चर्चा में क्यों?
- हाल ही में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने बताया कि वर्ष 2020-21 से 2023-24 के बीच प्रधानमंत्री दक्षता और कुशलता संपन्न हितग्राही (PM-DAKSH) योजना के अंतर्गत कुल 1,87,305 उम्मीदवारों को प्रशिक्षण दिया गया तथा 96,162 उम्मीदवारों को रोजगार मिला।
पीएम-दक्ष योजना के बारे में
- प्रधानमंत्री दक्षता और कुशलता संपन्न हितग्राही (PM-DAKSH) योजना एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है, जिसे वर्ष 2020-21 में शुरू किया गया था।
उद्देश्य:
- लक्षित वर्गों के उम्मीदवारों को गुणवत्तापूर्ण संस्थानों के माध्यम से कौशल प्रशिक्षण प्रदान करना, ताकि वे रोजगार प्राप्त कर सकें।
लक्षित वर्ग:
- इस योजना के अंतर्गत भारत के निम्नलिखित वर्गों को शामिल किया गया है:
- अनुसूचित जातियाँ (SC)
- अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC)
- आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS)
- विमुक्त एवं घुमंतू जनजातियाँ (DNTs)
- सफाई कर्मचारी (सफाई मित्र) एवं कचरा बीनने वाले व्यक्ति।
पात्रता संबंधी शर्तें:
- आयु सीमा: 18 से 45 वर्ष।
- पारिवारिक आय: ओबीसी और ईडब्लूएस वर्ग के उम्मीदवारों की वार्षिक पारिवारिक आय 3 लाख रुपये से कम होनी चाहिए।
नोट: अनुसूचित जाति (SC), विमुक्त एवं घुमंतू जनजातियों (DNTs) तथा सफाई मित्रों/कचरा बीनने वालों के लिए आय की कोई सीमा निर्धारित नहीं है।
योजना की प्रमुख विशेषताएँ:
- इस योजना का कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय की प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) में विलय कर दिया गया है।
- योजना के अंतर्गत चार प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं:
- कौशल उन्नयन एवं पुनः कौशल प्रशिक्षण (Up-skilling/Re-skilling)
- अल्पकालिक प्रशिक्षण कार्यक्रम (Short-Term Training Programmes)
- दीर्घकालिक प्रशिक्षण कार्यक्रम (Long-Term Training Programmes)
- उद्यमिता विकास कार्यक्रम (Entrepreneurship Development Programme)
कार्यान्वयन एजेंसियाँ:
- इस योजना को निम्नलिखित संस्थाओं के माध्यम से लागू किया जाता है:
- राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम (NSFDC)
- राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम (NBCFDC)
- राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम (NSKFDC)
नोडल मंत्रालय:
- सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय