New
Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 14th Oct. 2026, 06:00 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 23rd Oct. 2026, 11:00 AM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 07th Dec. 2026, 5:30PM English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 03rd Oct. 2026, 11:00 AM Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 14th Oct. 2026, 06:00 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 23rd Oct. 2026, 11:00 AM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 07th Dec. 2026, 5:30PM English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 03rd Oct. 2026, 11:00 AM

नौसैनिक अभ्यास इंद्र 2026 (इंद्र 2026)

संदर्भ 

भारत और रूस के बीच रक्षा सहयोग को मजबूत करने की दिशा में द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास ‘इंद्र 2026’ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस अभ्यास में भारतीय नौसेना और रूसी संघ की नौसेना (Russian Federation Navy—RUFN) ने भाग लिया। अभ्यास के समापन के बाद भारतीय नौसेना का जहाज ‘सह्याद्रि’ 20 अक्टूबर, 2026 को रूस के व्लादिवोस्तोक से रवाना हुआ। 

नौसैनिक अभ्यास इंद्र 2026 के बारे में 

  • इस अभ्यास का उद्देश्य दोनों नौसेनाओं के बीच परिचालन समन्वय, पेशेवर सहयोग और आपसी तालमेल को मजबूत करना था। इसके माध्यम से दोनों देशों की नौसेनाओं को समुद्री अभियानों में अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन करने तथा एक-दूसरे की परिचालन प्रक्रियाओं को समझने का अवसर मिला।  

दो चरणों में आयोजित हुआ नौसैनिक अभ्यास 

  • इंद्र 2026 को दो प्रमुख चरणों - हार्बर चरण और समुद्री चरण में आयोजित किया गया। दोनों चरणों में विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से नौसैनिक सहयोग और समन्वय को बढ़ावा दिया गया।

1. हार्बर चरण

  • हार्बर चरण के दौरान दोनों नौसेनाओं के अधिकारियों और कर्मियों ने विभिन्न पेशेवर एवं सामाजिक गतिविधियों में भाग लिया। इसमें प्रमुख अधिकारियों के बीच बातचीत, एक-दूसरे के नौसैनिक जहाजों का निरीक्षण, रक्षा विशेषज्ञों का आदान-प्रदान और परिचालन समन्वय से संबंधित गतिविधियां शामिल थीं।
  • इसके अतिरिक्त, खेलकूद और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। इन गतिविधियों ने दोनों देशों के नौसैनिक कर्मियों को अपने अनुभव, विचार और परिचालन तौर-तरीके साझा करने का अवसर प्रदान किया। इससे आपसी समझ बढ़ाने और पेशेवर संबंधों को मजबूत करने में सहायता मिली। 

2. समुद्री चरण

  • हार्बर चरण के बाद अभ्यास का समुद्री चरण आयोजित किया गया, जिसमें दोनों नौसेनाओं ने विभिन्न परिचालन गतिविधियों में भाग लिया। इस दौरान समन्वित युद्धाभ्यास, एकीकृत संचार, हेलीकॉप्टर संचालन और चिकित्सा निकासी (Medical Evacuation) का अभ्यास किया गया। 
  • इन गतिविधियों का उद्देश्य समुद्र में संयुक्त अभियानों के दौरान संचार व्यवस्था, परिचालन समन्वय और आपसी तालमेल को बेहतर बनाना था। अभ्यास ने भाग लेने वाली नौसैनिक इकाइयों को समन्वित प्रक्रियाओं का परीक्षण करने और वास्तविक परिस्थितियों में सहयोग की क्षमता विकसित करने का अवसर दिया।

भारत-रूस नौसैनिक संबंधों को मजबूती 

  • इंद्र 2026 में आयोजित खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियों ने भारतीय तथा रूसी नौसेना के कर्मियों के बीच आपसी भाईचारे और विश्वास को मजबूत किया। इस प्रकार अभ्यास ने परिचालन सहयोग के साथ-साथ दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे नौसैनिक संबंधों को भी नई मजबूती प्रदान की। 
  • भारत और रूस के बीच रक्षा सहयोग द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। नियमित सैन्य एवं नौसैनिक अभ्यास दोनों देशों को अपनी क्षमताओं का आदान-प्रदान करने, संयुक्त कार्यप्रणाली विकसित करने और समुद्री सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों के प्रति बेहतर तैयारी करने में सहायता करते हैं। 

समुद्री सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण 

  • इंद्र 2026 का सफल समापन भारत और रूस की स्थायी रक्षा एवं समुद्री साझेदारी को दर्शाता है। इस अभ्यास ने निरंतर नौसैनिक संपर्क, पेशेवर सहयोग और परिचालन समन्वय के महत्व को रेखांकित किया। 
  • इसके माध्यम से दोनों देशों की नौसेनाओं ने एक सुरक्षित, स्थिर और शांतिपूर्ण समुद्री वातावरण बनाए रखने के प्रति अपनी साझा प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही, इस तरह के अभ्यास हिंद-प्रशांत क्षेत्र सहित व्यापक समुद्री क्षेत्र में सहयोग और आपसी समझ को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR