Sanskriti Mains Mission: GS Paper - 1

ओडिशा शैली में निर्मित मंदिरों में वास्तुकला की भव्यता के साथ-साथ मूर्तिकला के सौंदर्य के महत्त्वपूर्ण तत्त्व दृष्टव्य है।’ विवेचना कीजिये।

19-Apr-2021 | GS Paper - 1

Solutions:

उत्तर प्रारूप

भूमिका (40-50 शब्द)

मंदिर निर्माण की नागर शैली की एक उपशैली के रूप में चेदि, गंग आदि राजवंशों के काल में विकसित ओडिशा शैली का संक्षिप्त परिचय दीजिये।

मुख्य भाग (140-150 शब्द)

  • ओडिशा शैली के मंदिरों की वास्तुकला की भव्यता के अंतर्गत घुमावदार शिखर (देउल), जगमोहन, नटमंडप, भोगमंडप आदि की चर्चा करें।
  • बाह्य दीवारों पर उकेरी गई भव्य एवं बारीक आकृतियों, कोणार्क के सूर्य मंदिर के रथ रूप में अलंकृत उत्कीर्णन, नृत्य की विभिन्न मुद्राओं में निर्मित मूर्तियों आदि का उल्लेख करते हुए मूर्तिकला के सौंदर्य की चर्चा करें।

निष्कर्ष (40-50 शब्द)

ओडिशा शैली में निर्मित भव्य मंदिरों जैसे- लिंगराज मंदिर, जगन्नाथ मंदिर, कोणार्क मंदिर आदि का उल्लेख करते हुए निष्कर्ष लिखें।

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