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Sanskriti Mains Mission: GS Paper - 1

19वीं शताब्दी के उत्तरार्द्ध में भारतीय राष्ट्रीयता के उदय में आर्थिक एवं सामाजिक कारकों का परीक्षण कीजिये। (250 शब्द)

01-Oct-2021 | GS Paper - 1

Solutions:

उत्तर प्रारूप

भूमिका ( 40- 50 शब्द)

19वीं सदी के उत्तरार्द्ध में राष्ट्रीय चेतना    के तीव्र विकास ने स्वतंत्रता का मार्ग प्रशस्त किया; इसे संक्षेप में परिभाषित करें।

मुख्य भाग (130-150 शब्द)

  • राष्ट्रीयता के उदय में आर्थिक कारकों जैसे- भारतीय अर्थव्यवस्था का औपनिवेशिक अर्थव्यवस्था में रूपांतरण, देशी उद्योगों का विनाश, धन निष्कासन, अकाल, महामारी का प्रभाव, राष्ट्रवादियों द्वारा ब्रिटिश आर्थिक नीतियों की समीक्षा, अखिल भारतीय स्तर पर व्यापार एवं उद्योगों की स्थापना इत्यादि की चर्चा करें।
  • सामाजिक कारकों जैसे- मध्यवर्गीय बुद्धजीवियों का उत्थान, सामाजिक तथा धार्मिक सुधार आंदोलन, नस्लीय विभेद की नीति, नवीन पूंजीपति वर्ग का उदय जैसे बिंदुओं की चर्चा करें।

निष्कर्ष ( 20- 30 शब्द )

राष्ट्रीयता के उदय ने ब्रिटिश शोषण को उजागर किया। अतः औपनिवेशिक शासन से मुक्ति का उल्लेख करते हुए निष्कर्ष लिखें।

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