए वित्तीय सहायता के प्रवाह में सुधार करना।
- भारत और विदेश में मान्यता प्राप्त संस्थानों के माध्यम से पूर्णकालिक व्यावसायिक/तकनीकी पाठ्यक्रम को आगे बढ़ाने के लिए राज्य चैनेलाइजिंग एजेंसी और/या चैनेलाइजिंग एजेंसियां के माध्यम से लक्षित समूह को शैक्षिक ऋण प्रदान करना।
- लक्षित समूह को नौकरी/स्वरोजगार में सहायता करने के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए अनुदान प्रदान करना।
- लाभार्थियों के उत्पादों के विपणन के लिए प्रदर्शनियों-सह-मेलों का आयोजन/भागीदारी करना।
लक्ष्य:
- अनुसूचित जाति के पात्र व्यक्तियों के सामाजिक–आर्थिक विकास के माध्यम से व्यवस्थित प्रकार से गरीबी को कम करने के लिए चैनलाइजिंग एजेंसियों और अन्य विकास भागीदारों के साथ प्रभावी, उत्तरदायी और सहयोगात्मक तरीके से प्रमुख उत्प्रेरक के रूप में कार्य करना।
- वित्तीय सहायता के प्रवाह में सुधार तथा कौशल विकास एवं अन्य नवीन पहलों के माध्यम से अनुसूचित जातियों के बीच समृद्धि को बढ़ावा देना।
गतिविधियां:
एनएसएफडीसी लक्षित समूह के लिए आय-अर्जक योजनाओं हेतु संबंधित राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेश प्रशासनों द्वारा नामित राज्य चैनलाइज़िंग एजेंसियों (SCAs) और निम्नलिखित जैसे चैनल भागीदारों के माध्यम से वित्तीय सहायता प्रदान करता है:
- सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक
- क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक
- गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी - सूक्ष्म वित्त संस्थान (एनबीएफसी-एम एफआई)
- सहकारी बैंक/समितियां
- अन्य विकास संगठन
वस्तुतः ये साझेदारियां समझौता ज्ञापन (एमओए) के माध्यम से शासित होती हैं।