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Sanskriti Mains Mission: GS Paper - 3

स्वतंत्रता के पश्चात भारत में खाद्य सुरक्षा प्राप्त करने में सार्वजनिक वितरण प्रणाली  (PDS) की महत्त्वपूर्ण भूमिका के बावजूद इस प्रणाली को कई आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। आलोचना के कारण एवं उनको दूर करने के उपायों पर विचार कीजिये। (250 शब्द)

09-Oct-2021 | GS Paper - 3

Solutions:

उत्तर प्रारूप 

भूमिका (40-50 शब्द)

सार्वजनिक वितरण प्रणाली को संक्षेप में बताते भूमिका लिखें।

मुख्य भाग (140-150 शब्द)

  • खाद्य सुरक्षा के प्रयासों में 1947 में प्रारंभ पी.डी.एस. (PDS) वर्ष 1992 में प्रारंभ आर.पी.डी.एस.(RPDS), वर्ष 1997 में प्रारंभ टी. पी. डी. एस.(TPDS) तथा लक्षित समूहों के साथ आवश्यक वस्तुओं (जैसे चावल, गेहूँ, मिट्टी तेल, चीनी) की चर्चा करें।
  • आलोचना जैसे- प्रणाली में व्याप्त भ्रष्टाचार, लीकेज की समस्या, वस्तुओं की दोहरी कीमत, राजकोष पर बढ़ता दबाव, क्षेत्रीय विषमता (दक्षिण भारतीय राज्यों का अच्छा निष्पादन), भारतीय खाद्य निगम (FCI) की समस्याएँ, बायोमेट्रिक पहचान की समस्या, लक्षित व्यक्ति की पहचान, खाद्यान्न वितरण की अनियमितता, तकनीकी कमी, कालाबाज़ारी इत्यादि की चर्चा करें।
  • सुधार, जैसे- एक राष्ट्र एक राशन कार्ड, लक्षित व्यक्ति के पहचान के लिये बायोमेट्रिक, एफ.सी.आई. के ट्रक में ट्रैकिंग उपकरण का प्रयोग तथा वित्तीय प्रबंधन तथा प्रचलनात्मक कुशलता के लिये शांता कुमार समिति के सिफ़ारिश इत्यादि की चर्चा करें। 

निष्कर्ष (40-50 शब्द)

पी.डी.एस. की आवश्यकता एवं प्रासंगिकता का उल्लेख करते हुए संक्षेप में निष्कर्ष लिखें।

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