केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने "वाटरशेड यात्रा" का शुभारंभ किया।
यह अभियान प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (WDC-PMKSY 2.0) के अंतर्गत वाटरशेड विकास गतिविधियों में लोगों की भागीदारी बढ़ाने और जागरूकता पैदा करने के लिए शुरू किया गया।
वाटरशेड यात्रा:
यात्रा में 805 परियोजनाओं को शामिल किया गया।
इसमें 60 से 90 दिनों तक वैन अभियान चलेगा।
यह यात्रा 26 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों में 6673 ग्राम पंचायतों (13587 गांवों) को कवर करेगी।
वाटरशेड पंचायत के तहत विशेषज्ञों द्वारा टिकाऊ मृदा एवं जल प्रबंधन प्रथाओं पर चर्चा की जाएगी।
8000 से अधिक लोगों को सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने परियोजनाओं के कार्यान्वयन में योगदान दिया।
वाटरशेड यात्रा के दौरान प्रमुख गतिविधियाँ:
नए कार्यों का भूमि पूजन और पूर्ण कार्यों का लोकार्पण।
वाटरशेड महोत्सव और पंचायतों का आयोजन।
परियोजना क्षेत्रों में मार्गदर्शकों को पुरस्कार एवं मान्यता।
भूमि-जल पिच और श्रमदान कार्यक्रमों का आयोजन।
आम जनता तक सतत संसाधन प्रबंधन का संदेश पहुँचाने का प्रयास।
वाटरशेड विकास घटक- प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 (WDC-PMKSY 2.0)
यह प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) के तहत वाटरशेड विकास घटक है।
यह योजना 2021-2026 की अवधि के लिए लागू की गई है।
इसे ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित किया जाता है।
इसका उद्देश्य:
जल संसाधनों का सतत प्रबंधन करना
भूमि संरक्षण और कृषि उत्पादकता को बढ़ाना
भूमि सुधार और सिंचाई क्षमता में वृद्धि करना
कृषि, वनीकरण और जल संसाधन प्रबंधन को एकीकृत करना
प्रश्न. "वाटरशेड यात्रा" किस योजना के अंतर्गत शुरू की गई है?
(a) मनरेगा
(b) प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (WDC-PMKSY 2.0)