15-Jun-2021
हाल ही में, लक्षद्वीप द्वीप समूह में नए प्रशासक द्वारा पारित कानूनों और सुधारों का स्थानीय स्तर पर विरोध हो रहा है। इन सबके बीच, एक महत्त्वपूर्ण और वास्तविक मुद्दा जलवायु परिवर्तन की तेज़ी से बढ़ती हुई समस्या है।
15-Jun-2021
हाल ही में, उच्चतम न्यायालय ने 'स्किन-टू-स्किन कॉन्टैक्ट' की उस व्याख्या पर रोक लगा दी है जो बंबई उच्च न्यायालय ने की थी।
15-Jun-2021
हाल ही में, भारतीय रिज़र्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास की अध्यक्षता में हुई बैठक में सरकार को 99,122 करोड़ रुपए के अधिशेष को हस्तांतरित करने का निर्णय लिया गया। साथ ही, इस बैठक में आकस्मिक जोखिम बफर (Contingency Risk Buffer) को 5.5 प्रतिशत पर बनाए रखने का भी निर्णय लिया गया है।
14-Jun-2021
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, आदर्श वज़न को बनाए रखना 21वीं सदी की सबसे बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौतियों में से एक है। यह चुनौती ‘नेशनल ब्यूरो ऑफ़ इकोनॉमिक रिसर्च’ (National Bureau of Economic Research – NBER) द्वारा जारी किये गए वर्किंग पेपर के निष्कर्ष से संदर्भित है।
14-Jun-2021
कोविड-19 महामारी के भयावह परिणाम होने के बावज़ूद लोगों के मन में इसकी वैक्सीन को लेकर असमंजस का माहौल बना हु
14-Jun-2021
हाल ही में, केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों के लिये ‘परफॉरमेंस ग्रेडिंग इंडेक्स’ (PGI) 2019-20 जारी किया है।
14-Jun-2021
वर्ष 2021 में होने वाले 13वें ब्रिक्स शिखर सम्मलेन की अध्यक्षता भारत को सौंपी गई है। वर्ष 2012 एवं 2016 के बाद यह तीसरा अवसर होगा जब भारत ब्रिक्स शिखर सम्मलेन की अध्यक्षता करेगा। “ब्रिक्स@15: निरंतरता, समेकन और आम सहमति के लिये ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग” इस सम्मलेन की थीम है।
12-Jun-2021
हाल ही में, नीति आयोग ने सतत विकास लक्ष्य से संबंधित ‘एस.डी.जी. इंडिया इंडेक्स और डैशबोर्ड’ का तीसरा संस्करण जारी किया।
12-Jun-2021
जून 2021 के प्रथम सप्ताह में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने किराएदारी से संबंधित ‘आदर्श किराएदारी अधिनियम’ (Model Tenancy Act- MTA) की मंजूरी दे दी है। इसे राज्यों और संघ राज्यक्षेत्रों के लिये जारी किया जा रहा है, ताकि वे मौजूदा किराएदारी कानूनों में अपने हिसाब से संशोधन कर सकें या नया कानून बना सकें।
12-Jun-2021
हाल ही में, केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों को मनरेगा के अंतर्गत किये जाने वाले भुगतान को चालू वित्त वर्ष (2021-22) से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य के लिये अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित करने के लिये कहा है।
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