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Sanskriti Mains Mission: GS Paper - 1

मंदिर निर्माण कला की बेसर स्थापत्य शैली नागर और द्रविड़ स्थापत्य शैली का संतुलित समन्वय है। विवेचना कीजिये। (200 शब्द)

18-Oct-2021 | GS Paper - 1

Solutions:

उत्तर प्रारूप

भूमिका- (30-40 शब्द)

बेसर शैली का संक्षिप्त परिचय देते हुए भूमिका लिखें।

मुख्य भाग- (100-120 शब्द)

  • कृष्णा नदी से विंध्य क्षेत्र के मध्य स्थित चालुक्य वंश एवं होयसल वंश द्वारा बादामी, पड्कल तथा कल्याणी के विरूपाक्ष मंदिर, मेगुती मंदिर, लाडखान मंदिर एवं दुर्गा मंदिर आदि की चर्चा करें।
  • बेसर शैली के मंदिर की विशेषताएँ, जैसे- सूक्ष्म आधार तल, वर्गाकार गर्भ गृह, मंडप, मुख्य मंडप, शिखर तथा विमान की चर्चा करें।
  • समन्वय के तत्त्व के अंतर्गत नागर शैली के तत्त्वों में तीर्थ (shrine), सहायक तीर्थ (subsidary shrine), गर्भ गृह को मंडप से जोड़ना, स्तंभ, शिखर आदि की चर्चा करें।
  • समन्वय की द्रविड़ शैली के तत्त्वों में विमान, पिरामिडनुमा शिखर, दीवारों पर सूक्ष्म भित्तिचित्र तथा अलंकरण आदि की चर्चा करें।

निष्कर्ष- (30-40 शब्द)

स्थानीय तत्त्वों का समावेश एवं अनुकूलताओं के स्वरूपगत विशिष्टता का उल्लेख करते हुए संक्षेप में निष्कर्ष लिखें।

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