संदर्भ
हाल ही में अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने अपनी विश्व आर्थिक परिदृश्य (World Economic Outlook- WEO) रिपोर्ट में वर्ष 2026 के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान बढ़ाकर 7 प्रतिशत कर दिया।
विश्व आर्थिक आउटलुक (WEO) रिपोर्ट के बारे में
- यह रिपोर्ट अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) द्वारा प्रकाशित की जाती है।
- यह रिपोर्ट वर्ष में दो बार, आमतौर पर अप्रैल और अक्टूबर में प्रकाशित होती है। इसके अतिरिक्त, जुलाई और जनवरी में इसके संक्षिप्त अद्यतन (WEO Updates) जारी किए जाते हैं।
प्रमुख विषय:
- इसमें वैश्विक आर्थिक वृद्धि और मुद्रास्फीति के साथ-साथ आईएमएफ के सदस्य देशों की वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) वृद्धि दर, उपभोक्ता मूल्य, चालू खाते का संतुलन और बेरोजगारी के अनुमान प्रस्तुत किए जाते हैं।
आँकड़ों का स्रोत:
ये आँकड़े सदस्य देशों के साथ आईएमएफ के प्रतिनिधियों के परामर्श तथा अन्य आर्थिक सूचनाओं पर आधारित होते हैं और वर्ल्ड इकॉनोमिक आउटलुक डेटाबेस में शामिल किए जाते हैं।
विश्व आर्थिक परिदृश्य रिपोर्ट 2026 के प्रमुख बिंदु
आर्थिक वृद्धि:
- भारत की आर्थिक वृद्धि दर वर्ष 2026 में 7.4% और वर्ष 2027 में 7% रहने का अनुमान लगाया गया।
- वैश्विक आर्थिक वृद्धि दर वर्ष 2026 में 3.1% और वर्ष 2027 में 3.4% रहने का अनुमान है।
- उभरते एवं विकासशील एशियाई देशों की वृद्धि दर वर्ष 2026 में 5.1% रहने का अनुमान है।
मुद्रास्फीति:
- भारत में उपभोक्ता कीमतों में वृद्धि की दर वर्ष 2026 में 5% रहने का अनुमान है, जबकि वर्ष 2025 में यह 2% थी।
चालू खाता घाटा:
- भारत का चालू खाता घाटा (Current Account Deficit - CAD) वर्ष 2026 में बढ़कर जीड़ीपी के 1.5% तक पहुँचने का अनुमान है।
क्षेत्रीय आर्थिक परिदृश्य:
- मध्य पूर्व और मध्य एशिया क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में वर्ष 2026 में 0.3% संकुचन होने का अनुमान व्यक्त किया गया है।