
- क्या है : भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने पंजीकृत मध्यस्थों के लिए एक वैध UPI एड्रेस अनिवार्य करने का निर्णय लिया है।
- उद्देश्य : सुरक्षित भुगतान सुनिश्चित करना और धोखाधड़ी से निपटना।
- नए UPI एड्रेस की पहचान
- नया UPI एड्रेस ‘@valid’ के साथ होगा, जो 1 अक्तूबर, 2025 से प्रभावी होगा।
- इसे निवेशकों के लिए पहचान में आसानी के लिए ‘valid’ हैंडल के साथ स्व-प्रमाणित सिंडिकेट बैंकों के नाम से जोड़ा जाएगा।
- उदाहरण : abc.bkr@validhdfc
- मध्यस्थों की संख्या : 8000 से 9000 मध्यस्थों, जैसे- ब्रोकर, बैंकर, निवेश सलाहकार आदि को नए UPI हैंडल पर शिफ्ट करना होगा।
- SIP पर प्रभाव
- मौजूदा SIP (सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
- पुराने UPI ID 11 दिसंबर, 2026 से बंद हो जाएंगे।
- सुरक्षा एवं जागरूकता
- SEBI एक नए टूल ‘SEBI Check ऐप’ की मदद से निवेशकों को यह सुनिश्चित करने की अनुमति देगा कि वे केवल प्रमाणित मध्यस्थों से लेन-देन कर रहे हैं।
- यह ऐप गूगल प्लेस्टोर के साथ साझेदारी में कार्य करेगा, जिससे केवल वैध ऐप्स को प्लेटफॉर्म पर अनुमति मिलेगी।
- साइबर धोखाधड़ी के खिलाफ कदम : SEBI अगले दो वर्षों में निवेशकों को साइबर धोखाधड़ी और इस नई पहल के बारे में जागरूक करने के लिए अभियान चलाएगा।
- मध्यस्थों की जिम्मेदारी
- पंजीकृत मध्यस्थों को इस नई पहल के बारे में निवेशकों को जागरूक करने और इसे प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित करने का निर्देश दिया गया है।
- यह कदम निवेशकों के लिए एक सुरक्षित और विश्वसनीय भुगतान प्रणाली स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
- सहयोग : यह प्रणाली नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) और अन्य हितधारकों के परामर्श से लागू की जाएगी।
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