विश्व बैंक समूह की पहली डिजिटल रणनीति

संदर्भ 

विश्व बैंक समूह ने दक्षिण कोरिया के सियोल में आयोजित पहले वैश्विक एआई एवं डिजिटल शिखर सम्मेलन में अपनी पहली डिजिटल रणनीति शुरू की। इसका उद्देश्य विकासशील देशों में किफायती इंटरनेट पहुंच, डिजिटल रोजगार और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) को अपनाने की प्रक्रिया का विस्तार करना है।  

विश्व बैंक समूह की डिजिटल रणनीति के बारे में 

  • यह एक व्यापक वैश्विक डिजिटल विकास ढांचा है, जो विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में समावेशी डिजिटल परिवर्तन को गति देने के लिए सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र के वित्तपोषण, डिजिटल बुनियादी ढांचे, तकनीकी नवाचार और नीतिगत सहायता को एकीकृत करता है। 

उद्देश्य: 

  • वैश्विक डिजिटल विभाजन को कम करना, 
  • डिजिटल कौशल को मजबूत करना, 
  • सार्वजनिक सेवाओं की उपलब्धता में सुधार करना तथा 
  • एआई (AI) आधारित उत्पादकता, रोजगार सृजन और आर्थिक समावेशन को बढ़ावा देना।  

प्रमुख विशेषताएं:  

  • किफायती डिजिटल कनेक्टिविटी: निजी निवेश, बाजार प्रतिस्पर्धा और साझेदारी के माध्यम से दूरसंचार बुनियादी ढांचे तथा ब्रॉडबैंड पहुंच का विस्तार करना, ताकि स्मार्टफोन और इंटरनेट की लागत कम हो सके। 
  • डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (DPI): डिजिटल पहचान, भुगतान प्रणालियों और सुरक्षित डेटा-साझाकरण प्लेटफॉर्म को बढ़ावा देना। इसके साथ साइबर सुरक्षा, निजता संरक्षण और धोखाधड़ी रोकने के उपायों पर भी जोर देना। 
  • डिजिटल कौशल एवं रोजगार: विकासशील देशों, विशेषकर युवाओं की रोजगार क्षमता, उद्यमिता और उत्पादकता बढ़ाने के लिए डिजिटल साक्षरता तथा कार्यबल प्रशिक्षण को मजबूत करना।
  • स्थानीय विकास के लिए लघु AI (Small AI): फसलों में रोगों की पहचान, स्वास्थ्य संबंधी सहायता और भंडार प्रबंधन जैसी व्यावहारिक समस्याओं के समाधान हेतु किफायती एवं विशिष्ट कार्यों पर केंद्रित एआई अनुप्रयोगों को प्रोत्साहित करना।
  • एआई (AI) अवसंरचना एवं तत्परता पहल: साझा जीपीयू कंप्यूटिंग संसाधनों तक उपयोग-आधारित भुगतान (Pay-as-you-go) के आधार पर पहुंच उपलब्ध कराना। वस्तुतः शुरुआत में इसका लक्ष्य अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के क्षेत्र हैं, ताकि महंगे राष्ट्रीय डेटा केंद्रों पर निर्भरता कम हो सके।    

रणनीति का महत्व: 

  • डिजिटल विभाजन को कम करना: वर्ष 2025 में 2 अरब से अधिक लोग इंटरनेट से वंचित थे। निम्न-आय वाले देशों में इंटरनेट उपयोग की दर केवल 23 प्रतिशत थी, जबकि उच्च-आय वाले देशों में यह 94 प्रतिशत थी।
  • रोजगार एवं उत्पादकता को बढ़ावा: अगले 10–15 वर्षों में लगभग 1.2 अरब युवा कामकाजी आयु वर्ग में प्रवेश करेंगे, जबकि विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में अनुमानित रूप से केवल 42 करोड़ नौकरियां सृजित होने की संभावना है। ऐसे में डिजिटल कौशल और एआई आधारित नवाचार रोजगार तथा उत्पादकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। 
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