हाल ही में डीआरडीओ और भारतीय नौसेना ने ओडिशा के चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज (आईटीआर) से वीएलएसआरएसएएम(Vertical Launch Short Range Surface-to-Air Missile) मिसाइल का सफल परीक्षण किया।
मिसाइल ने भूमि-आधारित लंबवत प्रक्षेपक से दागे जाने के बाद कम ऊंचाई पर उच्च गति वाले हवाई लक्ष्य को सफलतापूर्वक नष्ट किया।
वीएलएसआरएसएएम का यह सफल परीक्षण भारतीय नौसेना की हवाई खतरों से निपटने की क्षमता को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
वीएलएसआरएसएएम मिसाइल की विशेषताएँ
यह मिसाइल पूरी तरह से भारत में विकसित की गई है, जिससे देश की आत्मनिर्भरता बढ़ती है।
इसे भारतीय नौसेना के युद्धपोतों से दागे जाने के लिए विकसित किया गया है।
यह मिसाइल युद्धपोतों से वर्टिकल लॉन्च करने के लिए डिज़ाइन की गई है, जिससे इसे जहाजों पर आसानी से तैनात किया जा सकता है।
यह मिसाइल लड़ाकू जेट, हेलीकॉप्टर, ड्रोन (यूएवी) और समुद्र में उड़ने वाली मिसाइलों को नष्ट करने में सक्षम है।
यह प्रणाली सभी दिशाओं से आने वाले हवाई खतरों का 360 डिग्री सुरक्षा कवच प्रदान करती है।
इसमें द्वि-मोड (Dual-Mode) सीकर तकनीक है, जिससे यह लक्ष्य को सटीक रूप से भेद सकती है।
सक्रिय रडार होमिंग सिस्टम से लैस, जो मिसाइल को स्वायत्त रूप से लक्ष्य का पीछा करने और नष्ट करने की क्षमता प्रदान करता है।
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO):
यह भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय की अनुसंधान एवं विकास विंग है।
इसका गठन वर्ष 1958 में किया गया था।
इसका मुख्यालय दिल्ली में है।
इसका उद्देश्य अत्याधुनिक रक्षा प्रौद्योगिकियों के साथ भारत को सशक्त बनाना है।
प्रश्न. हाल ही में किस संगठन ने भारतीय नौसेना के साथ मिलकर VL-SRSAM मिसाइल का सफल परीक्षण किया?