कोच्चि के बैकवाटर्स में बायोल्यूमिनेसेंस की चमक

चर्चा में क्यों?

  • पिछले कुछ हफ्तों में कोच्चि के कुछ हिस्सों में रात के समय पानी में नीली रोशनी की अद्भुत चमक देखी गई है।
  • यह नीली चमक "बायोल्यूमिनेसेंस" (Bioluminescence) कहलाती है।

बायोल्यूमिनेसेंस:  

  • बायोल्यूमिनेसेंस एक प्राकृतिक घटना है, जिसमें कुछ जीव; जैसे कि प्लवक, खासकर डिनोफ्लैजलेट्स  रात के अंधेरे में नीली या हरी रोशनी छोड़ते हैं। 
  • यह एक रासायनिक प्रतिक्रिया के कारण होता है, जब ल्यूसीफेरेज़ नामक एंजाइम ल्यूसीफेरिन नामक रसायन पर क्रिया करता है।

कोच्चि के बैकवाटर्स में यह घटना क्यों होती है?

  • कोच्चि (केरल) के बैकवाटर्स में यह चमक विशेष प्रकार के डिनोफ्लैजलेट्स की उपस्थिति के कारण देखी जाती है, जैसे Noctiluca scintillans
  • बारिश के मौसम के बाद जब समुद्री जल और मीठे जल का मिश्रण बैकवाटर्स में होता है, तब इन जीवों की संख्या बढ़ जाती है।

अनुभव कैसा होता है?

  • जब कोई नाव या मनुष्य पानी को हिलाता है, तो पानी में नीली-सी रोशनी जगमगाने लगती है।
  • यह दृश्य रात के अंधेरे में समुद्र के तारे जैसे लगता है।

भारत में और कहां देखी जाती है यह घटना?

  • लक्षद्वीप द्वीप समूह
  • अंडमान-निकोबार द्वीप समूह
  • गोवा और महाराष्ट्र के कुछ तटीय हिस्से (जैसे भट्याच डोंगरी)
  • मणिपुर की लोकतक झील में भी कुछ मौकों पर

प्रश्न. हाल ही में कोच्चि के बैकवाटर्स में देखी गई नीली चमक का कारण क्या है?

(a) फॉस्फोरस युक्त कचरे की उपस्थिति

(b) बायोल्यूमिनेसेंस की घटना

(c) जल में अत्यधिक ऑक्सीजन

(d) बैक्टीरिया द्वारा उत्पन्न गैसें

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