संदर्भ
हाल ही में गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (जीएसएल), गोवा में अपतटीय गश्ती पोत (एनजीओपीवी) ‘यार्ड 1283 (सृष्टि)’ का जलावतरण श्रीमती संदीपा सहाय द्वारा किया गया। इस अवसर पर सचिव (रक्षा वित्त), श्री विश्वजीत सहाय भी उपस्थित थे। यह कार्यक्रम भारतीय नौसेना की समृद्ध परंपराओं एवं मूल्यों को दर्शाता है।
यार्ड 1283, सृष्टि के बारे में
- स्वदेशी रूप से डिजाइन एवं निर्मित ये जहाज समुद्री निगरानी, खोज एवं बचाव, अपतटीय परिसंपत्तियों की सुरक्षा, मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (एचएडीआर) तथा समुद्री डकैती-रोधी अभियानों जैसे बहु-आयामी कार्यों के लिए मौजूदा ओपीवी/एनओपीवी की क्षमताओं को बढ़ाएंगे।
- इन एनओपीवी का निर्माण एक साथ दो शिपयार्ड (जीएसएल, गोवा और जीआरएसई, कोलकाता) में किया जा रहा है।
- इन जहाजों के नाम भारत की समृद्ध विरासत से लिए गए हैं। इस जहाज का नाम ‘सृष्टि’ रखा गया है, जिसका संस्कृत में अर्थ है ‘रचना’ या ‘निर्माण करने की क्रिया’।
आपदा राहत में भूमिका
- आपदा राहत: प्राकृतिक आपदाओं और आपात परिस्थितियों में ये पोत राहत सामग्री पहुँचाने, प्रभावित लोगों की सहायता करने तथा बचाव कार्यों में योगदान दे सकते हैं।
- नौसेना की क्षमता में वृद्धि: बहुउद्देशीय उपयोगिता के कारण ये पोत भारतीय नौसेना की अपतटीय निगरानी और समुद्री सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करेंगे।
स्वदेशी निर्माण को बढ़ावा देने वाली परियोजना
- अनुबंध और लागत: भारतीय नौसेना के लिए 11 अगली पीढ़ी के अपतटीय गश्ती पोतों के निर्माण का अनुबंध 30 मार्च 2023 को किया गया। परियोजना की कुल लागत 9,781 करोड़ रुपये है।
- आत्मनिर्भर भारत को प्रोत्साहन: यह परियोजना घरेलू रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देती है तथा आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया अभियानों के उद्देश्यों के अनुरूप है।
गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (जीएसएल) के बारे में
- 1957 में स्थापित गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (जीएसएल) एक अग्रणी कंपनी है जिसे एकीकृत प्रबंधन प्रणाली के लिए आईएसओ 9001:2015 (गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली, आईएसओ 14001:2015 (पर्यावरण प्रबंधन प्रणाली)) और आईएसओ 45001:2018 (व्यावसायिक स्वास्थ्य और सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली) का प्रमाणन प्राप्त है।
- जीएसएल ने रक्षा और वाणिज्यिक क्षेत्रों में विभिन्न अनुप्रयोगों के लिए अत्याधुनिक जहाजों की एक विस्तृत श्रृंखला के अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए हैं, उनका निर्माण किया है और उन्हें चालू किया है। स्टील और एल्युमीनियम पतवार संरचना वाले आधुनिक गश्ती जहाजों के निर्माण में जीएसएल की विशेष विशेषज्ञता है।