Current Affairs 05-Aug-2025
हांगकांग ने स्टेबलकॉइन के लिए एक नियामक ढांचा स्थापित करके वर्चुअल एसेट इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। यह कदम 1 अगस्त, 2025 को लागू हुए स्टेबलकॉइन्स ऑर्डिनेंस के साथ प्रभावी हुआ, जिसका उद्देश्य हांगकांग की वित्तीय ताकत को और बढ़ाना है।
Current Affairs 05-Aug-2025
गुजरात के कांडला में स्थित दीनदयाल बंदरगाह प्राधिकरण (DPA) ने भारत का पहला स्वदेशी 'मेक इन इंडिया' 1 मेगावाट हरित हाइड्रोजन संयंत्र शुरू किया है।
Current Affairs 05-Aug-2025
2025 में पहली बार बिम्सटेक पारंपरिक संगीत महोत्सव का आयोजन नई दिल्ली के भारत मंडपम में किया गया।
Current Affairs 05-Aug-2025
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झामुमो (झारखंड मुक्ति मोर्चा) के संस्थापक संरक्षक शिबू सोरेन का 81 वर्ष की आयु में निधन हो गया।
Current Affairs 05-Aug-2025
तेलंगाना राज्य में जुलाई 2025 के दौरान “ऑपरेशन मुस्कान-XI” चलाया गया, जिसका उद्देश्य शोषण और खतरनाक परिस्थितियों में फंसे बच्चों की पहचान, बचाव और पुनर्वास करना था।
Current Affairs 04-Aug-2025
कॉमनवेल्थ स्पोर्ट ने घोषणा की है कि माल्टा वर्ष 2027 के अंत में आयोजित होने वाले आठवें कॉमनवेल्थ यूथ गेम्स (CYG) की मेज़बानी करेगा।
Current Affairs 04-Aug-2025
हाल के वर्षों में हिमाचल प्रदेश बाढ़, भूस्खलन एवं अनियंत्रित मानवीय गतिविधियों के कारण पर्यावरणीय आपदाओं का सामना कर रहा है। सर्वोच्च न्यायालय ने इस मुद्दे पर गंभीर चिंता व्यक्त की है और स्थिति में सुधार न होने पर ‘पूरे हिमाचल प्रदेश को नक्शे से गायब होने’ की चेतावनी दी है।
Current Affairs 04-Aug-2025
तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के नेतृत्व वाली एन.डी.ए. सरकार ने अपने ‘सुपर सिक्स’ चुनावी वादों में से एक के रूप में ‘अन्नदाता सुखीभव योजना’ को 2 अगस्त, 2025 को आंध्र प्रदेश में लागू किया।
Current Affairs 04-Aug-2025
तमिलनाडु सरकार द्वारा कल्याणकारी योजनाओं के नामकरण और प्रचार सामग्री में जीवित व्यक्तियों का नाम एवं राजनीतिक प्रतीकों का उपयोग एक विवादास्पद मुद्दा बन गया है। विपक्षी सांसद सी.वी. शनमुगम द्वारा दायर जनहित याचिका (PIL) के आधार
Current Affairs 04-Aug-2025
भारत में कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न एक गंभीर मुद्दा है, जिसे संबोधित करने के लिए यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध एवं निवारण) अधिनियम, 2013 (POSH Act) लागू किया गया है। हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय ने राजनीतिक दलों को POSH अधिनियम के दायरे में लाने की माँग करने वाली एक याचिका को खारिज कर दिया है।
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