संदर्भ
भारतीय वायु सेना द्वारा 26 सितंबर से 12 अक्टूबर 2026 तक जोधपुर वायुसेना स्टेशन पर आयोजित तरंग शक्ति अभ्यास का दूसरा संस्करण, सहयोगी वायु सेनाओं के साथ भारत की बढ़ती सहभागिता और क्षेत्रीय एवं वैश्विक सुरक्षा में एक प्रमुख योगदानकर्ता के रूप में इसकी उभरती भूमिका में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
तरंग शक्ति अभ्यास 2026 के बारे में
- तरंग शक्ति भारतीय वायु सेना द्वारा आयोजित बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यास का दूसरा संस्करण है।
- वर्ष 2024 में आयोजित पहले संस्करण की निरंतरता में इस अभ्यास का आयोजन “साझेदारी में शक्ति” (Power in Partnership) की थीम के अंतर्गत किया गया है।
उद्देश्य:
- इस अभ्यास का प्रमुख लक्ष्य भाग लेने वाले देशों की वायु सेनाओं को आधुनिक युद्ध परिस्थितियों के अनुरूप संयुक्त सैन्य अभियानों की योजना बनाने और उन्हें प्रभावी ढंग से संचालित करने का प्रशिक्षण देना है। इसके माध्यम से बहुराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने तथा रणनीतिक चुनौतियों के व्यावहारिक समाधान विकसित करने पर भी बल दिया जाता है।
व्यापक सहभागिता:
- सैन्य अभियानों के अतिरिक्त, अभ्यास में पेशेवर संगोष्ठियाँ, रक्षा उद्योग से जुड़े संस्थानों का भ्रमण, विरासत स्थलों का दौरा और योग सत्र जैसी गतिविधियाँ भी आयोजित की गई। इन गतिविधियों का उद्देश्य विदेशी सैन्य दलों को भारत के एयरोस्पेस एवं रक्षा क्षेत्र से परिचित कराना तथा पेशेवर और सांस्कृतिक संबंधों को प्रगाढ़ बनाना है।
भागीदारी:
- इस अभ्यास में ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, फ्राँस, जर्मनी, ग्रीस, श्रीलंका, संयुक्त अरब अमीरात और संयुक्त राज्य अमेरिका अपने हवाई संसाधनों के साथ हिस्सा लिया। इसके अतिरिक्त, लगभग 32 देश पर्यवेक्षक के रूप में इस अभ्यास में शामिल हुए।
विमान एवं प्रमुख अभियान:
- अभ्यास में भाग लेने वाले विदेशी देशों के विमानों में एफ-35 लाइटनिंग II, राफेल, एफ-16, ए400एम, मल्टी-रोल टैंकर ट्रांसपोर्ट (एमआरटीटी), सी-130, सी-130जे और केसी-30ए शामिल हैं। इसके अंतर्गत प्रति-हवाई अभियान, वायु रक्षा, टोही मिशन, हवाई परिवहन, हवा में ईंधन भरने तथा विभिन्न जटिल युद्ध परिस्थितियों से संबंधित अभियानों का अभ्यास किया गया।
फ्राँस की भागीदारी:
- मिशन पेगास 26 के तहत फ्राँसीसी वायु एवं अंतरिक्ष बल ने चार राफेल एफ4 लड़ाकू विमान, तीन ए330 एमआरटीटी फिनिक्स विमान और दो ए400एम एटलस विमान तैनात किए गए। फ्राँस की यह भागीदारी भारत और फ्राँस के बीच बढ़ते एयरोस्पेस एवं रक्षा सहयोग तथा दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को दर्शाती है।
महत्त्व:
- तरंग शक्ति 2026 भारतीय वायु सेना को अपनी परिचालन दक्षता, पेशेवर क्षमता और स्वदेशी एयरोस्पेस एवं रक्षा क्षेत्र में हुई प्रगति प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करता है। साथ ही, यह अभ्यास भाग लेने वाले देशों के बीच पारस्परिक संचालन क्षमता, आपसी विश्वास और रक्षा सहयोग को सुदृढ़ करता है। इससे क्षेत्रीय शांति एवं सुरक्षा को बढ़ावा देने के साथ-साथ भारत की अंतरराष्ट्रीय रक्षा साझेदारियों को भी नई मजबूती मिलती है।