प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि योजना   

  • 24th January, 2023
प्रारंभिक परीक्षा के लिए - प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि योजना
मुख्य परीक्षा के लिए, सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र:2 – सरकारी योजनाएँ सरकारी योजनाएँ 

योजना का नाम 

प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि योजना   

आरंभ 

2008

लक्ष्य 

जन औषधि केंद्रों के माध्यम से सस्ती कीमत पर गुणवत्तापूर्ण दवाएँ एवं सर्जिकल सामग्री उपलब्ध कराना

नोडल मंत्रालय 

भारतीय औषधि एवं चिकित्सा उपकरण ब्यूरो (रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय)

क्रियान्वयन क्षेत्र 

सभी राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश 

आधिकारिक बेवसाइट 

janaushadhi.gov.in

प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि योजना   

  • इस योजना को वर्ष2008  में जन औषधि योजना के नाम से प्रारंभ किया गया था।
  • 2015  में 'जन औषधि योजना' को 'प्रधानमंत्री जन औषधि योजना' (PMJAY) के रूप में नया रूप दिया गया।
  • 2016 में, इस योजना को और गति देने के लिए, इसे प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि योजना नाम दिया गया।
  • इसका क्रियान्वयन, भारतीय औषधि एवं चिकित्सा उपकरण ब्यूरो द्वारा किया जा रहा है, जो औषधि विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत कार्य करता है।
  • इस योजना के अंतर्गत, जन औषधि केंद्रों के माध्यम से नागरिकों को जेनेरिक दवाइयां कम मूल्य पर उपलब्ध करवाई जाएंगी, यह दवाइयां ब्रांडेड दवाइयों जितनी ही प्रभावी होंगी। 
  • राज्य सरकारें या कोई भी संगठन/प्रतिष्ठित एनजीओ/ट्रस्ट/निजी अस्पताल/धर्मार्थ संस्थान/डॉक्टर/बेरोजगार फार्मासिस्ट/व्यक्तिगत उद्यमी नए जन औषधि स्टोर के लिए आवेदन करने के लिए पात्र हैं।  
  • पीएमबीजेपी के तहत, एक दवा की कीमत उक्त दवा के शीर्ष तीन ब्रांडों की औसत कीमत के अधिकतम 50% के सिद्धांत पर तय की जाती है। 
    • इस प्रकार, जन औषधि दवाओं की कीमतें ब्रांडेड दवाओं के बाजार मूल्य से कम से कम 50% और कुछ मामलों में 80% से 90% तक कम होती हैं।
  • भारत में, फार्मास्यूटिकल्स विभाग के तहत राष्ट्रीय फार्मास्युटिकल मूल्य निर्धारण प्राधिकरण ब्रांडेड या जेनेरिक सभी दवाओं की कीमतों को नियंत्रित करता है। 
    • यह, दवा (मूल्य नियंत्रण) आदेश 2013 की पहली अनुसूची में निर्दिष्ट अनुसूचित दवाओं की अधिकतम कीमत तय करता है।
    • गैर-अनुसूचित दवाओं के मामले में, निर्माता दवा का अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) तय करने के लिए स्वतंत्र हैं।

उद्देश्य 

  • सभी के लिए सस्ती कीमतों पर गुणवत्तापूर्ण दवाओं, उपभोग्य सामग्रियों और शल्य चिकित्सा वस्तुओं को उपलब्ध कराना और इस तरह उपभोक्ताओं / रोगियों के जेब खर्च को कम करना।
  • जेनरिक दवाओं को जनता के बीच लोकप्रिय बनाना और इस प्रचलित धारणा को दूर करना कि कम कीमत वाली जेनरिक दवाएं घटिया गुणवत्ता की हैं या कम प्रभावी हैं।
  • पीएमबीजेपी केंद्रों के उद्घाटन में व्यक्तिगत उद्यमियों को शामिल करके रोजगार पैदा करना।
  • गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाओं के कवरेज का विस्तार करना, ताकि दवाओं पर होने वाले खर्च को कम किया जा सके और इस तरह प्रति व्यक्ति उपचार की इकाई लागत को कम किया जा सके।
  • सभी उपचारात्मक श्रेणियों में जहां भी आवश्यक हो, कम उपचार लागत और आसान उपलब्धता के माध्यम से बेहतर स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच में सुधार करके जेनेरिक दवाओं की मांग पैदा करना।

प्रमुख विशेषताएं

  • इस योजना के अंतर्गत देश के सभी जिलों को सम्मिलित किया गया है।
  • इस योजना के अंतर्गत, चिकित्सकों के माध्यम से जेनेरिक दवाओं की मांग में वृद्धि की जाएगी।
  • इसके अंतर्गत मार्च 2024 तक देश में10,500  केंद्र स्थापित किये जाएंगे।
  • केंद्र सरकार द्वारा पीएमबीजेपी केंद्रों के मालिकों को प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। 
  • योजना के तहत, उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए, विश्व स्वास्थ्य संगठन –  गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिसेज (WHO-GMP) प्रमाणित आपूर्तिकर्ताओं से दवाएँ खरीदी जाती हैं।
  • इस योजना के अंतर्गत दवा के प्रत्येक बैच का परीक्षण 'राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लेबोरेटरीज' (एनएबीएल) द्वारा मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं में किया जाता है। 
    • गुणवत्ता परीक्षण पास करने के बाद ही दवाएं पीएमबीजेपी केंद्रों को भेजी जाती हैं। 
  • पीएमबीजेपी के लिए एक मोबाइल एप्लिकेशन जनौषधि सुगम लोगों को डिजिटल प्लेटफॉर्म प्रदान करके सुविधा प्रदान करता है।

महत्व 

  • योजना के अंतर्गत 31 जनवरी, 2022 तक पीएमबीजेपी केंद्रों की संख्या बढ़कर 8,675 हो गई है। 
  • वित्तीय वर्ष 2020-21 में, PMBJP ने 665.83 करोड़ रुपये की दवाओं की उपलब्धता प्रदान की। 
    • इससे करीब 100 करोड़ रुपये की बचत हुई, क्योंकि ये दवाएँ औसत बाजार मूल्य से 50% से 90% तक कम दामों में बेची गईं।
  • यह योजना स्थायी और नियमित कमाई के साथ स्वरोजगार का स्रोत भी प्रदान कर रही है।
  • एक सर्वेक्षण के अनुसार प्रति केंद्र प्रति माह औसत बिक्री 1.50 लाख रुपये (ओटीसी और अन्य उत्पादों सहित) हो गई है। 
  • पीएमबीजेपी की उत्पाद बास्केट में 1451 दवाएँ तथा 240 सर्जिकल उपकरण शामिल हैं।
  • योजना के अंतर्गत, नई दवाएँ तथा न्यूट्रास्युटिकल प्रोटीन पाउडर, जौ-आधारित खाद्य पूरक, प्रोटीन बार, इम्युनिटी बार तथा सैनिटाइजर, मास्क, ग्लूकोमीटर, ऑक्सीमीटर जैसे न्यूट्रास्युटिकल उत्पाद लॉन्‍च किए गए हैं।
  • यह योजना अपनी टैगलाइन“ जन औषधि – सेवा भी रोज़गार भी को साकार कर रही है।

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