वित्त वर्ष 2024 में भारत को प्राप्त धन प्रेषण में अमेरिका, ब्रिटेन, सिंगापुर, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसी उन्नत अर्थव्यवस्थाओं का योगदान खाड़ी देशों से अधिक हो गया।
यह प्रवासन पैटर्न में बदलाव को दर्शाता है।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के "भारत के धन प्रेषण सर्वेक्षण 2023-24" के अनुसार, इन उन्नत अर्थव्यवस्थाओं से आने वाला धन भारत के कुल धन प्रेषण का आधे से अधिक हो गया है।
यह बदलाव खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के देशों से धन प्रेषण में गिरावट के संकेत देता है।
GCC देशों का योगदान घटा, अमेरिका सबसे आगे
खाड़ी सहयोग परिषद (GCC - संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, कुवैत, कतर, ओमान और बहरीन) से धन प्रेषण का योगदान 38% रहा, जबकि अमेरिका का योगदान बढ़कर 27.7% हो गया, जो 2021-22 में 23.4% था।
भारत को भेजे गए कुल धन में शीर्ष योगदानकर्ता देश (2023-24)
संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) – 27.7% (2021-22 में 23.4%)
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) – 19.2% (2021-22 में 18%)
यूनाइटेड किंगडम (UK) – 10.8% (2021-22 में 6.8%)
सऊदी अरब – 6.7%
सिंगापुर – 6.6%
कुवैत – 3.9%
कतर – 4.1%
कनाडा – 3.8%
ओमान – 2.5%
ऑस्ट्रेलिया – 2.3%
RBI की रिपोर्ट और सर्वेक्षण
भारतीय रिजर्व बैंक के मार्च 2025 के मासिक बुलेटिन में प्रकाशित इस सर्वेक्षण में 30 बैंक, दो प्रमुख मनी ट्रांसफर ऑपरेटर और दो फिनटेक कंपनियां शामिल थीं।
इन संस्थानों ने कुल प्रेषण का लगभग 99% हिस्सा प्राप्त किया।
प्रश्न - RBI के "भारत के धन प्रेषण सर्वेक्षण 2023-24 के अनुसार वर्ष 2024 में भारत को सबसे ज्यादा धन किस देश से प्राप्त हुआ ?