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Sanskriti Mains Mission: GS Paper - 3

वन प्रमाणीकरण से क्या अभिप्राय है? वन प्रमाणीकरण के प्रकारों का उल्लेख करते हुए वनों के संधारणीय प्रबंधन की आवश्यकता को रेखांकित कीजिए। (सामान्य अध्ययन, पेपर 3,शब्द सीमा 250)

22-Feb-2024 | GS Paper - 3

Solutions:

उत्तर प्रारूप

भूमिका

  • वन प्रमाणीकरण के अभिप्राय को स्पष्ट कीजिए,जैसे: वनों के संधारणीय उपयोग और प्रबंधन को बढ़ावा देने तथा उपभोक्ताओं को संधारणीय रूप से उत्पादित उत्पादों के बारे में सूचित करने वाली बाजार आधारित एक व्यवस्था है, आदि का उल्लेख करते हुए संक्षिप्त भूमिका लिखें।

मुख्य भाग 

  • वन प्रमाणीकरण के प्रकारों का उल्लेख कीजिए,जैसे: वन प्रमाणीकरण के वन प्रमाणीकरण दो प्रकार के होते हैं: वन प्रबंधन का प्रमाणीकरण( इसके तहत यह आकलन किया जाता है कि वनों का प्रबंधन निर्धारित मानकों के अनुसार किया जा रहा है अथवा नहीं) और चैन ऑफ कस्टडी का प्रमाणीकरण( इसके तहत यह सुनिश्चित किया जाता है कि जिन उत्पादों को प्रमाणित सामग्री के रूप में सत्यापित किया गया है, उसे गैर-प्रमाणित या गैर-नियंत्रित सामग्री से अलग रखा जाए),आदि।
  • वनों के संधारणीय प्रबंधन की आवश्यकता,यथा:जैव विविधता का संरक्षण,जलवायु परिवर्तन से निपटना, सामुदायिक विकास, वनाग्नि प्रबंधन, पारंपरिक ज्ञान क्योंकि औषधीय पौधों और पारंपरिक ज्ञान के स्रोत हैं, आदि।

निष्कर्ष

  • वन प्रमाणीकरण की विशेषताओं का उल्लेख करते हुए निष्कर्ष लिखें।
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