पालतू बिल्लियों में बर्ड फ्लू (H5N1) की पुष्टि

चर्चा में क्यों?

  • मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में बिल्लियों में बर्ड फ्लू (H5N1) के मामले की पुष्टि हुई है। 
  • इसके अलावा, अमेरिका के वॉशिंगटन में भी दो पालतू बिल्लियां संक्रमित पाई गई हैं। 
  • यह वायरस मुख्य रूप से पक्षियों को प्रभावित करता है।
  • स्तनधारियों में इसके फैलने की घटनाओं ने वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ा दी है।

 छिंदवाड़ा में संक्रमित बिल्लियों के लक्षण और वायरस की पहचान:

  • तेज बुखार
  • भूख न लगना
  • अत्यधिक सुस्ती
  • लक्षण दिखने के 1-3 दिन के भीतर मृत्यु
  • वैज्ञानिकों ने वायरस की पहचान 2.3.2.1a लीनेज से की है।
  • यह भारत में पोल्ट्री संक्रमण के लिए जिम्मेदार स्ट्रेन है।

बर्ड फ्लू से जुड़े संभावित खतरे:

  • बर्ड फ्लू वायरस 1996 से विकसित हो रहा है और अब यह पक्षियों से स्तनधारियों में फैल रहा है। 
  • इंसान से इंसान में इसका संक्रमण अभी तक नहीं फैला है।
    • वायरस में चल रहे म्यूटेशन से संभावित महामारी का खतरा बढ़ सकता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार:

  • एवियन इन्फ़्लूएंज़ा या बर्ड फ़्लू मुख्य रूप से पक्षियों को प्रभावित करता है।
  • मनुष्यों में संक्रमण फैलना दुर्लभ है।
  • संक्रमित पशुओं या दूषित सतहों के संपर्क से यह फैल सकता है।

बर्ड फ्लू से बचाव के उपाय:

  1. कच्चे मांस और दूध से बचें – पालतू जानवरों को कच्चा भोजन न दें।
  2. सफाई का ध्यान रखें – नियमित रूप से हाथ धोएं और स्वच्छता बनाए रखें।
  3. बीमार जानवरों से दूरी बनाए रखें – किसी भी संदिग्ध लक्षण दिखने पर पशु चिकित्सक से संपर्क करें।
  4. सुरक्षित भोजन का सेवन करें – अच्छी तरह से पका हुआ मांस और अंडे खाएं।
  5. संक्रमित क्षेत्रों से बचें – जहाँ बर्ड फ्लू के मामले सामने आए हैं, वहाँ जाने से बचें।

प्रश्न. हाल ही में बर्ड फ्लू (H5N1) के मामले भारत में किस स्थान पर पाए गए?

(a) भोपाल

(b) छिंदवाड़ा

(c) दिल्ली

(d) पुणे

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