प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने विपणन सीजन 2025-26 के लिए कच्चे जूट के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को मंजूरी दी है।
प्रमुख बिंदु:
2025-26 सीज़न के लिए कच्चे जूट (टीडी-3 श्रेणी) का एमएसपी, 5,650 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।
विपणन सीजन 2025-26 के लिए कच्चे जूट का एमएसपी, पिछले विपणन सीजन 2024-25 की तुलना में 315 रुपये प्रति क्विंटल अधिक है।
वर्ष 2014-15 में कच्चे जूट का एमएसपी 2400 रुपये प्रति क्विंटल था।
न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP):
वह दर है जिस पर सरकार किसानों से उनकी फ़सल खरीदती है।
यह किसानों की उत्पादन लागत से कम से कम डेढ़ गुना ज़्यादा होता है।
MSP की शुरुआत:
इसकी शुरुआत वर्ष 1966-67 में गेहूं के लिए हुई थी।
किन फसलों पर दिया जाता है MSP:
कृषि लागत और मूल्य आयोग द्वारा सरकार MSP के लिए सिफारिश करती है।
गन्ने के लिये 'उचित और लाभकारी मूल्य' (FRP) की सिफारिश की जाती है।
फसलों की सूची:
अनाज फसल - 7
धान, गेहूँ, जौ, ज्वार, बाजरा, मक्का और रागी
दाल - 5
चना, अरहर, मूँग, उड़द और मसूर की दाल
तिलहन - 8
मूँगफली, सरसों, तोरिया (लाही), सोयाबीन, सूरजमुखी के बीज, तिल, कुसुम का बीज, रामतिल का बीज
कच्ची कपास, कच्चा जूट, नारियल, सूखा नारियल
गन्ना (उचित और लाभकारी मूल्य)
प्रश्न. विपणन सीजन 2025-26 के लिए कच्चे जूट का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) क्या है?