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Sanskriti Mains Mission: GS Paper - 2

भारत के संदर्भ में हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) के महत्त्व को रेखांकित करते हुए, इसके समक्ष उत्पन्न चुनौतियों के सम्बंध में भारत द्वारा उठाए गए कदमों की चर्चा कीजिये।

26-Nov-2020 | GS Paper - 2

Solutions:

उत्तर प्रारूप

भूमिका (30-40 शब्द)

हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की भौगोलिक अवस्थिति को स्पष्ट करें। इस क्षेत्र में निवास करने वाली जनसंख्या और हिंद महासागर क्षेत्र में संपन्न होने वाले भारत सहित वैश्विक व्यापार के आँकड़े प्रस्तुत करें, जैसे- इसके तटवर्ती देशों में 40% जनसंख्या निवास करती है तथा भारत के कुल व्यापार और तेल आयात का 90% संपन्न होता है आदि।

मुख्य भाग (120-140 शब्द)

  • हिंद महासागर क्षेत्र के महत्त्व के अंतर्गत निम्नलिखित तथ्यों को लिखें-

1. भू-सामरिक स्थिति – कनेक्टिविटी, चोक पॉइंट्स, चीन द्वारा विभिन्न बंदरगाहों का विकास आदि।
2. आर्थिक एकीकरण – अफ्रीका, ओसिनिया और आसियान देशों के साथ व्यापारिक सम्बंध।
3. सुरक्षा- समुद्री मार्गों से आतंकी हमले, चीन की उपस्थिति
4. समुद्री संसाधन – ब्लू इकॉनमी, डीप सी माइनिंग
5. भू-राजनीतिक – इंडो-पेसिफिक

  • चुनौतियों के अंतर्गत निम्नलिखित बिंदुओं को शामिल करें –

1. समुद्री रास्ते मानव एवं ड्रग्स की तस्करी
2. शरणार्थी संकट
3. समुद्री डकैती
4. जलवायु परिवर्तन के उदाहरण
5. चीनी आक्रमकता

निष्कर्ष (50-60 शब्द)

भारत द्वारा उठाए गए कदमों, जैसे- चांगी, एगलिगा आदि बंदरगाहों तक पहुँच, यू.एस.ए. तथा फ्रांस के साथ सैन्य और तकनीकी समझौते, भारत की सागर नीति (SAGAR), और इंडियन ओशन रिम एसोसिएशन (IORA), बिम्सटेक संगठनों की सदस्यता आदि को अपने निष्कर्ष में शामिल करें।

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